{"_id":"5922f89d4f1c1b4173536b3d","slug":"schools-will-not-be-upgraded-on-protest","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा सरकार का सख्त फरमान, आंदोलन करने पर अब नहीं अपग्रेड होंगे स्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा सरकार का सख्त फरमान, आंदोलन करने पर अब नहीं अपग्रेड होंगे स्कूल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 23 May 2017 01:21 AM IST
विज्ञापन
गोठड़ा टप्पा की तर्ज पर अपग्रेड नहीं होंगे स्कूल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा सरकार रेवाड़ी के गोठड़ा टप्पा की तर्ज पर मैट्रिक स्कूलों को सीनियर सेकेंडरी करने के मूड में नहीं है। छात्राओं के आंदोलन के कारण यह स्कूल तो अपग्रेड हो गया, लेकिन इसके बाद पानीपत, जींद, पलवल और गुरुग्राम में भी आंदोलन शुरू हो गए। इसलिए सरकार अब दबाव में झुकने को तैयार नहीं दिख रही।
स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि अगर इसी तरह से स्कूल अपग्रेड होने लगे तो प्रदेश में कोई स्कूल प्राइमरी और मैट्रिक रहेगा ही नहीं। सभी मिडिल और सीनियर सेकेंडरी स्कूल ही होंगे। नया सत्र शुरू होने के कारण वैसे भी स्कूलों को अपग्रेड करने की समय सीमा निकल चुकी है, इसलिए सरकार इस सत्र की अवधि के दौरान आने वाले अपग्रेडेशन के प्रस्ताव का अध्ययन कराएगी।
स्कूल का निरीक्षण और अन्य सभी पहलु जांचने के बाद ही स्कूल अपग्रेड होंगे, इसे लेकर भी अगले सत्र से पूर्व ही निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल अपग्रेडेशन की संभावनाओं को स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सिरे से खारिज कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि अगर इसी तरह से स्कूल अपग्रेड होने लगे तो प्रदेश में कोई स्कूल प्राइमरी और मैट्रिक रहेगा ही नहीं। सभी मिडिल और सीनियर सेकेंडरी स्कूल ही होंगे। नया सत्र शुरू होने के कारण वैसे भी स्कूलों को अपग्रेड करने की समय सीमा निकल चुकी है, इसलिए सरकार इस सत्र की अवधि के दौरान आने वाले अपग्रेडेशन के प्रस्ताव का अध्ययन कराएगी।
विज्ञापन
स्कूल का निरीक्षण और अन्य सभी पहलु जांचने के बाद ही स्कूल अपग्रेड होंगे, इसे लेकर भी अगले सत्र से पूर्व ही निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल अपग्रेडेशन की संभावनाओं को स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सिरे से खारिज कर रहे हैं।
विज्ञापन
हर गांव में सीनियर सेकेंडरी स्कूल संभव नहीं
हर गांव में सीनियर सेकेंडरी स्कूल संभव नहीं
स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने जोर देते हुए कहा कि सरकार के लिए हर गांव में सीनियर सेकेंडरी स्कूल खोलना संभव नहीं है। छात्राओं को आंदोलन के लिए प्रेरित करने वालों को भी यह समझना चाहिए कि वर्तमान मैट्रिक से सीनियर सेकेंडरी स्कूलों की दूरी दो-तीन किलोमीटर से अधिक नहीं है।
स्कूलों को अपग्रेड करने के लिए मानदंड पूरे करना भी आवश्यक है। अन्यथा स्कूली शिक्षा का ढांचा गड़बड़ा जाएगा। जहां तक बात छात्राओं की सुरक्षा की है तो उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से गृह सचिव व पंचायती राज विभाग के सचिव को कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पत्र लिखा है। इसमें पंचायतों का सहयोग भी लिया जाएगा। पीके दास ने कहा कि संभव हुआ तभी अगले सत्र में बेहद जरूरत होने पर स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा।
स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने जोर देते हुए कहा कि सरकार के लिए हर गांव में सीनियर सेकेंडरी स्कूल खोलना संभव नहीं है। छात्राओं को आंदोलन के लिए प्रेरित करने वालों को भी यह समझना चाहिए कि वर्तमान मैट्रिक से सीनियर सेकेंडरी स्कूलों की दूरी दो-तीन किलोमीटर से अधिक नहीं है।
स्कूलों को अपग्रेड करने के लिए मानदंड पूरे करना भी आवश्यक है। अन्यथा स्कूली शिक्षा का ढांचा गड़बड़ा जाएगा। जहां तक बात छात्राओं की सुरक्षा की है तो उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से गृह सचिव व पंचायती राज विभाग के सचिव को कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पत्र लिखा है। इसमें पंचायतों का सहयोग भी लिया जाएगा। पीके दास ने कहा कि संभव हुआ तभी अगले सत्र में बेहद जरूरत होने पर स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा।