जूनियर विश्व चैंपियनशिप: चंडीगढ़ की गनीमत सेखों ने रचा इतिहास...चांदी के बाद अब सोना भी झटका
गनीमत सेखों का जूनियर वर्ग में यह आखिरी टूर्नामेंट था। जूनियर वर्ग के आखिरी टूर्नामेंट को उन्होंने स्वर्ण और रजत पदक जीतकर यादगार बना दिया। गनीमत अभी 20 वर्ष की हैं। नवंबर में वह 21 वर्ष की हो जाएंगी। इसके बाद से वह सीनियर वर्ग में खेलेंगी।
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चंडीगढ़ की निशानेबाज गनीमत सेखों ने आईएसएसएफ जूनियर विश्व चैंपियनशिप की स्कीट निशानेबाजी स्पर्धा में लगातार दो पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। शनिवार को टीम इवेंट में उन्होंने स्वर्ण पदक पर निशाना साधा। शुक्रवार को एकल वर्ग में उन्होंने रजत पदक जीता था।
यह उपलब्धि हासिल कर उन्होंने भारत और अपने शहर का नाम रोशन किया है। बेटी की उपलब्धि पर परिवार के लोग काफी खुश हैं। यह चैंपियनशिप पेरू की राजधानी लीमा में चल रही है। स्कीट निशानेबाजी स्पर्धा के टीम इवेंट में भारत को आज तक का पहला स्वर्ण पदक मिला है।
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शनिवार को स्कीट की टीम इवेंट का फाइनल खेला गया। इसमें भारत की ओर से गनीमत शेखों, रजिया ढिल्लों और अरीबा खान की टीम ने इटली की टीम को 6-0 से मात देकर स्वर्ण पदक जीतने में कामयाबी पाई।
स्कीट इवेंट का यह पहला गोल्ड
स्कीट निशानेबाजी स्पर्धा के टीम इवेंट में भारत का यह पहला स्वर्ण पदक रहा। गनीमत ने भी टीम इवेंट में पहला स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। उनके पिता अमरिंदर सिंह बेटी के करिश्माई प्रदर्शन से काफी खुश हैं। उन्होंने कहा कि जो मेहनत की थी आज बेटी के कामयाब होने पर सफल हो गई है। इस उपलब्धि के लिए हमें बेटी पर गर्व है। उन्होंने कहा कि बच्चों की रुचि को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसे सकारात्मक रूप में लेकर अगर मेहनत की जाए तो कामयाबी जरूर मिलती है।
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सेखों बोलीं- अब अगला लक्ष्य पेरिस ओलंपिक
गनीमत सेखों ने कहा कि लगातार दो पदक जीतने पर काफी खुशी हो रही है। अब 2024 में पेरिस में होने वाले ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए तैयारी करनी है। अगले वर्ष एशियन गेम्स होने वाली हैं। भारत आकर इसके लिए तैयारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए फिटनेस के साथ मानसिक तौर पर मजबूत होना बेहद जरूरी है। एशियन गेम्स में पदक हासिल करने की कोशिश होगी। अगर पदक मिला तो यह ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।