शाही इमाम ने मोदी से क्यों कहा, दखलअंदाजी नहीं सहेंगे?
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शाही इमाम ने 'तलाक' मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी को चेतावनी देते हुए कहा कि इस्लामी शरीयत में दखलंदाजी को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जा सकता।
दरअसल महिला विकास मंत्रालय की एक कमेटी की ओर से तीन बार तलाक बोलने पर प्रतिबंध लगाए जाने की सिफारिश पर पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब-उर-रहमान सानी लुधियानवी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए यह बयान दिया।
सोमवार को जामा मस्जिद में पत्रकारों से बातचीत में शाही इमाम ने कहा कि मोदी सरकार इस्लामी शरीयत में दखलंदाजी करने की कोशिश हरगिज न करे। इसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि निकाह और तलाक धार्मिक मामला है। इस्लामी शरीयत में निकाह और तलाक का कानून बहुत ही साफ और हर तरह से संपूर्ण है। इसमें किसी प्रकार की बढ़ोतरी या कमी की जरूरत नहीं है।
कहा, मोदी सरकार में मुस्लिम विरोधी बयान देने की होड़
शाही इमाम ने कहा कि मोदी सरकार में मुस्लिम विरोधी बयान देने की होड़ लगी हुई है। शाही इमाम ने कहा कि पिछले दिनों महाराष्ट्र सरकार की ओर से मदरसों की रजिस्ट्रेशन पर लगाया गया प्रतिबंध भी इसी की एक झलक है।
उन्होंने कहा कि मदरसों पर अंगुली उठाने वाले पहले करीब से मदरसों को देखें। पूरे भारत में एक भी मदरसा ऐसा नहीं जिसमें इस्लामी शिक्षा के साथ-साथ प्राथमिक शिक्षा न दी जाती हो। मदरसे में निशुल्क शिक्षा दी जाती है।
इस मौके पर नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी, मौलाना अतीक उर रहमान फैजाबादी, मुफ्ती जमालुद्दीन, गुलाम हसन कैसर, अंजुम असगर, नवाब कारी मोहतरम, बबलू खान, शाहनवाज अहमद, तनवीर खान और शाही इमाम के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम अहरारी मौजूद थे।