{"_id":"5821e28f4f1c1ba16fb37d95","slug":"sarbat-khalsa-issue-in-punjab-haryana-hoghcourt-simarjir-singh-mann-withdrew-the-petition","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सरबत खालसा के आयोजन पर असमंजस बरकरार, मान ने वापस ली याचिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरबत खालसा के आयोजन पर असमंजस बरकरार, मान ने वापस ली याचिका
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 08 Nov 2016 08:04 PM IST
विज्ञापन
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरबत खालसा का आयोजन होगा या नहीं इसका फैसला अब पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के बाहर होगा। तलवंडी साबो में 10 नवंबर को सरबत खालसा के आयोजन की अनुमति देने के लिए सरकार को निर्देश जारी करने की अपील वाली याचिका को शिअद (अमृतसर) के अध्यक्ष व पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान ने मंगलवार को वापस ले लिया। हालांकि, मान के वकील रंजन लखनपाल ने कोर्ट के बाहर मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि संवैधानिक अधिकार के चलते यह आयोजन उनका हक है और यह निर्धारित तिथि पर ही होगा।
मान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि 10 नवंबर को तलवंडी साबो में सरबत खालसा के आयोजन की योजना बनाई गई थी। इस योजना के अनुरूप आयोजन के लिए स्वीकृति के लिए डीसी बठिंडा के पास आवेदन भी किया गया था, परंतु इसपर कोई आदेश जारी नहीं किए गए। इसके बाद सरकार को रिप्रेजेंटेशन भी दी गई, परंतु उस पर भी कोई फैसला नहीं लिया गया, जिसके चलते उन्हें हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करनी पड़ी।
याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट ने याची से पूछा था कि आपको किस प्रावधान के तहत सरबत खालसा के आयोजन की इजाजत चाहिए। साथ ही कहा था कि क्या इस प्रकार के आयोजनों के लिए अनुमति आवश्यक है। मंगलवार को मामला सुनवाई के लिए पहुंचा तो याची ने कहा कि वे इस बारे में आगे कुछ नहीं कहना चाहते हैं और उन्हें याचिका वापस लेने की अनुमति दी जाए। इसपर हाईकोर्ट ने इजाजत देते हुए याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि 10 नवंबर को तलवंडी साबो में सरबत खालसा के आयोजन की योजना बनाई गई थी। इस योजना के अनुरूप आयोजन के लिए स्वीकृति के लिए डीसी बठिंडा के पास आवेदन भी किया गया था, परंतु इसपर कोई आदेश जारी नहीं किए गए। इसके बाद सरकार को रिप्रेजेंटेशन भी दी गई, परंतु उस पर भी कोई फैसला नहीं लिया गया, जिसके चलते उन्हें हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करनी पड़ी।
विज्ञापन
याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट ने याची से पूछा था कि आपको किस प्रावधान के तहत सरबत खालसा के आयोजन की इजाजत चाहिए। साथ ही कहा था कि क्या इस प्रकार के आयोजनों के लिए अनुमति आवश्यक है। मंगलवार को मामला सुनवाई के लिए पहुंचा तो याची ने कहा कि वे इस बारे में आगे कुछ नहीं कहना चाहते हैं और उन्हें याचिका वापस लेने की अनुमति दी जाए। इसपर हाईकोर्ट ने इजाजत देते हुए याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन
सरबत खालसा : मान को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत
मान को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत
- फोटो : File Photo
सरबत खालसा से पहले आयोजक नेताओं की गिरफ्तारी पर रोक की अपील पर मंगलवार को भी शिअद (अमृतसर) के अध्यक्ष व पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान को राहत नहीं मिली। मान की याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बिना कोई फैसला सुनाए सुनवाई 23 नवंबर तक टाल दी। हाईकोर्ट ने कहा कि नेताओं और गिरफ्तार लोगों की पूरी सूची अगली सुनवाई पर पेश की जाए।
मंगलवार को केस की सुनवाई आरंभ होते ही मान के वकील ने कोर्ट को 156 गिरफ्तार लोगों की सूची सौंपी। इसपर हाईकोर्ट ने पूछा कि क्या केवल 156 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मान की ओर से बताया गया कि आधिकारिक रूप से 156 लोगों की गिरफ्तारी की सूचना है परंतु अभी उनके पास केवल 156 नाम ही मौजूद हैं। समाचार पत्रों का हवाला देते हुए कहा गया कि 2000 से अधिक लोगों को सरबत खालसा से पूर्व गिरफ्तार किया जा चुका है।
हाईकोर्ट ने कहा कि जो भी तथ्य पेश करने हैं, उन्हें रिकार्ड पर लेकर आया जाए। अगली सुनवाई के दौरान गिरफ्तारियों से जुड़ी जानकारी और नेताओं की सूची हाईकोर्ट में सौंपनी होगी। मामले में याचिका दाखिल करते हुए मान ने अपील की थी कि सरकार सरबत खालसा न होने देने की मंशा से इससे जुड़े लोगों को उठाकर जेल में डाल रही है। ऐसे में इस मामले में होने वाली गिरफ्तारियों पर रोक लगाई जाए।
मंगलवार को केस की सुनवाई आरंभ होते ही मान के वकील ने कोर्ट को 156 गिरफ्तार लोगों की सूची सौंपी। इसपर हाईकोर्ट ने पूछा कि क्या केवल 156 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मान की ओर से बताया गया कि आधिकारिक रूप से 156 लोगों की गिरफ्तारी की सूचना है परंतु अभी उनके पास केवल 156 नाम ही मौजूद हैं। समाचार पत्रों का हवाला देते हुए कहा गया कि 2000 से अधिक लोगों को सरबत खालसा से पूर्व गिरफ्तार किया जा चुका है।
हाईकोर्ट ने कहा कि जो भी तथ्य पेश करने हैं, उन्हें रिकार्ड पर लेकर आया जाए। अगली सुनवाई के दौरान गिरफ्तारियों से जुड़ी जानकारी और नेताओं की सूची हाईकोर्ट में सौंपनी होगी। मामले में याचिका दाखिल करते हुए मान ने अपील की थी कि सरकार सरबत खालसा न होने देने की मंशा से इससे जुड़े लोगों को उठाकर जेल में डाल रही है। ऐसे में इस मामले में होने वाली गिरफ्तारियों पर रोक लगाई जाए।