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बादल सरकार के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट को रिव्यू करेंगे सिद्धू

Mon, 24 Apr 2017 09:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 24 Apr 2017 09:40 AM IST
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Sidhu will revise the solid waste management project of badal government
- फोटो : File Photo
पंजाब की पूर्व अकाली-भाजपा सरकार के अति महत्वपूर्ण सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट को स्थानीय निकायमंत्री नवजोत सिद्धू रिव्यू करेंगे। उसके बाद ही इसे नए सिरे से लागू किया जाएगा। निकाय विभाग ने सिद्धू की इस अहम प्राथमिकता पर काम करना शुरू कर दिया है।
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अकाली-भाजपा सरकार ने कूड़े के निस्तारण और उससे बिजली या अन्य पदार्थों के उत्पादन के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट शुरू किया था। जिसमें पीपीपी मोड के तहत कंपनियों को 25 साल तक संचालन की जिम्मेदारी दी जानी थी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने भी इस प्रोजेक्ट की सराहना की थी। इसके तहत पंजाब को आठ क्लस्टरों में बांटा गया था। इनमें पठानकोट, अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, बठिंडा, पटियाला, फिरोजपुर और गमाडा शामिल थे। 
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प्रोजेक्ट का संचालन करने वाली कंपनी को ही घरों से कूड़ा उठाना था। फिर एक डंपिंग प्वाइंट पर कूड़ा अलग किया जाना था। फिर उसे प्लांट पहुंचाया जाना था, जहां कूड़े से बिजली या अन्य चीजों का निर्माण होना था। इस प्रोजेक्ट में सभी दस नगर निगम, 25 नगर काउंसिल और 58 नगर पंचायतों को कवर किया जाना था, लेकिन डंपिंग ग्राउंड को लेकर यह प्रोजेक्ट विवादों में घिर गया। 
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जालंधर कैंट के विधायक परगट सिंह और अमृतसर ईस्ट के विधायक इंदर बीर सिंह बोलारिया ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उनका कहना था कि इलाका वासी डंपिंग ग्राउंड का विरोध कर रहे हैं, उसे शिफ्ट किया जाए। विरोध इतना बढ़ा कि दोनों को अकाली दल को अलविदा कहना पड़ा। परगट ने सिद्धू के साथ मिलकर सियासी फ्रंट बनाया था। आज परगट और बोलारिया, दोनों सत्ताधारी कांग्रेस में हैं। इसलिए यह तय माना जा रहा है कि अमृतसर और जालंधर के डंपिंग ग्राउंड की साइटें शिफ्ट होंगी। 

ये है आठों क्लस्टर की स्थिति

Sidhu will revise the solid waste management project of badal government
बठिंडा में इसे लेकर विवाद हुआ, लेकिन एनजीटी ने फैसला सरकार के पक्ष में दिया। गमाडा क्लस्टर में गांव समगौली में जमीन एक्वायर कर ली गई, लेकिन इलाकावासियों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अधिग्रहण रद्द कर दिया। आठ में से अब तक सिर्फ एक बठिंडा क्लस्टर का काम शुरू हुआ है। घरों से कूड़ा उठाने का काम कुछ जगह कंपनियों ने शुरू कर दिया है, बाकी जगह निगम या काउंसिलें कर रही हैं।
 
ये है आठों क्लस्टर की स्थिति
लुधियाना : 14 स्थानीय निकायों को जोड़ा गया, जमीन दी गई, काम शुरू नहीं
जालंधर : 27 निकाय जोड़े गए, विरोध के चलते नहीं शुरू हुआ काम
बठिंडा : 16 निकाय जोड़े, एनजीटी के आदेश के बाद काम शुरू
फिरोजपुर : 16 निकाय जोड़े, सिर्फ कलेक्शन और ट्रांसपोर्टेशन शुरू
अमृतसर : आठ निकाय जोड़े, विरोध के कारण शुरू नहीं हुआ काम
गमाडा : 18 निकाय जोड़े, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया अधिग्रहण
पटियाला : 25 निकाय जोड़े, नहीं शुरू हुआ काम
पठानकोट : 13 निकाय जोड़े, काम नहीं शुरू हुआ

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट मेरी टॉप प्रायरिटी में है। स्वीडन में 50 फीसदी बिजली कूड़े से बनती है। यहां कुछ क्लस्टर में डंपिंग ग्राउंड की जमीन का विरोध था। प्रोजेक्ट रिव्यू किया जा रहा है, जल्द नए सिरे से शुरू किया जाएगा।
- नवजोत सिद्धू, स्थानीय निकाय मंत्री, पंजाब।
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