हरियाणाः गेस्ट टीचर्स को हटाने के विरोध में स्कूलों पर ताले
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सरकार व गेस्ट टीचर्स की लड़ाई रोचक हो गई है। इस लड़ाई में अब ग्रामीण भी कूद पड़े हैं। गेस्ट टीचर्स को हटाए जाने का विरोध करते हुए ग्रामीणों ने स्कूलों पर ताला जड़ दिया। आज सुबह हिसार जिले में राजकीय कन्या सीनियर सैकेंडरी स्कूल मदनहेड़ी में पढऩे वाले बच्चों व उनके अभिभावकों ने गेस्ट टीचर को हटाने के विरोध में स्कूल पर ताला जड़ दिया।
इसके बाद हिसार के ही मिर्चपुर गांव के कन्या स्कूल में भी तालाबंदी कर दी गई। इसी प्रकार गांव राजकी के सकूल में भी ग्रामीणों, बच्चों व उनके अभिभावकों ने ताला लगा दिया। यमुनानगर, कैथल के गांवों में भी स्कूलों पर ताला जड़ दिया गया। ग्रामीणों ने ऐलान किया है जब तक हटाए गए गेस्ट टीचरों को बहाल नहीं किया जाता स्कूलों में लगाए ताले नहीं खोले जाएंगे।
गेस्ट टीचरों को अभिभावकों व ग्रामीणों का साथ मिल जाने से सरकार के लिए परेशानी बढ़ गई है। दूसरी तरफ सिरसा के गांव गुड़िया खेड़ा और घोरणवाली स्कूल में भी तालाबंदी की सूचना है।
एक साथ कई स्कूलों को ताला जड़ दिए जाने से शनिवार को स्कूलों में पढ़ाई तो चौपट हो ही गई, साथ में शिक्षा अधिकारियों के भी हाथ पांव फूल गए। अवकाश के बावजूद शिक्षा अधिकारी गांवों की तरफ दौड़ते दिखे।
एडजस्ट किए जाएंगे गेस्ट टीचर
हाईकोर्ट के आदेश पर हरियाणा के 4000 से अधिक गेस्ट टीचरों को हटाने का नोटिस जारी करने के बाद सरकार अब इन टीचरों की नौकरी बचाने के उपाय में जुट गई है। इस पर सीएम मनोहर लाल खट्टर और उनके मंत्रियों के बीच लंबी बैठक हुई।
माना जा रहा कि सरकार सरप्लस गेस्ट टीचरों को नौवीं-दसवीं कक्षाओं के विद्यार्थियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंप उनकी नौकरी बचा सकती है। हालांकि शिक्षकों को एडजस्ट करने से पहले सरकार को हाईकोर्ट को विश्वास में लेना पड़ेगा।
इस बारे में सरकार की ओर से पहले भी एक हलफनामा दाखिल किया गया है। राज्य के सरकारी स्कूलों में इन कक्षाओं में बच्चों की संख्या के मुकाबले टीचर कम हैं। इस बारे में सरकार की ओर से फिर से शपथ पत्र दिया जा सकता है।