फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Satlok Ashram Sant Rampal Court Hearing Case

रामपाल के अनुयायी बोले, हमें आतंकी न बनाओ

Tue, 18 Nov 2014 03:24 PM IST
सुरेंदर दलाल/अमर उजाला, हिसार
सुरेंदर दलाल/अमर उजाला, हिसार Updated Tue, 18 Nov 2014 03:24 PM IST
विज्ञापन
Satlok Ashram Sant Rampal Court Hearing Case

अवमानना मामले में कोर्ट में पेशी को लेकर पिछले दस दिनों से चल रही संत रामपाल और सरकार के बीच रार बढ़ती ही जा रही है। सतलोक आश्रम के बाहर भारी संख्या में पुलिस फोर्स दल बल सहित तैनात है। संत रामपाल पर शिकंजा कसने की तैयारी चल रही है। हाईकोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई चल रही है।

विज्ञापन


वहीं, संत रामपाल के अनुयायियों ने सरकार को धमकी दी है कि सरकार हमें आतंकवादी बनाने की कोशिश न करे, हमने चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं। यदि पुलिस कोई कार्रवाई करेगी तो हम उसका खुलकर जवाब देंगे। बीते दिन कोर्ट से मिली फटकार के बाद शुरू हुई पुलिसिया कार्रवाई का संत के अनुयायियों ने कड़ा विरोध किया।
विज्ञापन


उन्होंने न सिर्फ पुलिस कर्मियों की लाठियां छीनीं बल्कि उन्हें माइक से घोषणा कर खुली धमकी तक दे डाली। अनुयायियों ने कहा कि आप अधिकारियों के ऐसे आदेश क्यों मान रहे हो, जो मानवता के खिलाफ हैं।’ संत के अनुयायियों ने यह धमकी उस वक्त दी जब पुलिस और पैरामिलिट्री के जवान आश्रम के बाहर खड़ी गाड़ियां हटा रहे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

आश्रम के दोनों तरफ नाके आवाजाही पर असर

Satlok Ashram Sant Rampal Court Hearing Case

जाम से पहले एसपी सतेंद्र कुमार गुप्ता ने खुद गश्त की। इससे पहले सीआरपी और रेपिड एक्शन पुलिस फोर्स गश्त करती रही। जाम के बाद स्थिति बदल गई। आश्रम के दोनों तरफ पुलिस के नाके लगे रहे। इधर-उधर आवाजाही एकदम बंद हो गई।

रामपाल के आश्रम के बैंक खाते किए सील
प्रशासन ने आश्रम के सभी बैंक खातों को सील करवा दिया। एसडीएम बरवाला ने सीआरपीसी की धारा 145 की घोषणा करते हुए आश्रम की संपत्ति को अटैच करने का ऐलान किया। साथ ही धारा 144 की भी घोषणा कर दी। इसके साथ पुलिस की कार्रवाई भी शुरू हो गई।

एसपी सतेंद्र गुप्ता और एसडीएम ने अनुयायियों को आश्रम खाली करने के आदेश दिए और आश्रम के बाहर खड़ी गाड़ियों को कब्जे में लेना शुरू किया। प्रशासन ने आश्रम की 40 बसें और 190 अन्य निजी वाहन अपने कब्जे में ले लिए।

छतों पर रखे हैं पेट्रोल बम और तेजाब भरी बाल्टियां

Satlok Ashram Sant Rampal Court Hearing Case

आरएएफ, सीआरपीएफ और पुलिस के जवानों से मोर्चा लेने के लिए संत के अनुयायियों ने आश्रम में पूरी तैयारी कर रखी है। वह किसी भी हालत में संत की गिरफ्तारी नहीं होने देंगे। आश्रम की छतों पर पेट्रोल बम व तेजाब की बाल्टियां भी रखी गई हैं। वहां लॉकर में भारी मात्रा में हथियार रखें हुए हैं।

करीब छह हजार नौजवान इन हथियारों को चलाने के लिए तैयार बैठे हैं। वह शिफ्ट वाइज पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। यह खुलासा बरवाला सतलोक आश्रम के बाहर से पकड़े दो अनुयायियों ने किया है। इन अनुयायियों को पुलिस ने रविवार देर रात गिरफ्तार किया था इनकी पहचान बहराणा के सुमित व संगतपुरा जिला जींद निवासी मनबीर के रूप में हुई है।

पुलिस ने दोनों अभियुक्तों 32 बोर के पिस्टल व 10 जिंदा कारतूस व 6 नुकीले सुए बरामद किए हैं हुए। सीआईए इंस्पेक्टर मुकेश कुमार ने बताया कि दोनों संत के अनुयायी हैं और गुंडा प्रवृति के हैं। सोमवार को पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश किया जहां से दिन का रिमांड मंजूर हुआ है।

लॉकर में रखे हैं असलहे

Satlok Ashram Sant Rampal Court Hearing Case

पुलिस ने बताया है कि सुमित व मनबीर के पास लाइसेंसी हथियार भी हैं। उन्होंने पिछले करीब दो साल से नाम दीक्षा ले रखी है। इनमें से सुमित एक पब में प्राइवेट सिक्योरिटी में काम करता है। संत की गिरफ्तारी के मामले पर वह आश्रम में आया था। उसके पास तीन लाइसेंसी हथियार भी हैं जिन्हें वे आश्रम के गेट के पास बने लॉकर में रखते हैं।

यहां मरे तो मिलेगा स्वर्ग!

सुमित ने पुलिस को बताया कि आश्रम के अंदर अनुयायियों को उत्साहित किया जाता है कि यहां मरने वाले सीधे स्वर्ग में जाएंगे। इसलिए संत की सेवा करने में सब कुछ न्यौछावर कर दो। आश्रम में बार बार अनुयायियों को प्रेरित किया जा रहा है कि आश्रम में मरने वालों को जन्म मरण से मुक्ति मिलेगी।

कितने श्रद्धालु दिया ब्यौरा

पकड़े गए युवकों ने बताया है कि आश्रम में ऐसे करीब डेढ़ सौ हथियारबंद लोग सिक्योरिटी में लगे हैं। करीब 4 से 5 हजार बच्चे व औरतें हैं। इसके अलावा छह हजार अन्य लोग हैं जिनमें 80 प्रतिशत नौजवान हैं।

आश्रम के बाहर पड़ने लगे बच्चे बीमार

Satlok Ashram Sant Rampal Court Hearing Case

करीब 15 दिन चल रहे सतलोक आश्रम असर अब संत समर्थकों के स्वास्थ्य पर साफ देखा जा सकता है। संत रामपाल की आस्था में आश्रम के बाहर डटी महिलाओं और बच्चों को अब खांसी और ठंड ने जकड़ना शुरू कर दिया है। बेशक आश्रम के अनुसार अंदर इलाज की पर्याप्त सुविधाएं हैं, लेकिन महिलाएं और बच्चे सर्दी और खांसी से परेशान हैं।

आश्रम की सुरक्षा के लिए पहली पंक्ति में महिलाएं और बच्चे डटे हुए हैं। करीब 2000 महिलाएं और बच्चे यहां रात-दिन आश्रम के पहरेदारी कर रही हैं। आश्रम और संत रामपाल के लिए अपनी जान तक की बाजी लगाने वाली महिलाओं ने साफ कर दिया कि किसी भी सूरत में वे सरकार व प्रशासन को अपने गुरु तक नहीं पहुंचने देंगी।

मध्यमप्रदेश के ग्वालियर से पहुंची सत्यावती अपने एक साल के बेटे अनुराग के साथ आश्रम में है। सत्यावती के अनुसार प्रशासन और सरकार जानबूझकर संत रामपाल और उनके समर्थकों को परेशान कर रहा है। उन्होंने कहा कि वे जानती हैं, प्रशासन उन पर अत्याचार करेगा, लेकिन इसका डर नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed