अरे, ये क्या! चंडीगढ़ में मैगी के सभी सेंपल पास
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दिल्ली, उत्तराखंड और भारतीय सेना में मैगी को बैन करने की खबरों के बीच एक खबर ये भी है कि चंडीगढ़ से लिए मैगी के सभी सैंपल मानकों पर खरे उतरे हैं।
हालांकि इसमें हानिकारक तत्व पाए जाने से मचे बवाल के बाद शहर में इसकी सेल में भारी गिरावट आई है। सेक्टर-11 स्थित लैबोरेटरी ने तीनों सैंपलों की रिपोर्ट चंडीगढ़ प्रशासन को सौंप दी है। हालांकि बुधवार को भी फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड डिपार्टमेंट ने शहर में कई जगह रेड कर मैगी के रैंडम सैंपल लिए।
सभी सैंपल निगेटिव आने के बाद भी लोगों में मैगी का खौफ बना हुआ है। इसका अंदाजा मैगी की गिरती सेल से लगाया जा सकता है। खरीदना तो दूर लोग अपने घरों में पड़े मैगी के पैकेट्स भी वापस करने आ रहे हैं। मैगी में खतरनाक स्तर तक लेड और मोनोसोडियम ग्लूटामेंट (अजीणोमोटो) जैसे हानिकारक तत्व पाए जाने की बात सामने आई है।
सभी मानकों पर तीनों सैंपल की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई
इसके बाद चंडीगढ़ में भी मैगी के तीन सैंपल लिए गए। तीनों सैंपल में लेड और मोनोसोडियम ग्लूटामेंट की मात्रा नहीं मिली है। दूसरों खाद्य सुरक्षा मानकों पर भी सैंपल ठीक मिले हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मैगी पर सवाल उठने के बाद उनकी टीम ने शहर में तीन अलग-अलग हिस्सों से सैंपल लिए थे। तीनों सैंपल सभी मानकों पर जांच के लिए सेक्टर-11 स्थित लैबोरेटरी में भेजे। बुधवार को इनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं बुधवार को सेक्टर-35 और इंडस्ट्रियल एरिया में मैगी के सैंपल लिए गए हैं। इसकी रिपोर्ट तीन दिन के बाद आएगी। यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
नरेश महाजन, संचालक सीएमसी सुपर मार्केट, सेक्टर-23 एवं जनरल सेक्रेटरी, व्यापार मंडल ने बताया कि मैगी की सेल पूरी तरह ठप हो गई है। अब तो दूसरे नूडल्स भी बिकने बंद हो गए हैं। उल्टा मैगी के पैकेट्स ग्राहक घर से वापस करने आ रहे हैं। हम इन्हें वापस ले रहे हैं। अभी लोगों में मैगी को लेकर डर बना हुआ है।