अमृतसर: एसजीपीसी करेगी विजिलेंस का गठन, संदिग्धों पर टीम रखेगी नजर, सादे कपड़ों में होगी तैनाती
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अपनी खुद की विजिलेंस विंग को गठित करेगी। यह टीम सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में संदिग्ध लोगों पर नजर रखेगी। सादे कपड़ों में टीम की तैनाती की जाएगी।
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सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में हुई बेअदबी के प्रयास के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने सुरक्षा बढ़ाने का फैसला किया है। एसजीपीसी के पदाधिकारियों का उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के साथ ही पुलिस अधिकारियों के साथ बैठकों का दौर जारी है। इस दौरान एसजीपीसी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने विजिलेंस विंग बनाने का एलान किया।
उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस के विजिलेंस विंग की तर्ज पर एसजीपीसी भी इंटेलिजेंस विंग बनाएगी। इसे लेकर उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के साथ एसजीपीसी के सदस्यों ने बैठक के दौरान चर्चा की। एसजीपीसी का विजिलेंस विंग सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के अंदर सादे कपड़ों में तैनात रहेगा। इस विंग के लोग संदिग्ध दिखने वाले से पूछताछ करेंगे। श्री हरमंदिर साहिब में ज्यादा समय बिताने या घूमने वालों पर विंग के लोगों की खास नजर रहेगी।
एसजीपीसी के प्रधान धामी ने बताया कि परिक्रमा में भी एसजीपीसी की टास्क फोर्स के सेवादारों की संख्या बढ़ाई गई है, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं पर नजर रखी जा सके। गुरुघर के प्रवेश द्वारों पर सेवादारों की संख्या बढ़ाई गई है। अब गुरुघर के अंदर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पास भी टास्क फोर्स के जवान मुस्तैद किए जाएंगे। ताकि कोई अप्रिय घटना होने से पहले ही रोकी जा सके। श्री हरमंदिर साहिब के अंदर जंगला, जहां संगत माथा टेकती है, वहां भी टास्क फोर्स के जवान तैनात किए जाएंगे। दूसरी तरफ एसजीपीसी की एक बैठक में टास्क फोर्स में जवानों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार चल रहा है।
सिख जत्थेबंदियों ने श्री अकाल तख्त साहिब पर अरदास की
अलग-अलग सिख जत्थेबंदियों ने रविवार को श्री अकाल तख्त साहिब पर अरदास की। इससे पहले इन सिख जत्थेबंदियों ने फूलां सिंह बुर्ज से लेकर श्री हरमंदिर साहिब तक पैदल मार्च निकाला। अलग-अलग सिख जत्थेबंदियों ने शनिवार को श्री हरमंदिर साहिब में बेअदबी की कोशिश की निंदा करते हुए कहा कि बहुत जल्द अमृतसर में एक बड़ा कार्यक्रम किया जाएगा।
श्री गुरुग्रंथ साहिब सत्कार कमेटी के बलबीर सिंह मुछल ने बताया कि यह पैदल मार्च गायब हुए श्री गुरुग्रंथ साहिब के 328 स्वरूपों को लेकर निकाला गया। उन्होंने बताया कि किसान मोर्चे से पहले 328 स्वरूप गायब होने को लेकर एसजीपीसी के समुद्री हाल दफ्तर के सामने एक मोर्चा लगाया था। तब हम उसका हिसाब पूछने आए थे तो 40 दिनों बाद लाठियां बरसाई गईं। इस दौरान किसान आंदोलन शुरू हो गया और सच्चे पातशाह की मेहर के चलते किसानों की जीत हुई। किसानों से प्रार्थना करते हैं कि अपनी ही नहीं बल्कि लोगों की जमीनों को भी बचा दिया अब अपने गांवों की ओर ध्यान दें।
गांव वाले करें श्री गुरुग्रंथ साहिब जी की रक्षा
श्री गुरुग्रंथ साहिब जी सिर्फ हमारा नहीं बल्कि पूरी कौम का है। हम सभी एक प्लेटफार्म पर आकर इसका न्याय लें। अगर हम कानून हाथ में लेते हैं तो कानून हमारे खिलाफ कार्रवाई कर देता है। उन्होंने गांव के लोगों को जागरुक करते हुए कहा कि यहां तो बड़े-बड़े वेतन देकर पहरेदारी की जाती है, जबकि गांवों के गुरुद्वारों में ऐसा नहीं। इसलिए गांव वालों को अपने गांवों में स्थित गुरुद्वारा साहिब और पवित्र ग्रंथ श्री गुरुग्रंथ साहिब जी की रक्षा करनी है।