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सावन 2019: देखिए एक मंदिर, जहां होंगे त्रिलिंगेश्वर शिवलिंग और पंचमुखी हनुमान की प्रतिमा के दर्शन
Fri, 19 Jul 2019 02:10 PM IST
खुशबू गोयल
नीरज कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
नीरज कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 19 Jul 2019 02:10 PM IST
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शिव मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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हम आपको बता रहे हैं उस मंदिर के बारे में, जहां स्फटिक, जरकन और मूंगा से बना शिवलिंग मौजूद है। वहीं हनुमान जी की पंचमुखी विशालकाय प्रतिमा भी है। अगर त्रिलिंगेश्वर शिवलिंग का दर्शन करना हो तो चंडीगढ़ में सेक्टर- 40 स्थित श्री हनुमंत धाम आइए। कमल के फूल की आकृति में विराजमान त्रिलिंगेश्वर की पूजा करने के लिए दूर-दूर से भक्त यहां आते हैं। सुबह से दोपहर तक भगवान का जलाभिषेक होता है। शाम में भव्य शृंगार होता है।
इस शिवालय में त्रिलिंगेश्वर मूंगा, जरकन और स्फटिक के शिवलिंग स्थापित हैं। सावन के महीने में दूरदराज से भारी संख्या में भक्त यहां शिव का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। मंदिर का संचालन महिला सुंदरकांड सभा करती है, जिसमें सभी महिला सदस्य हैं। सभा की प्रधान नीना तिवारी ने बताया कि चंडीगढ़ में अपने तरह का पहला भव्य मंदिर है। स्फटिक, मूंगा और जरकन का शिवलिंग कहीं और स्थापित नहीं है।
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इस शिवालय में त्रिलिंगेश्वर मूंगा, जरकन और स्फटिक के शिवलिंग स्थापित हैं। सावन के महीने में दूरदराज से भारी संख्या में भक्त यहां शिव का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। मंदिर का संचालन महिला सुंदरकांड सभा करती है, जिसमें सभी महिला सदस्य हैं। सभा की प्रधान नीना तिवारी ने बताया कि चंडीगढ़ में अपने तरह का पहला भव्य मंदिर है। स्फटिक, मूंगा और जरकन का शिवलिंग कहीं और स्थापित नहीं है।
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मंदिर में विशालकाय पंचमुखी हनुमान की प्रतिमा
मंदिर में 32 फीट ऊंची विशालकाय पंचमुखी हनुमान की प्रतिमा भी है। इसके अलावा अंजनि माता, राधा कृष्ण, रामदरबार, दुर्गा माता की प्रतिमाएं भी हैं। यहां त्रिलिंगेश्वर की पूजा अर्चना और अभिषेक से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। पहला शिवलिंग मूंगा का है, जिसके स्वामी मंगल हैं। मंगलग्रह के स्वामी हनुमान जी हैं, जो शिवजी के 11वें अवतार हैं।
दूसरा शिवलिंग पीला जरकन से निर्मित है। पीला होने से इसके स्वामी बृहस्पति हैं, जो भगवान विष्णु हैं। तीसरा शिवलिंग स्फटिक से निर्मित है, जो ब्रह्माजी के रूप में स्वयं शिवजी विराजमान हैं। त्रिलिंगेश्वर को कमल के फूल के स्वरूप पर स्थापित किया गया है। मंदिर का निर्माण 2001 में किया गया।
दूसरा शिवलिंग पीला जरकन से निर्मित है। पीला होने से इसके स्वामी बृहस्पति हैं, जो भगवान विष्णु हैं। तीसरा शिवलिंग स्फटिक से निर्मित है, जो ब्रह्माजी के रूप में स्वयं शिवजी विराजमान हैं। त्रिलिंगेश्वर को कमल के फूल के स्वरूप पर स्थापित किया गया है। मंदिर का निर्माण 2001 में किया गया।