मुकुट अस्पताल के डॉक्टर का सनसनीखेज बयान
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पंजाब में नशा मुक्ति अभियान चलाने के बाद सेक्टर-34 स्थित मुकुट अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. अश्विन मोहन के पास मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई थी। असल में ये मरीज नहीं, नशेड़ी थे जो नशे के लिए ब्यूपिन फोर्ट दवा लेने पंजाब से यहां आ रहे थे। यह खुलासा हुआ है एनसीबी की जांच में।
सूत्रों के मुताबिक डॉक्टर से पूछताछ में पता चला है कि ब्यूपिन फोर्ट की दस गोलियां 384 रुपये में मिलती थी जो आसानी से वह इलाज करने के नाम पर देता था। वह मरीजों को दवा देने के लिए सेक्टर-22 में भी बुलाता था और वहां अपना आफिस खोल रखा था।
बाद में उसने वहां दवा देनी बंद कर दी थी और सभी को मुकुट अस्पताल में बुलाने लग गया था। सूत्रों के मुताबिक डाक्टर पर मामला दर्ज होने के बाद अब भी कई युवक प्रतिबंधित दवा लेने अस्पताल पहुंच रहे हैं।
पंजाब के तीन डाक्टर दे रहे हैं प्रतिबंधित दवा
नशा छुड़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाली प्रतिबंधित दवा बठिंडा, लुधियाना और अमृतसर में डाक्टर धड़ल्ले से बेच रहे हैं। एनसीबी ने प्रतिबंधित दवा बेचने वाले डाक्टरों की पहचान कर ली है।
दिल्ली की कंपनी सप्लाई करती थी दवा
ये गोलियां डॉ. अश्विन मोहन को दिल्ली की कंपनी सप्लाई कर रही थी। कंपनी को डॉक्टर ने बताया था कि उसका चंडीगढ़ में नशा मुक्ति केंद्र है। सूत्रों के मुताबिक डाक्टर ने कंपनी से अभी तक करीब 60 लाख की दवा खरीद है।
यह है मामला
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने सेक्टर-34 के मुकुट अस्पताल में छापा मारकर मनोचिकित्सक डॉ. अश्विन मोहन के पास से 71 हजार 200 प्रतिबंधित गोलियां बरामद की थी। वहीं डॉक्टर के सेक्टर-28 स्थित घर से 58 लाख रुपये मिले थे। एनसीबी अश्विन मोहन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच कर रही है।