{"_id":"5b58c32a4f1c1b51748b70e8","slug":"si-and-head-constable-and-constable-line-spot-in-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":" 30 लाख रिश्वत लेने के मामले में गिरी गाज, एसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल लाइन हाजिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
30 लाख रिश्वत लेने के मामले में गिरी गाज, एसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल लाइन हाजिर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 26 Jul 2018 09:41 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिटक्वाइन घोटाले की जांच कर रहे साइबर सेल में तैनात सबइंस्पेक्टर नवीन फोगाट को उच्चाधिकारियों के आदेश पर लाइन हाजिर कर दिया गया है। उनके साथ ही हेड कांस्टेबल रमेश और कांस्टेबल संदीप को भी लाइन हाजिर किया गया है।
सूत्रों के अनुसार तीनों पर बिटक्वाइन घोटाले में गिरफ्तार आरोपी संचित अलाग को केस से बचाने की एवज में 30 लाख रुपये लेने का आरोप है। वहीं अभी मामले में इतने ही पैसे कुछ दिन बाद देने की भी बात सामने आई है। मामले में साइबर सेल के पूर्व इंचार्ज रहे एक इंस्पेक्टर की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। फिलहाल विभागीय तौर पर अंदरखाते पूरे मामले की जांच चल रही है।
सूत्रों के अनुसार बिटक्वाइन घोटाले की जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर नवीन पर एक इंस्पेक्टर के साथ मिलीभगत कर मामले में गिरफ्तार दिल्ली निवासी आरोपी संचित को बचाने की कोशिश की सूचना आलाधिकारियों तक पहुंची थी। अधिकारियों ने अंदरखाते जांच करवाई तो इसे सही पाया। केस की जांच से जुड़े कुछ दस्तावेज गायब थे। वहीं जांच अधिकारी पर एक इंस्पेक्टर के साथ मिलकर आरोपी के परिजनों से 30 लाख रुपये लेने की सूचना भी मिली।
विज्ञापन
मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद फौरन एसआई को लाइन हाजिर करने के आदेश गुपचुप तरीके से जारी कर दिए गए। वहीं मामले में हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल की भूमिका भी संदिग्ध लगने पर उन्हें भी फिलहाल लाइन हाजिर किया गया है। इसके अलावा इंस्पेक्टर की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वहीं उच्चाधिकारियों से इस बारे में बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कोई भी जवाब देने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार तीनों पर बिटक्वाइन घोटाले में गिरफ्तार आरोपी संचित अलाग को केस से बचाने की एवज में 30 लाख रुपये लेने का आरोप है। वहीं अभी मामले में इतने ही पैसे कुछ दिन बाद देने की भी बात सामने आई है। मामले में साइबर सेल के पूर्व इंचार्ज रहे एक इंस्पेक्टर की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। फिलहाल विभागीय तौर पर अंदरखाते पूरे मामले की जांच चल रही है।
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार बिटक्वाइन घोटाले की जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर नवीन पर एक इंस्पेक्टर के साथ मिलीभगत कर मामले में गिरफ्तार दिल्ली निवासी आरोपी संचित को बचाने की कोशिश की सूचना आलाधिकारियों तक पहुंची थी। अधिकारियों ने अंदरखाते जांच करवाई तो इसे सही पाया। केस की जांच से जुड़े कुछ दस्तावेज गायब थे। वहीं जांच अधिकारी पर एक इंस्पेक्टर के साथ मिलकर आरोपी के परिजनों से 30 लाख रुपये लेने की सूचना भी मिली।
विज्ञापन
मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद फौरन एसआई को लाइन हाजिर करने के आदेश गुपचुप तरीके से जारी कर दिए गए। वहीं मामले में हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल की भूमिका भी संदिग्ध लगने पर उन्हें भी फिलहाल लाइन हाजिर किया गया है। इसके अलावा इंस्पेक्टर की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वहीं उच्चाधिकारियों से इस बारे में बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कोई भी जवाब देने से इंकार कर दिया।