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पंजाब में नशेड़ियों पर ये खुलासा आपके होश उड़ा देगा

Sun, 12 Apr 2015 06:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 12 Apr 2015 06:29 PM IST
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sensational disclosure: senior citizen also addicted of Intoxication

अब तक यही कहा जा रहा था कि पंजाब के युवा ही नशे के जाल में फंस रहे हैं, लेकिन इंडियन साइक्रेटिक सोसाइटी (पंजाब-चंडीगढ़ ब्रांच) ने पंजाब व चंडीगढ़ के लिए जो खुलासा किया, वह चौंकाने वाला है।

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सोसाइटी का दावा है कि पंजाब में नशा करने वालों में 10-15 प्रतिशत सीनियर सिटीजन शामिल हैं। इनकी उम्र 60 से 80 साल तक है। सोसाइटी के अधिकारी एवं सेक्टर-35 में साइक्रेटिक क्लीनिक चलाने वाले डॉ. प्रमोद ने बताया कि उनके पास 104 वर्ष के एक सीनियर सिटीजन नशा मुक्ति के लिए आए थे।
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इस उम्र में ऐसे लोग काफी परेशान होते हैं और कई दूसरी दिक्कतों की गिरफ्त में आ जाते हैं। जब उनसे चंडीगढ़ के मरीजों की संख्या के बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि इसकी एक तिहाई संख्या यहां के लोगों की है। सीनियर सिटीजन अफीम व केमिकल ड्रग्स का ही इस्तेमाल करते हैं और कुछ अल्कोहल एडिक्शन के भी मरीज होते हैं।
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उम्र बढ़ते ही नींद की कमी और तनाव की दिक्कत
सोसाइटी का दावा है कि बढ़ती उम्र के साथ तनाव व नींद की दिक्कत शुरू हो जाती है। ऐसे में कुछ सीनियर सिटीजन एल्पराजोलेम व लोराजेपैम (तनाव दूर करने की दवा) लेने लगते हैं। जब कोई व्यक्ति यह दवा लेता है तो धीरे-धीरे इसकी खुराक बढ़ने लगती है।

कई केसों में तो ऐसा देखा गया है कि एक मरीज एक दिन में चार से पांच बार डोज लेते हैं और वे एडिक्शन का शिकार हो जाते हैं। जो लोग शुरू से ही अफीम ले रहे होते हैं। यदि वे बीच में नहीं छोड़ते हैं तो यह सिलसिला काफी उम्र तक जारी रहती है।

शॉर्ट टर्म के लिए ड्रग्स से मुक्ति चाहते हैं बुजुर्ग

sensational disclosure: senior citizen also addicted of Intoxication

मनोचिकित्सक डॉ. हरदीप सिंह ने बताया कि सीनियर सिटीजन एडिक्शन सेंटर में तभी आते हैं, जब उन्हें अपने बच्चों से मिलने के लिए विदेश जाना पड़ता है। वे सेंटर में आते हैं और कहते हैं कि शार्ट टर्म के लिए उन्हें ड्रग्स छुड़वा दें।

जब वे विदेश से घूमकर आते हैं तो वे फिर से अफीम व केमिकल ड्रग्स लेने लगते हैं। ड्रग्स लेने से उनकी क्वालिटी ऑफ लाइफ बिगड़ जाती है। धीरे-धीरे वे दूसरी बीमारियों की गिरफ्त में आने लगते हैं। जब उन्हें ड्रग्स नहीं मिलती है तो उनकी दिक्कतें बढ़ने लगती हैं और घर के अन्य सदस्य भी परेशान होते हैं।

ऐसे कर सकते हैं बचाव
1. जब भी नींद की प्राब्लम आए तो डाक्टर से सलाह लें।
2.अपनी मर्जी से कोई भी दवा न लें।
3.बच्चों पर भी कुछ जिम्मेदारी डालें।
4.धार्मिक व सोशल गतिवधियों में हिस्सा लें।
5.योग क्रिया में भाग लें और नियमित सैर करें।

दो दिन कांफ्रेंस में चर्चा करेंगे मनोचिकित्सक
इंडियन साइक्रेटिक सोसाइटी की पंजाब व चंडीगढ़ की ब्रांच की ओर से शनिवार व रविवार को 25वें एनुअल कांफ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। इसकी थीम एजिंग पंजाब रखी गई है। इस दौरान मुख्य रूप से सीनियर सिटीजन को आ रही मानसिक बीमारियों पर चर्चा की जाएगी। कांफ्रेंस का उद्घाटन पीजीआई के डायरेक्टर पद्मश्री वाइके चावला करेंगे और इस कांफ्रेंस में 100 से अधिक मनोचिकित्सक हिस्सा लेंगे।

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