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कक्षा में लगे कैमरों को अभिभावकों के मोबाइल से जोड़ा जाए: पवन बंसल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 12 Sep 2017 09:39 AM IST
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Pawan kumar Bansal
- फोटो : अमर उजाला
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पूर्व रेल मंत्री एवं पूर्व सांसद पवन बंसल ने गुड़गांव हादसे के बाद स्कूलों में एहतियात बरतने के लिए प्रशासन को कुछ सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को सभी सरकारी और निजी स्कूलों के लिए एक विस्तृत प्रोटोकॉल जारी कराना चाहिए। और इस पर सख्ती से अमल किया जाना चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूल बसों में जीपीएस सिस्टस और क्लोज सर्किट्स कैमरों को लगाया जाना चाहिए ताकि कंट्रोल रूम से उन पर नजर रखी जा सके। कैमरे को कक्षाओं में भी स्थापित किया जाना चाहिए। कैमरों का एक्सेस बच्चों के अभिभावक को भी दिया जाना चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया है कि प्रत्येक स्कूल में बस में एक महिला टीचर मौजूद हो और बच्चों को घर से या तय स्थान से ही लिया जाए और छोड़ा जाए। साथ ही बसों में सफर के दौरान भी बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा कि ये सब कुछ रोटेशन के आधार पर किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल परिसर में प्रवेश केवल स्कूल से संबंधित कर्मचारियों और विशेष कार्ड वाले माता-पिता को ही दिया जाना चाहिए, जो प्रत्येक विजिटर को इलेक्ट्रॉेनिक रूप से पहचान ले ताकि स्कूल में आने जाने वाले सभी लोगों का डेटा रिकार्ड किया जा सके।
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उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूल बसों में जीपीएस सिस्टस और क्लोज सर्किट्स कैमरों को लगाया जाना चाहिए ताकि कंट्रोल रूम से उन पर नजर रखी जा सके। कैमरे को कक्षाओं में भी स्थापित किया जाना चाहिए। कैमरों का एक्सेस बच्चों के अभिभावक को भी दिया जाना चाहिए।
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उन्होंने सुझाव दिया है कि प्रत्येक स्कूल में बस में एक महिला टीचर मौजूद हो और बच्चों को घर से या तय स्थान से ही लिया जाए और छोड़ा जाए। साथ ही बसों में सफर के दौरान भी बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा कि ये सब कुछ रोटेशन के आधार पर किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल परिसर में प्रवेश केवल स्कूल से संबंधित कर्मचारियों और विशेष कार्ड वाले माता-पिता को ही दिया जाना चाहिए, जो प्रत्येक विजिटर को इलेक्ट्रॉेनिक रूप से पहचान ले ताकि स्कूल में आने जाने वाले सभी लोगों का डेटा रिकार्ड किया जा सके।
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एसटीए हर हफ्ते करेगी बसों की जांच
गुरुग्राम हादसे के बाद स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी ने प्रशासन केसाथ बैठक कर निर्णय लिया है कि अब हर हफ्ते स्कूलों में चेकिंग चलेगी। चंडीगढ़ पुलिस की ओर से बसों की जांच स्कूल में करने में सहयोग लिया जाएगा। ऑटो, टैक्सी अगर स्टूडेंट्स को ले जाएंगे तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसटीए के एडिशनल सेक्रेटरी राजीव तिवारी ने बताया कि अब शहर के स्कूलों की बसों की चेकिंग के अलावा बसों में सर्च अभियान भी चलाया जाएगा। बस के सीसीटीवी कैमरे, हेल्पलाइन नंबर, इमरजेंसी गेट अगर खराब पाए गए तो बसों का इंपाउंड कर दिया जाएगा। एसटीए हर हफ्ते बसो की चेकिंग करेगी। शहर में 800 स्कूल बसें है। एसटीए ने चेकिंग के दौरान 70 बसों का चालान किया है। वहीं बसो का परमिट और अन्य सामान नहीं होने के बाद भी उनका चालान कर छोड़ दिया जाता था। अब अगर बसों में वायलेशन निकलेगी तो बसों को जब्त कर थाने में खड़ा किया जाएगा।
एसटीए के एडिशनल सेक्रेटरी राजीव तिवारी ने बताया कि अब शहर के स्कूलों की बसों की चेकिंग के अलावा बसों में सर्च अभियान भी चलाया जाएगा। बस के सीसीटीवी कैमरे, हेल्पलाइन नंबर, इमरजेंसी गेट अगर खराब पाए गए तो बसों का इंपाउंड कर दिया जाएगा। एसटीए हर हफ्ते बसो की चेकिंग करेगी। शहर में 800 स्कूल बसें है। एसटीए ने चेकिंग के दौरान 70 बसों का चालान किया है। वहीं बसो का परमिट और अन्य सामान नहीं होने के बाद भी उनका चालान कर छोड़ दिया जाता था। अब अगर बसों में वायलेशन निकलेगी तो बसों को जब्त कर थाने में खड़ा किया जाएगा।