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पढ़ाई करने के लिए लड़की ने दिखाया जज्बा, कर गई बहादुरी भरा काम
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Thu, 23 Feb 2017 10:37 AM IST
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पढ़ाई करने के लिए मां-बाप के खिलाफ पहुंची हाईकोर्ट
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इस लड़की को देखिए। इसमें पढ़ाई करने की इतनी लगन थी कि उसने बहादुरी दिखाई और एक ऐसा काम किया कि आप भी तारीफ करते नहीं थकेंगे। परिजन शादी करना चाहते थे और वो आगे पढ़ना चाहती थी। दबाव देखते हुए वह मां-बाप के खिलाफ चली गई और उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। लड़की ने घर छोड़ दिया है और ऐसे में अब हाईकोर्ट से ही सुरक्षा की आस है।
पंजाब में अमृतसर के गांव कोहाला निवासी 12वीं की छात्र चरणजीत कौर ने इन्हीं शब्दों के साथ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी जानमाल की गुहार लगाई हैं। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने याची के माता पिता, राज्य के गृह सचिव, पुलिस कमीश्नर अमृतसर, एसपी अमृतसर व एचएचओ अजनाला को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
चरणजीत कौर ने याचिका दाखिल करते हुए कहा कि उसकी उम्र उन्नीस साल है और वह गांव के सभा भारती स्कूल में 12वीं की पढ़ाई कर रही है। वह आगे पढ़ना चाहती है लेकिन उसके पिता ने एक फर्नीचर बनाने वाले लड़के के साथ उसकी शादी तय कर दी। बार-बार मना करने के बावजूद भी परिजन मान नहीं रहे हैं तथा शादी की बात पर अड़े हुए हैं।
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पंजाब में अमृतसर के गांव कोहाला निवासी 12वीं की छात्र चरणजीत कौर ने इन्हीं शब्दों के साथ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी जानमाल की गुहार लगाई हैं। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने याची के माता पिता, राज्य के गृह सचिव, पुलिस कमीश्नर अमृतसर, एसपी अमृतसर व एचएचओ अजनाला को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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चरणजीत कौर ने याचिका दाखिल करते हुए कहा कि उसकी उम्र उन्नीस साल है और वह गांव के सभा भारती स्कूल में 12वीं की पढ़ाई कर रही है। वह आगे पढ़ना चाहती है लेकिन उसके पिता ने एक फर्नीचर बनाने वाले लड़के के साथ उसकी शादी तय कर दी। बार-बार मना करने के बावजूद भी परिजन मान नहीं रहे हैं तथा शादी की बात पर अड़े हुए हैं।
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परिजन अब भी अपनी ही बात पर अड़े हैं
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
परिजनों ने सीधे तौर पर याची को कह दिया कि उसे अब आगे नहीं पढ़ाया जाएगा। याची ने कहा कि उसकी रुचि पढ़ाई में है लेकिन उसके माता पिता ने 22 फरवरी को शादी तय कर दी है। शादी से बचने और अपनी पढ़ाई को आगे जारी रखने के लिए वह शनिवार को घर से भाग कर सोसायटी फॉर वुमेन इम्पावरमेंट एंड ग्रीन कॉस (स्वैग) की चेयरपर्सन एडवोकेट नवजोत कौर के पास चली गई।
अब वह उनकी सरंक्षण में सुरक्षित हैं। याची ने कहा कि शादी रोकने, पढ़ाई जारी रखने व जान माल की सुरक्षा के लिए उसने सेशन जज अमृतसर से गुहार लगाई थी, लेकिन सेशन ने नियमों को हवाला देकर कहा था कि वो केवल प्रेमी जोड़ों को सुरक्षा देने का अधिकार रखते हैं अन्य किसी भी तरह की सुरक्षा देने का अधिकार उनके पास नही हे।
इसके बाद उसने जिला पुलिस प्रमुख को भी एक पत्र लिख कर सुरक्षा की मांग की थी। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद इस मामले में सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।
अब वह उनकी सरंक्षण में सुरक्षित हैं। याची ने कहा कि शादी रोकने, पढ़ाई जारी रखने व जान माल की सुरक्षा के लिए उसने सेशन जज अमृतसर से गुहार लगाई थी, लेकिन सेशन ने नियमों को हवाला देकर कहा था कि वो केवल प्रेमी जोड़ों को सुरक्षा देने का अधिकार रखते हैं अन्य किसी भी तरह की सुरक्षा देने का अधिकार उनके पास नही हे।
इसके बाद उसने जिला पुलिस प्रमुख को भी एक पत्र लिख कर सुरक्षा की मांग की थी। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद इस मामले में सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।