समझौता ब्लास्ट के मामले में चौंकाने वाला खुलासा
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समझौता ब्लास्ट मामले में एनआईए की विशेष अदालत में हुई सुनवाई में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। घटना के मुख्य आरोपी असीमानंद के अलावा पांच गवाह कोर्ट में पेश हुए।
धमाके के लिए जिस ब्रीफकेस में विस्फोटक ले जाया गया था, उसके कवर की स्टीचिंग करने और कपड़ा बेचने वालों ने गवाही दी। उन्होंने माना कि इंदौर स्थित दुकान से कपड़े की खरीदारी के बाद कवर की सिलाई करवाई गई थी।
मामले में पांच गवाह फखरुद्दीन, इकबाल, जैनुद्दीन, पूरण ठाकुर और आरएन पटेल पेश हुए। एनआईए के वकील राजन महरोत्रा ने बताया ने अगली सुनवाई तीन अप्रैल को होगी।
2007 में हुआ था ट्रेन में ब्लास्ट, 68 मरे थे
2007 में पानीपत के नजदीक दीवाना स्टेशन के पास धमाके में 68 यात्रियों की मौत हो गई थी। जिस ब्रीफकेस में विस्फोटक लाए गए थे, उसके कवर की खरीदारी इंदौर अभिनंदन बैग्स से की गई थी।
कपड़ा खरीदने के लिए पहुंचने वालों ने ग्रे कलर का कपड़ा पसंद कर उसकी स्टीचिंग करवाई थी। कवर में दुकानदार की ओर से लगाए गए टैग के आधार पर उन्होंने पहचान की कि उनकी दुकान से ही कपड़ा खरीदा गया था और वहीं स्टीचिंग भी करवाई गई थी।