हरियाणा की हवा खराब: स्कूलों का समय बदला, पराली जलने पर अब डीसी व थानेदार भी होंगे जिम्मेदार
बढ़ते प्रदूषण के बीच हरियाणा सरकार एक्शन में उतर चुकी है। हरियाणा के डीजीपी ने एक सख्त आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक खेत में पराली जलने पर उस क्षेत्र का थानेदार जिम्मेदार होगा।उधर, हरियाणा सरकार ने प्रदेश में एक्स सीटू पराली प्रबंधन 2023 योजना लागू की है। इसके चलते इस बार प्रदेश में 38 फीसदी कम पराली जलाई गई है।
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हरियाणा में पराली जलने से रोकने के लिए सरकार ने सख्ती और बढ़ाकर अब अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय कर दी है। अब पराली जलने पर सबंधित क्षेत्र के एसएचओ, दमकल विभाग के स्टेशन हाउस ऑफिसर और उस जिले के उपायुक्त भी जिम्मेदार होंगे। इसके लिए मुख्य सचिव संजीव कौशल व डीजीपी डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने आदेश जारी किए हैं। डीजीपी ने सभी आईजी और एसपी को लिखित आदेश जारी कर कहा कि सभी अधिकारी सुनिश्चित करें कि उनके अधिकार क्षेत्र में पराली नहीं जलनी चाहिए। वे उच्चतम न्यायालय के निर्देश का सख्ती से पालन कराएं।
वहीं, हरियाणा में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए शिक्षा विभाग ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है। अब एक शिफ्ट वाले स्कूल सुबह 9:30 बजे खुलेंगे और दोपहर बाद 3:30 बजे छुट्टी होगी। दोहरी शिफ्ट वाले स्कूलों का पहली शिफ्ट का समय सुबह 7:55 से 12:30 और दूसरी शिफ्ट का 12:40 से शाम 5:15 रहेगा। ये आदेश 15 नवंबर से लागू रहेंगे।
उधर, दो दिन के सुधार के बाद प्रदेश में दिवाली से पहले प्रदूषण फिर बढ़ने लगा है। गुरुवार को हरियाणा के सात शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 पार यानी अंति गंभीर श्रेणी में रिकॉर्ड किया गया। इनमें कैथल का एक्यूआई 436 प्रदेश में सबसे अधिक रहा। यह राजधानी दिल्ली के एक्यूआई 437 से महज एक पॉइंट कम है। इसी कारण इन सभी शहरों में दिनभर स्मॉग छाया रहा। गुरुग्राम में स्मॉग के कारण ट्रेनों की रफ्तार भी धीमी हो गई। एक दिन पहले हरियाणा के केवल दो शहर ही इस श्रेणी में थे।
वाहनों पर रंगीन कोड वाले स्टिकर चस्पा करने को कहा
मुख्य सचिव ने बताया कि एनसीआर के जिलों में 10 लाख पंजीकृत वाहनों पर होलोग्राम आधारित रंगीन स्टिकर लगाया गया। गुरुग्राम और फरीदाबाद जिलों में बीएस-तीन पेट्रोल और बीएस-चार डीजल व एलएमवी (4 व्हीलर) पर तत्काल प्रभाव से 30 नवंबर तक या वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अगले आदेश तक रोक लगाई गई है। वहीं डीजीपी ने वाहनों पर प्रदूषण के स्तर के हिसाब से रंगीन कोड वाले स्टिकर चस्पा करने का आईजी ट्रैफिक को निर्देश दिया है। उनको परिवहन विभाग के साथ तालमेल स्थापित करने के लिए कहा गया है। सर्वोच्च न्यायलय ने दिल्ली व उससे सटे राज्यों में स्टिकर लगाने का निर्देश दिया था।
अब तक की कार्रवाई
सरकार ने प्रदेश में एक्स सीटू पराली प्रबंधन 2023 योजना लागू की है। इसके चलते पराली जलने की घटनाओं में 38 फीसदी की कमी आई है। खेतों में आग के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ 1256 चालान किए गए। 72 एफआईआर की गई और 32.55 लाख का जुर्माना लगाया गया। 44 जगह दमकल विभाग ने आग बुझाई। हिसार जिले में पराली जलाने की घटनाएं रोकने के लिए गांव स्तर पर समितियां गठित की गई हैं। सात लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई गई।
शहरों में एक्यूआई
| कैथल | 436 |
| सोनीपत | 429 |
| जींद | 430 |
| फतेहाबाद | 413 |
| हिसार | 410 |
| गुरुग्राम | 404 |
| फरीदाबाद | 410 |