सावन 2019: देखिए एक मंदिर, जहां भोलेनाथ को सजाने में लगते हैं 5 घंटे, रोज नए तरीके से श्रृंगार
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सावन का महीना चल रहा है। जानिए उस मंदिर के बारे में, जहां भगवान भोलेनाथ को तैयार करने में पांच घंटे लगते हैं और रोज नए तरीके से श्रृंगार किया जाता है। यह सिलसिला सावन के पूरे महीने में चलता है और ऐसा होता है चंडीगढ़ में सेक्टर 30 के शिव शक्ति मंदिर में। यह जानकारी मंदिर के प्रमुख पुजारी पंडित श्याम सुंदर शास्त्री ने दी।
उन्होंने कहा कि सुबह पांच बजे से दोपहर एक बजे तक शिव जी का जलाभिषेक होता है। इसके बाद शिवालय की सफाई करके भगवान शिव का श्रृंगार शुरू किया जाता है। हर रोज करीब पांच सौ से सात सौ लोग यहां भगवान शिव का जलाभिषेक करने आते हैं। सोमवार को तो जलाभिषेक करने वाले भक्तों की संख्या ढाई हजार से भी ऊपर होती है।
मंगलवार को शिवालय को सजाए जाने के साथ ही पुजारियों ने बाबा का विविध प्रकार के फूलों से श्रृंगार किया। शिव के श्रृंगार के लिए पुजारियों की टीम ड्राइंग बनाती है। बाबा को सजाने वाली टीम में कुलदीप वशिष्ठ, जितेंद्र तिवारी, हर्ष मणि, हीरामणि, परशुराम नौटियाल और समर्थ प्रसाद शामिल रहे।
बाबा का श्रृंगार होने के बाद शाम छह बजे से सात बजे तक मेडिटेशन (मानसिक पूजा) किया जाता है। इस पूजा में कई भक्त और परिवार शामिल होते हैं। पूजा के बाद आरती होती है। इसके बाद श्रृंगार दर्शन के लिए भक्तों का शिवालय में पहुंचना शुरू होता है। बाबा को सजाने में चार से पांच घंटे लगते हैं। इस दौरान पुजारी को दो बार ब्रेक मिलती है। ब्रेक के बाद शुद्ध होने पर ही शिवालय में प्रवेश मिलता है।
रोज मेडिटेशन के बाद शृंगार दर्शन
मंदिर की प्रधान शकुंतला शर्मा और महासचिव सुभाष तलवार ने बताया कि हर सोमवार को महिला संकीर्तन मंडली की ओर से कीर्तन होता है। हर रोज मेडिटेशन के बाद श्रृंगार दर्शन होता है। श्रृंगार दर्शन के बाद रात में प्रसाद के लिए भक्तों की लंबी कतार लगती है। मंदिर कमेटी के पदाधिकारी, पुजारी और अन्य सेवादार भक्तों की सेवा में हमेशा तत्पर रहते हैं।