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Chandigarh News: हरियाणा में सातवें राज्य वित्त आयोग का गठन
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नगर पालिकाओं, ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए उपाय सुझाएगा आयोग
सेवानिवृत्त मुख्य सचिव संजीव कौशल होंगे अध्यक्ष, 31 मार्च 2026 तक सौंपनी होगी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) और शहरी स्थानीय निकायों के बीच वित्तीय संसाधनों के वितरण की समीक्षा और सिफारिश के लिए सातवें राज्य वित्त आयोग का गठन किया है। राज्य सरकार ने हरियाणा के पूर्व मुख्य सचिव संजीव कौशल को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है, जबकि आईएएस अधिकारी अंशज सिंह को सदस्य नियुक्त किया है। अन्य सदस्यों की नियुक्ति बाद में की जाएगी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी गई है।
सातवां राज्य वित्त आयोग 31 मार्च 2026 तक हरियाणा के राज्यपाल को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगा। यह रिपोर्ट वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्ष की अवधि को कवर करेगी। आयोग की रिपोर्ट स्थानीय शासन की वित्तीय रूपरेखा को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आयोग का मुख्यालय पंचकूला में होगा और इसके लिए कार्यालय स्थान स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान में आवंटित किया जाएगा। आयोग की रिपोर्ट बनाते समय राज्य की प्राप्तियों और व्यय को संतुलित करने व पूंजी निवेश के लिए अधिशेष उत्पन्न करने का मकसद व पंचायती राज संस्थाओं और नगर पालिकाओं की आवश्यकताएं, संसाधन जुटाने और व्यय कम करने की उनकी क्षमता का ध्यान रखना होगा।
वित्त आयोग के ये कार्य होंगे
- राज्य सरकार और जिला परिषदों, पंचायत समितियों, ग्राम पंचायतों व नगर पालिकाओं के बीच करों, शुल्कों, उपकरों की शुद्ध आय के वितरण के लिए सिद्धांतों की सिफारिश करना।
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- किन करों और शुल्कों को पंचायती राज संस्थाओं व नगर पालिकाओं को सौंपा जाए या उनकी ओर से संग्रहित किया जा सकता है।
- नगर पालिकाओं, ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए क्या-क्या उपाय आवश्यक हैं।
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सेवानिवृत्त मुख्य सचिव संजीव कौशल होंगे अध्यक्ष, 31 मार्च 2026 तक सौंपनी होगी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) और शहरी स्थानीय निकायों के बीच वित्तीय संसाधनों के वितरण की समीक्षा और सिफारिश के लिए सातवें राज्य वित्त आयोग का गठन किया है। राज्य सरकार ने हरियाणा के पूर्व मुख्य सचिव संजीव कौशल को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है, जबकि आईएएस अधिकारी अंशज सिंह को सदस्य नियुक्त किया है। अन्य सदस्यों की नियुक्ति बाद में की जाएगी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी गई है।
सातवां राज्य वित्त आयोग 31 मार्च 2026 तक हरियाणा के राज्यपाल को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगा। यह रिपोर्ट वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्ष की अवधि को कवर करेगी। आयोग की रिपोर्ट स्थानीय शासन की वित्तीय रूपरेखा को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आयोग का मुख्यालय पंचकूला में होगा और इसके लिए कार्यालय स्थान स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान में आवंटित किया जाएगा। आयोग की रिपोर्ट बनाते समय राज्य की प्राप्तियों और व्यय को संतुलित करने व पूंजी निवेश के लिए अधिशेष उत्पन्न करने का मकसद व पंचायती राज संस्थाओं और नगर पालिकाओं की आवश्यकताएं, संसाधन जुटाने और व्यय कम करने की उनकी क्षमता का ध्यान रखना होगा।
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वित्त आयोग के ये कार्य होंगे
- राज्य सरकार और जिला परिषदों, पंचायत समितियों, ग्राम पंचायतों व नगर पालिकाओं के बीच करों, शुल्कों, उपकरों की शुद्ध आय के वितरण के लिए सिद्धांतों की सिफारिश करना।
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- किन करों और शुल्कों को पंचायती राज संस्थाओं व नगर पालिकाओं को सौंपा जाए या उनकी ओर से संग्रहित किया जा सकता है।
- नगर पालिकाओं, ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए क्या-क्या उपाय आवश्यक हैं।