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Punjab: 26 दिन में सुरक्षा एजेंसियों ने गिराए दस ड्रोन, करोड़ों की हेरोइन बरामद, अफसर खुद उतरे फील्ड में
Sun, 18 Jun 2023 11:10 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 18 Jun 2023 11:10 AM IST
सार
ड्रोन के माध्यम से ड्रग्स, हथियार, गोला-बारूद की तस्करी का चलन साल 2019 में शुरू हुआ था। जैसे-जैसे यह समय बढ़ रहा है, अब अति आधुनिक तकनीक वाले ड्रोन का प्रयोग हो रहा है। यह भी बात देखने में आ रही यूएस तकनीक वाले अति आधुनिक ड्रोन इस काम में प्रयोग हो रहे हैं।
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खेत से मिला ड्रोन।
- फोटो : फाइल
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विस्तार
सरहद पार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये हथियारों और नशे के तस्करी पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बन गई है, जबकि गत 26 दिन में सुरक्षा एजेंसियों ने दस ड्रोन मारकर करोड़ों रुपये की हेरोइन व हथियार बरामद किए हैं। ये सभी ड्रोन अमृतसर एरिया में ही पकड़े गए हैं। वहीं, अब ड्रोन व तस्करों को रंगे हाथों दबोचने के लिए पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों ने नए प्लान पर काम शुरू किया है।
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डीआईजी रैंक के अधिकारी सीधे फील्ड में उतर गए हैं। कोशिश की जा रही है कि ड्रोन आने की सूचना तुरंत पुलिस के हाथ में लगे। गत कुछ समय से ड्रोन की गतिविधियां सीमावर्ती जिलों में काफी बढ़ गई हैं। रोजाना पाकिस्तान से ड्रोन भारतीय सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। इस चीज को लेकर 20 मई से 16 जून तक 10 ड्रोन मार गिराए हैं। यह एक महीने में बीएसएफ द्वारा मार गिराए गए ड्रोन का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
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ड्रोन से निपटने के लिए 17 मई को अमृतसर सेक्टर में बीएसएफ और पंजाब पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के बीच पहली उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य एजेंडा पाकिस्तान द्वारा तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे ड्रोन के खतरे से निपटने के लिए दोनों सुरक्षा बलों के बीच समन्वय बढ़ाना था। बैठक में पंजाब पुलिस के विशेष पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अर्पित शुक्ला और बीएसएफ के पंजाब सीमांत महानिरीक्षक (आईजी) डॉ. अतुल फुलजेले मौजूद थे।
पिछले साल गिराए थे 22 ड्रोन
ड्रोन के माध्यम से ड्रग्स, हथियार, गोला-बारूद की तस्करी का चलन साल 2019 में शुरू हुआ था। जैसे-जैसे यह समय बढ़ रहा है, अब अति आधुनिक तकनीक वाले ड्रोन का प्रयोग हो रहा है। यह भी बात देखने में आ रही यूएस तकनीक वाले अति आधुनिक ड्रोन इस काम में प्रयोग हो रहे हैं। कुछ ड्रोन तो ऐसे पकड़े हैं, जो पहले चीन में उड़ान भर चुके हैं। इस साल अब तक करीब 20 ड्रोन मार गिराए गए हैं जबकि गत साल 22 ड्रोन मारे गिराए थे। 2021 में बीएसएफ द्वारा केवल एक ड्रोन को मार गिराया गया था।
ड्रोन इमरजेंसी सिस्टम से लेकर कैमरे तक लगाए
पुलिस कई चरणों में ड्रोन से निपटने के लिए काम कर रही है। डीआईजी बाॅर्डर रेंज नरेंद्र भार्गव का कहना है कि पंजाब के सीमावर्ती जिलों में ड्रोन इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम (डीईआरएस) शुरू किया या है। इसके तहत सीमावर्ती जिले अमृतसर, बटाला, गुरदासपुर और पठानकोट के 106 सीमावर्ती गांवों में ग्रामीण चौकस कमेटियां बनाई हैं। प्रत्येक कमेटी में 20 सदस्य और ग्रामीण पुलिस अधिकारी लगाए गए है। यह रात के समय में काम करते हैं। इसके साथ सीमावर्ती एरिया में 20 करोड़ से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।