करनाल : संत बाबा राम सिंह के अंतिम दर्शन के लिए गुरुद्वारा नानकसर में उमड़ी संगत
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सिंघड़ा गांव स्थित गुरुद्वारा नानकसर में संत बाबा राम सिंह के अंतिम दर्शन के लिए गुरुवार सुबह से शाम तक संगत का तांता लगा रहा। हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश व अन्य इलाकों से हजारों अनुयायियों ने नम आंखों से संत को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उनका पार्थिव शरीर गुरुद्वारा नानकसर में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। शुक्रवार को गुरुद्वारा परिसर में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
कई प्रमुख संतों के अलावा पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर, राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा, असंध से विधायक शमशेर सिंह गोगी, पूर्व विधायक रिसाल सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा, पूर्व जिलाध्यक्ष जगमोहन आनंद, नपा के पूर्व वाइस चेयरमैन डॉ. बलदेव सिंह बरियार, भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर समेत पंजाब व हरियाणा के कई दिग्गज नेता गुरुद्वारा नानकसर पहुंचे और संत को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
दोपहर बाद दिल्ली किसान आंदोलन स्थल से भाकियू नेताओं का 11 सदस्यीय शिष्टमंडल भी गुरुद्वारा पहुंचा। इनमें भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी भी थे। अनुयायियों ने कहा कि आंदोलन के चलते किसानों की हालत देखकर संत राम सिंह बहुत व्यथित थे। उन्होंने सिंघु बार्डर पर कई दिन पहले कंबल व पांच लाख रुपये की मदद किसानों को भेजी थी।
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने ट्वीट कर संत बाबा राम सिंह के निधन पर दुख जताया। सीएम ने लिखा कि संत बाबा राम सिंह का निधन संत समाज, देश, राज्य तथा मेरे लिए अपूरणीय क्षति है। यह अत्यंत दुख का क्षण है, बाबा जी की आत्मा, परमात्मा में विलीन हो। हम उनके दिखाए मानव-कल्याण के मार्ग पर चलने को संकल्पित हैं, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
किसान आंदोलन से दुखी थे बाबा : बादल
करनाल के सिंघडा गुरुद्वारा में संत राम सिंह को श्रद्धांजलि देने पहुंचे नेताओं ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि संत बाबा राम सिंह ने सारी जिंदगी सेवा की और संगतों का मार्गदर्शन किया। जब से किसान आंदोलन चल रहा है वह हर दूसरे-तीसरे दिन वहां जाते थे, उन्हें दुख था कि जो किसान देश का अन्नदाता है वह आज सड़कों पर है। तीन महीने से किसान संघर्ष कर रहे हैं। बाबा को यह बर्दाश्त नहीं हुआ और शहादत दी है। प्रधानमंत्री को अब तक यह समझ नहीं आया। सरकार जनता की मां-बाप होती है। उसे अपने बच्चों रूपी जनता का ख्याल नहीं है।
संत राम सिंह का बलिदान किसान हमेशा याद रखेगा : दीपेंद्र
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि संत राम सिंह का बलिदान किसान हमेशा याद रखेंगे। अब समय आ गया है कि किसान आंदोलन की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए प्रधानमंत्री स्वयं इसमें हस्तक्षेप करें और किसानों की मांगों को पूरा करें।
कितने किसानों का बलिदान लेगी सरकार : सैलजा
हरियाणा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार के कृषि विरोधी काले कानूनों के खिलाफ 20 से ज्यादा किसान अपने जीवन की आहुति दे चुके हैं। अब करनाल के संत बाबा राम सिंह द्वारा अपने प्राणों की आहुति देना मन को व्यथित करने वाला है। एक तरफ किसान अपनी जान गंवा रहे दूसरी तरफ भाजपा सरकार हल निकालने के बजाय किसानों की आवाज दबाने के लिए लगातार ओछे हथकंडे अपना रही है। सरकार और कितने किसानों का बलिदान लेगी।