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बेटी को पहचान दिलाने को मजदूर दंपति ने किया कुछ ऐसा, करेंगे सलाम
ब्यूरो/अमर उजाला, डबवाली (सिरसा)
Updated Wed, 20 Jul 2016 09:22 AM IST
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रियलिटी शो वॉयस ऑफ किड्स में सिरसा की बेटी पूजा का जलवा
- फोटो : अमर उजाला
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अक्सर कहा जाता है कि बेटियां पराई होती हैं। लेकिन एक मजदूर के परिवार ने कुछ ऐसा किया है जिसने मिसाल कायम की। बेटी को सिंगिंग कांपीटीशन में भाग लेने के लिए मुंबई जाना था, लेकिन जेब में इतने पैसे नहीं थे कि परिवार उसे भेज पाता। बेटी को पहचान दिलाने के लिए परिवार ने पैसा जुटाया। जब कम पड़े तो कर्ज उठाया है।
मां-बाप ने शादी के आभूषण तक गिरवी रख दिए। अब बेटी मुंबई में है। 23 जुलाई को एक निजी चैनल पर शुरू होने वाले द वॉयस ऑफ किड्स में प्रस्तुति देगी। हम बात कर रहे हैं कबीर बस्ती निवासी 14 वर्षीय पूजा की। यह बेटी राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में दसवीं कक्षा की छात्रा है।
पूजा के पिता रामकुमार एफसीआई में मजदूरी करते हैं। मां अनुराधा घर पर रहती है। बड़ी बहन प्रिया ग्यारहवीं में पढ़ती है, जबकि छोटा भाई राहुल एक निजी स्कूल में पढ़ता है। पूजा की आवाज में वो जादू है, जो दूसरों को बरबस अपनी ओर खींचती है। बचपन से ही वह गाने सुनकर गुनगुनाती थी।
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करीब दो साल पहले परिजनों ने उसे म्यूजिक अकादमी में दाखिल करवा दिया। लेकिन यह बेटी ऊंची उड़ान भरना चाहती थी। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी। करीब चार माह पूर्व पूजा को हरमोनियम दिलाने के लिए मां-बाप ने तीन-तीन ग्राम के स्वर्ण आभूषण एक निजी बैंक में 10 हजार रुपये में गिरवी रख दिए। इस नकदी से हारमोनियम दिलाया।
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मां-बाप ने शादी के आभूषण तक गिरवी रख दिए। अब बेटी मुंबई में है। 23 जुलाई को एक निजी चैनल पर शुरू होने वाले द वॉयस ऑफ किड्स में प्रस्तुति देगी। हम बात कर रहे हैं कबीर बस्ती निवासी 14 वर्षीय पूजा की। यह बेटी राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में दसवीं कक्षा की छात्रा है।
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पूजा के पिता रामकुमार एफसीआई में मजदूरी करते हैं। मां अनुराधा घर पर रहती है। बड़ी बहन प्रिया ग्यारहवीं में पढ़ती है, जबकि छोटा भाई राहुल एक निजी स्कूल में पढ़ता है। पूजा की आवाज में वो जादू है, जो दूसरों को बरबस अपनी ओर खींचती है। बचपन से ही वह गाने सुनकर गुनगुनाती थी।
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करीब दो साल पहले परिजनों ने उसे म्यूजिक अकादमी में दाखिल करवा दिया। लेकिन यह बेटी ऊंची उड़ान भरना चाहती थी। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी। करीब चार माह पूर्व पूजा को हरमोनियम दिलाने के लिए मां-बाप ने तीन-तीन ग्राम के स्वर्ण आभूषण एक निजी बैंक में 10 हजार रुपये में गिरवी रख दिए। इस नकदी से हारमोनियम दिलाया।
बेटी के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं मां-बाप
रियलिटी शो वॉयस ऑफ किड्स में सिरसा की बेटी पूजा का जलवा
- फोटो : अमर उजाला
बेटी को पहचान दिलाने के लिए परिजन कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं। पूजा ने एक टीवी चैनल पर सिंगिंग कांपीटीशन में भाग लेने के लिए अपनी वीडियो दिल्ली भेजी थी। वीडियो देखकर आयोजकों ने उसे ऑडिशन के लिए दिल्ली बुलाया। दिल्ली जाने के लिए 3500 रुपये की जरूरत थी। स्कूल प्रबंधक सहायता के लिए आगे आए एक हजार रुपये दिए, मजदूर पिता ने 2500 रुपये देकर उसे ऑडिशन के लिए भेजा।
हजारों बच्चों के बीच टीम ने पूजा सहित दो बच्चों को सिलेक्ट किया। अब पूजा की मुंबई जाने की बारी थी। उसकी ड्रेस तथा अन्य खर्चों के लिए पूजा को पचास हजार रुपये चाहिए थे। यहां भी मां-बाप ने पूजा का सिर झुकने नहीं दिया। इस बेटी के लिए पिता ने 17 हजार रुपये का कर्ज उठाया है। पांच हजार रुपये की एक कमेटी उठाई है। यहीं नहीं पूजा के लिए उसके चाचा भागीरथ, गोकुल के साथ-साथ दादा मनसा राम ने भी मदद की है।
अनुराधा के मायका से भी सात हजार रुपये की मदद मिली है। ऐसे में दो परिवारों ने बेटी को पहचान दिलाने के लिए पचास हजार रुपये की कलेक्शन करके प्रतिभा दिखाने के लिए मुंबई भेजा है। आगामी 23 जुलाई को द वॉयस ऑफ किड्स के पहले राऊंड में अपनी परफॉरमेंस देगी।
हमें समझना होगा कि बेटियां किसी से कम नहीं। पूजा बेहतरीन गाती है। वह वेस्टन तथा क्लासिकल दोनों गा सकती है। उम्मीद है कि वह बेहतर करेगी। वह मुंबई में शूटिंग में व्यस्त है। उससे बात होती है। पूजा पहली बार बड़े स्तर पर मंच पर गाएगी।
-रामकुमार-अनुराधा, पूजा के पिता और माता
हजारों बच्चों के बीच टीम ने पूजा सहित दो बच्चों को सिलेक्ट किया। अब पूजा की मुंबई जाने की बारी थी। उसकी ड्रेस तथा अन्य खर्चों के लिए पूजा को पचास हजार रुपये चाहिए थे। यहां भी मां-बाप ने पूजा का सिर झुकने नहीं दिया। इस बेटी के लिए पिता ने 17 हजार रुपये का कर्ज उठाया है। पांच हजार रुपये की एक कमेटी उठाई है। यहीं नहीं पूजा के लिए उसके चाचा भागीरथ, गोकुल के साथ-साथ दादा मनसा राम ने भी मदद की है।
अनुराधा के मायका से भी सात हजार रुपये की मदद मिली है। ऐसे में दो परिवारों ने बेटी को पहचान दिलाने के लिए पचास हजार रुपये की कलेक्शन करके प्रतिभा दिखाने के लिए मुंबई भेजा है। आगामी 23 जुलाई को द वॉयस ऑफ किड्स के पहले राऊंड में अपनी परफॉरमेंस देगी।
हमें समझना होगा कि बेटियां किसी से कम नहीं। पूजा बेहतरीन गाती है। वह वेस्टन तथा क्लासिकल दोनों गा सकती है। उम्मीद है कि वह बेहतर करेगी। वह मुंबई में शूटिंग में व्यस्त है। उससे बात होती है। पूजा पहली बार बड़े स्तर पर मंच पर गाएगी।
-रामकुमार-अनुराधा, पूजा के पिता और माता