{"_id":"5f969c7c70484332fb01a06f","slug":"shiromani-akali-dal-demand-government-take-action-against-sadhu-singh-dharamsot","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्री गुरु नानक देव जी से मुख्यमंत्री की तुलना करने पर शिअद की आपत्ति, धर्मसोत पर कार्रवाई की मांग की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्री गुरु नानक देव जी से मुख्यमंत्री की तुलना करने पर शिअद की आपत्ति, धर्मसोत पर कार्रवाई की मांग की
Mon, 26 Oct 2020 03:28 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 26 Oct 2020 03:28 PM IST
विज्ञापन
डॉ. दलजीत सिंह चीमा
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिरोमणि अकाली दल ने कहा कि कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की तुलना पहले सिख गुरु श्री गुरु नानक देव जी के साथ करके बेअदबी की है। पार्टी ने मांग की है कि धर्मसोत को तुरंत बर्खास्त किया जाए तथा उनके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का केस दर्ज किया जाए।
विज्ञापन
शिअद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने रविवार को कहा कि यह बेहद शर्मनाक घटना है कि साधु सिंह धर्मसोत ने सभी मंत्रियों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री की तुलना श्री गुरु नानक देव जी के साथ की है। इसके बावजूद मौके पर मौजूद मुख्यमंत्री तथा उनके किसी भी मंत्री ने धर्मसोत को इसके लिए टोका नहीं।
विज्ञापन
चीमा ने कहा कि सब जानते हैं कि धर्मसोत द्वारा किए कथित भ्रष्टाचार के लिए मुख्यमंत्री ने उन्हें क्लीन चिट देकर उनके गुनाहों को धोने का काम किया है। वह कथित वजीफा घोटाले के मुख्य आरोपी हैं तथा अतिरिक्त चीफ सचिव की रिपोर्ट में यह बात साबित हो गई है।
विज्ञापन
डॉ. चीमा ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कैप्टन द्वारा दी क्लीन चिट के बदले धर्मसोत द्वारा मुख्यमंत्री को खुश करने के लिए उनकी तुलना श्री गुरु नानक देव जी के साथ की गई है। यह गुरु साहिब का अपमान है जो सिख समुदाय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। अकाली दल के प्रवक्ता ने मांग की कि इस बेअदबी के लिए धर्मसोत के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए तथा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।