{"_id":"702b181c012bcf32d02ed21f8b388813","slug":"seven-killers-of-village-life-bn-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव बण के सात हत्यारों को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव बण के सात हत्यारों को उम्रकैद
अमर उजाला/ ब्यूरो, कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 10 Sep 2014 12:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमला कर एक व्यक्ति की हत्या करने के मामले में गांव बण वासी सात आरोपियों को दोषी करार देते हुए अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि थाना लाडवा में रविंद्र पुत्र रणधीर सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि शिकायतकर्ता और विक्रम सिंह पुत्र महेंद्र सिंह दिनांक 06 अगस्त 2013 को बाइक पर सवार होकर कप्तान के घर सामने से जा रहे थे।
इस दौरान 7 आरोपियों में शामिल कप्तान उर्फ विक्की पुत्र युद्धवीर वासी बण, युद्धवीर पुत्र तिलक राज, रोहित पुत्र धर्मपाल, राहुल पुत्र होशियार सिंह, सतनाम उर्फ सतु पुत्र हरदीप सिंह, गौरव पुत्र युद्धवीर सिंह व धर्मपाल पुत्र जयराम ने मिलकर हमला किया।
हमलावरों ने शिकायतकर्ता और विक्रम को तेजधार हथियार से घायल कर दिया। बाद में इलाज के दौरान विक्रम सिंह की मौत हो गई थी।
इस संदर्भ में थाना लाडवा पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश किया था।
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक उपरोक्त मामला न्यायाधीश एमएम धोंचक की अदालत में विचाराधीन था। न्यायवादी एसके मित्तल ने बताया कि उपरोक्त मामले में सातों आरोपियों को दोषी पाया गया है।
विज्ञापन
अदालत ने धारा 323 आईपीसी के तहत सभी दोषियों को 6-6 माह की कैद की सजा। धारा 324 आईपीसी के तहत सभी दोषियों को एक-एक वर्ष की कैद की सजा।
धारा 506 आईपीसी के तहत सभी दोषियों को एक-एक वर्ष की कैद की सजा। धारा 307 आईपीसी के तहत दोषियों को 6-6 वर्ष की कैद व 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सनाई है।
जुर्माना न देने पर 3/3 महीने अलग से सजा काटनी होगी। वहीं धारा 302 आईपीसी के तहत सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा व 50-50 हजार रुपये जुर्माना से सजायाब किया तथा जुर्माना न देने पर 6-6 महीने अलग से सजा काटनी होगी।
विज्ञापन
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि थाना लाडवा में रविंद्र पुत्र रणधीर सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि शिकायतकर्ता और विक्रम सिंह पुत्र महेंद्र सिंह दिनांक 06 अगस्त 2013 को बाइक पर सवार होकर कप्तान के घर सामने से जा रहे थे।
इस दौरान 7 आरोपियों में शामिल कप्तान उर्फ विक्की पुत्र युद्धवीर वासी बण, युद्धवीर पुत्र तिलक राज, रोहित पुत्र धर्मपाल, राहुल पुत्र होशियार सिंह, सतनाम उर्फ सतु पुत्र हरदीप सिंह, गौरव पुत्र युद्धवीर सिंह व धर्मपाल पुत्र जयराम ने मिलकर हमला किया।
विज्ञापन
हमलावरों ने शिकायतकर्ता और विक्रम को तेजधार हथियार से घायल कर दिया। बाद में इलाज के दौरान विक्रम सिंह की मौत हो गई थी।
इस संदर्भ में थाना लाडवा पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश किया था।
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक उपरोक्त मामला न्यायाधीश एमएम धोंचक की अदालत में विचाराधीन था। न्यायवादी एसके मित्तल ने बताया कि उपरोक्त मामले में सातों आरोपियों को दोषी पाया गया है।
विज्ञापन
अदालत ने धारा 323 आईपीसी के तहत सभी दोषियों को 6-6 माह की कैद की सजा। धारा 324 आईपीसी के तहत सभी दोषियों को एक-एक वर्ष की कैद की सजा।
धारा 506 आईपीसी के तहत सभी दोषियों को एक-एक वर्ष की कैद की सजा। धारा 307 आईपीसी के तहत दोषियों को 6-6 वर्ष की कैद व 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सनाई है।
जुर्माना न देने पर 3/3 महीने अलग से सजा काटनी होगी। वहीं धारा 302 आईपीसी के तहत सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा व 50-50 हजार रुपये जुर्माना से सजायाब किया तथा जुर्माना न देने पर 6-6 महीने अलग से सजा काटनी होगी।