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Punjab News: मूसेवाला के पूर्व मैनेजर शगनप्रीत को हाईकोर्ट से फिलहाल राहत नहीं, जांच में शामिल होने का आदेश
Mon, 04 Jul 2022 09:05 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 04 Jul 2022 09:05 PM IST
सार
दूसरी याचिका में शगनप्रीत ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ से जान को खतरा बताया है। याची ने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग ने ही सिद्धू मूसेवाला की हत्या करवाई है और अब ये दोनों उसकी हत्या भी करवा सकते हैं।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सिद्धू मूसेवाला के पूर्व मैनेजर शगनप्रीत सिंह द्वारा जान का खतरा बता दाखिल सुरक्षा याचिका व विक्की मिड्डूखेड़ा हत्याकांड में अग्रिम जमानत की मांग वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फिलहाल कोई राहत नहीं दी है। हाईकोर्ट ने याची को नसीहत दी कि वह भारत आकर जांच एजेंसी के समक्ष पेश हो।
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शगनप्रीत सिंह ने सीनियर एडवोकेट विनोद घई और एडवोकेट कनिका आहूजा के माध्यम से हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की हैं। पहली याचिका में शगनप्रीत ने विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या के मामले में अग्रिम जमानत की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि याची इस मामले की जांच में शामिल होने को तैयार है, ऐसे में उसे इस मामले में अग्रिम जमानत दी जाए।
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दूसरी याचिका में शगनप्रीत ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ से जान को खतरा बताया है। याची ने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग ने ही सिद्धू मूसेवाला की हत्या करवाई है और अब ये दोनों उसकी हत्या भी करवा सकते हैं। ऐसे में उसे जांच में शामिल होने के लिए सुरक्षा मुहैया करवाई जाए।
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पंजाब सरकार ने इस मामले में जवाब दाखिल करने के लिए हाईकोर्ट से कुछ मोहलत मांगी जिस पर हाईकोर्ट ने सुनवाई छह जुलाई तक टाल दी। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि शगनप्रीत को अगर अंतरिम जमानत मिल भी गई तो भी उन्हें जांच में शामिल होना होगा। यह भी नहीं कहा जा सकता कि अंतरिम जमानत कब तक मिलेगी, इसलिए उन्हें बताया जाए कि वह भारत आकर जांच एजेंसी के समक्ष पेश होकर जांच प्रक्रिया में शामिल हों।