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चंडीगढ़ का बिजली संकट: हरियाणा में लिखी गई थी बिजली कर्मियों की हड़ताल की पटकथा, कर्मचारी नेता सुभाष लांबा ने भरा था जोश 

Thu, 24 Feb 2022 12:16 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 24 Feb 2022 12:16 PM IST
सार

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के अध्यक्ष सुभाष लांबा को हरियाणा में बड़े कर्मचारी आंदोलन चलाने का अनुभव है। वह नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर के वरिष्ठ सदस्य होने के साथ ही इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं।

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Script of Electricity employees strike in Chandigarh against privatization was written in Haryana
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के अध्यक्ष सुभाष लांबा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

निजीकरण के खिलाफ चंडीगढ़ बिजली विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल की पटकथा हरियाणा में लिखी गई थी। विभाग को निजी हाथों में सौंपने का विरोध तो कर्मचारी लंबे समय से कर रहे थे, लेकिन 72 घंटे की काम छोड़ो हड़ताल पहली बार हुई। इसके लिए चंडीगढ़ के बिजलीकर्मियों में जोश सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के अध्यक्ष सुभाष लांबा व उनकी टीम ने भरा। 

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लांबा को हरियाणा में बड़े कर्मचारी आंदोलन चलाने का अनुभव है। वह नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर के वरिष्ठ सदस्य होने के साथ ही इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। चंडीगढ़ बिजली विभाग के निजीकरण के अलावा वह बिजली संशोधन विधेयक के खिलाफ देश भर में मुहिम छेड़े हुए हैं। 
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यूटी में कर्मचारियों के आंदोलन को निर्णायक स्तर पर पहुंचाने के लिए वह बीते कई दिन से बैठकें कर रहे थे। यूटी के बिजली कर्मचारियों की एसोसिएशन के प्रमुख नेताओं के साथ उन्होंने 72 घंटे की हड़ताल की पूरी रूपरेखा तैयार की। साथ ही कर्मचारियों को समझाया कि एक साथ मोर्चे पर डटे रहने से प्रशासन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाएगा। एस्मा लगने पर घबराने की जरूरत नहीं है, कर्मचारी अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। कोई कर्मचारी सरकारी मशीनरी को कोई हानि न पहुंचाए और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करे। इससे चंडीगढ़ प्रशासन पर दबाव बढ़ेगा।
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लांबा व उनकी टीम के सदस्य हरियाणा में इस तरह के अनेक आंदोलन कर चुके हैं। उनके ऊपर अनेक मामले भी दर्ज हुए। सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले हुए आंदोलनों में एस्मा के तहत भी कार्रवाई हुई, जिसे सरकार को अंतत वापस लेना पड़ा। यह बात उन्होंने चंडीगढ़ के बिजली कर्मचारियों को भी समझा दी थी।

भूमिगत हुए लांबा, बंद आ रहा फोन बंद

चंडीगढ़ में बिजली कर्मियों के आंदोलन का मुख्य अगुवा बनने के कारण सुभाष लांबा निशाने पर हैं। यूटी प्रशासन के कड़े रुख को देखते हुए वह भूमिगत हो गए हैं। बुधवार को उनका फोन बंद रहा। उनसे देर रात तक संपर्क नहीं हो पाया। 

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