समझौता बलास्ट: असीमानंद की बहस पूरी
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समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट मामले में जमानत की मांग लेकर हाईकोर्ट पहुंचे अभियुक्त असीमानंद के वकील एडवोकेट सत्यपाल जैन ने वीरवार को पैरवी मुकम्मल कर ली है।
अब एनआईए अपना पक्ष रखेगी। हाईकोर्ट ने सुनवाई 22 अगस्त के लिए स्थगित कर दी है। जैन ने आरोप लगाया कि केंद्र की यूपीए सरकार ने इस मामले में कुछ हिंदू नेताओं को जानबूझ कर फंसाने की कोशिश की।
दूसरा गवाहों की फेहरिस्त लंबी है और इनमें कुछ गवाह पाकिस्तान से संबंधित हैं, ऐसे में पंचकूला एनआईए अदालत में ट्रायल लंबा चल सकता है, लिहाजा असीमानंद को लंबे समय तक जेल में रखना उचित नहीं होगा। इस दलील के साथ असीमानंद की जमानत अर्जी मंजूर करने की मांग की गई है।
उधर, एनआईए ने जमानत का विरोध करते कहा कि वह इस ब्लास्ट में मुख्य आरोपी है। असीमानंद बयान में जुर्म कबूल कर चुका है और अदालत में दोष पत्र दाखिल किए जा चुके हैं।
वैसे भी यदि इस मामले में जमानत मिलती है, तब भी असीमानंद जेल में ही रहेगा, क्योंकि वह अजमेर और हैदराबाद ब्लास्ट मामले में भी अभियुक्त है।
असीमानंद ने लगाई थी जमानत की गुहार
हाईकोर्ट के जस्टिस एसके मित्तल की बेंच ने एनआईए से कुछ और जानकारियां मांगते 23 जुलाई के लिए सुनवाई स्थगित कर दी है। एनआईए अदालत पंचकूला की ओर से जमानत अर्जी रद्द किए के बाद असीमानंद ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर करके कहा था कि एनआईए के गवाहों की फेरहिस्त लंबी है।
असीमानंद ने दलील दी थी कि करीब एक सौ से अधिक गवाहों की गवाहियों में लंबा समय लग सकता है और उसे लंबे समय तक जेल में रखना सही नहीं होगा, लिहाजा जमानत दी जाए। हाईकोर्ट ने एनआईए को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
उपरोक्त तथ्यों के अलावा एनआईए ने हाईकोर्ट से यह भी कहा कि इस मामले में अभी तीन अभियुक्त फरार हैं, उनकी गिरफ्तारी बाकी है। इसके अलावा एनआईए को और गहराई से जांच करनी है।
उल्लेखनीय है कि 18 फरवरी 2007 को दिल्ली से लाहौर जा रही समझौता एक्सप्रेस में पानीपत के पास ब्लास्ट में 68 लोग मारे गए थे और 12 जख्मी हुए थे। इसमें असीमानंद को मुख्य आरोपी है।
एनआईए ने किया विरोध
नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट मामले में जेल में बंद नभा कुमार सरकार उर्फ स्वामी असीमानंद की जमानत अर्जी का विरोध किया है।
एनआईए ने कहा है कि असीमानंद ही ब्लास्ट का मुख्य साजिशकर्ता था और ब्लास्ट के लिए फंडिंग भी उसी ने की थी। वह दो मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयानों में भी गुनाह कबूल चुका है। इस गंभीरता के मद्देनजर जमानत अर्जी रद्द की जाए।
मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंपी
समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट मामले की शुक्रवार को पंचकूला की एनआईए की अदालत में सुनवाई हुई। इस मामले के मुख्य आरोपी असीमानंद सहित सभी चार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में एनआईए ने चार डॉक्टरों को गवाही के लिए बुलाया। अदालत में उनके बयान दर्ज किए गए।
डॉक्टरों ने ब्लास्ट में मारे गए यात्रियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए पांच अगस्त की तारीख तय की है। उस तारीख पर अन्य गवाहों के बयान दर्ज होंगे।
एनआईए के वकील राजन मल्होत्रा ने बताया कि सभी चार डॉक्टरों के बयान हुए हैं, जिन्होंने ब्लास्ट में मारे गए लोगों की शिनाख्त की थी। कुछ ऐसे शव भी थे, जिनकी पहचान नहीं हो सकी थी। उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सौंपी गई है।
बता दें कि 18 फरवरी 2007 को चांदनी बाग थाने के तहत दीवाना स्टेशन के नजदीक समझौता एक्सप्रेस में ब्लास्ट हुआ था। इसमें 66 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 13 घायल हो गए थे।