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चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक में घमासान: मिनट्स को लेकर आप और कांग्रेस पार्षदों का प्रदर्शन, मार्शल ने जबरन निकाला बाहर

Mon, 24 Jan 2022 12:50 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 24 Jan 2022 12:50 PM IST
सार

सदन की पहली बैठक में पिछली बैठक के अलावा पार्षदों के शपथ और मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर चुनाव के मिनट्स पास होते हैं। आम आदमी पार्टी पहले से ही तीनों पदों के चुनावों को लेकर विरोध कर रही है। ऐसे में कांग्रेस निर्णायक की भूमिका में है।

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Ruckus in Meeting of Chandigarh Municipal Corporation
चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक में हंगामा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नगर निगम सदन की पहली बैठक में जमकर हंगामा हुआ। सोमवार को बैठक शुरू होते ही आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के पार्षदों ने मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव के मिनट्स का विरोध शुरू कर दिया। भाजपा की ओर से मिनट्स की अनिवार्यता का हवाला दिया गया तो दोनों ही पार्टियों के पार्षद जमीन पर धरना देकर बैठ गए और हंगामा करने लगे।

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मेयर ने मार्शल से कहकर विरोध कर रहे पार्षदों को बाहर निकालने का आदेश दे दिया। इसके बाद मार्शल कुछ पार्षदों को जबरन सदन से बाहर ले गए। उसके बाद मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के मिनट्स को टाल दिया गया। वहीं, विरोध के बावजूद भाजपा ने चार एजेंडे पास करा लिए। 
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नए सत्र में नगर निगम सदन की पहली बैठक सोमवार को हुई। बैठक से पहले ही मिनट्स के लिए लाए गए एजेंडों पर हंगामे के पूरे आसार थे और हुआ भी यही। सबसे पहले दिसंबर में हुई औपचारिक बैठक के एजेंडे और पार्षदों के शपथ ग्रहण के मिनट्स पर तो सदन की सहमति बन गई, लेकिन मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के लिए लाए गए मिनट्स पर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पार्षद बिफर गए। इस दौरान सदन के सचिव राजीव प्रसाद ने वोटिंग करने के लिए कह दिया। जैसे ही वोटिंग शुरू हुई, भाजपा को लग गया कि बहुमत हमारे पक्ष में नहीं होगा। 

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उसके बाद बताया गया कि मिनट्स के लिए कभी वोटिंग नहीं होती है। इस बात पर दोनों पार्टियों के पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया और जबरन मिनट्स पास कराए जाने पर मेयर के सामने पहुंच गए और प्रदर्शन और नारेबाजी करने लगे। लगभग एक घंटे तक चले हंगामे के बाद मेयर सरबजीत कौर ने चाय ब्रेक घोषित कर दिया। 

लगभग साढ़े 12 बजे फिर से बैठक शुरू हुई। कांग्रेस पार्षद गुरबख्श रावत ने कहा कि बिना सदन की सहमति के कोई मिनट्स कैसे पास हो सकता है। मेयर ने कहा कि कांग्रेस ने मेयर चुनाव में तो वोट ही नहीं दिया, फिर आप कैसे मिनट्स पर सवाल उठा सकते हैं। इस पर दोनों दलों के पार्षद इकट्ठा होकर फिर हंगामा करने लगे।

उसके बाद मेयर ने मार्शल को बुलाकर हंगामा कर रहे पार्षदों को सदन के बाहर करने का आदेश दे दिया। साथ ही तीनों प्रमुख पदों का मामला अदालत में होने के कारण इस प्रक्रिया को आगे के लिए टाल दिया गया। इसके अलावा मेयर की ओर से गठित की जाने वाली कमेटियों के प्रस्ताव को भी इस फैसले के साथ आगे टाल दिया गया। वित्त एवं अनुबंध कमेटी में पांच नाम होने के कारण बिना चुनाव के सर्वसम्मति से पांच सदस्यों का चुनाव हो गया। कमेटी में गुरुबख्श रावत, तरुणा मेहता, महेश इंद्र सिंह सिद्धू, सौरभ जोशी और जसवीर सिंह को चुना गया है।

प्रशासन देगा अतिरिक्त फंड, मशीनों का होगा कायाकल्प

सदन में कचरा निस्तारण करने वाली मशीनों को अपग्रेड करने के लिए प्रस्ताव लाया गया। लगभग छह करोड़ की लागत से मशीनों को शहर से निकलने वाले कचरे के निस्तारण करने योग्य बनाया जा सकेगा। नई तकनीक की मशीनों को लगने में अभी समय लगे, तब तक निगम पुरानी मशीनों को ठीक करके उससे कचरा निस्तारण करना चाहता है। सूत्रों की मानें तो प्रशासन इसके लिए निगम को इसके लिए अतिरिक्त फंड देगा।

कचरा निस्तारण के लिए सरकार से मिलेंगे 28.5 करोड़  
कचरा निस्तारण प्लांट में निस्तारित न होने वाले सूखे कचरे को निगम ने डंपिंग ग्राउंड पर फेंक दिया गया है। इससे लगभग लगभग आठ एकड़ भूमि पर एक नया कचरे का पहाड़ बन गया है। इस कूड़े के पहाड़ को निस्तारित करने के लिए निगम ने 77 करोड़ रुपये की योजना बनाई है। इसमें से 28.5 करोड़ रुपये केंद्र सरकार स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत देगी जबकि शेष खर्चा निगम करेगा।  

कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वच्छता सर्वेक्षण में भी फायदा
सदन में सीवर साफ करने वाले कर्मचारियों के लिए एक प्रस्ताव लाया गया। इसमें सीवर की सफाई के लिए विषम परिस्थितियों में कर्मचारियों को खुद ही अंदर जाना होता है। इसके लिए उन्हें पूरी तरह से प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही जब वह सीवर की सफाई के लिए अंदर जाएंगे तो 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस योजना से निगम को स्वच्छता सर्वेक्षण में भी 10 नंबरों का फायदा होगा।

शहर के फाइव स्टार रेटिंग करने पर भी असमंजस
स्वच्छता अभियान में शहर को फाइव स्टार रेटिंग के लिए आवेदन करने के बारे में सदन के सामने जानकारी प्रस्तुत की गई। इस पर आप और कांग्रेस के पार्षदों ने मेयर व आयुक्त से कई सवाल पूछ डाले। बाद में इसे लेकर हाथ खड़ा करवाकर वोटिंग कराई गई। आप पार्षदों ने पहले एजेंडे के पक्ष और विपक्ष दोनों में हाथ उठाए लेकिन बाद में बायकॉट कर दिया, वहीं कांग्रेस ने भाजपा के साथ मिलकर समर्थन दे दिया। इस पर एजेंडा पास हो गया।
 
गुरबक्श के सवालों पर बोलीं मेयर, तीन सवाल पूछ सकता है पार्षद
स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर कांग्रेस पार्षद गुरुबक्श रावत ने एक के बाद एक कई सवाल पूछे। इस पर मेयर ने कहा कि एक पार्षद सदन में केवल तीन सवाल पूछ सकता है। सचिव ने तत्काल अधिनियम भी पढ़कर सुना दिया। इस दौरान डंपिंग ग्राउंड के मुद्दे पर भाजपा पार्षद कंवरजीत राणा ने कहा कि यह प्लांट और कचरे के पहाड़ का नासूर तो कांग्रेस ने ही दिया है। बहस के बाद मेयर ने उन्हें बैठाया। वहीं आप पार्षद कुलदीप सिंह ने डड्डूमाजरा को लेकर कई सवाल किए, मेयर ने कहा कि एजेंडे को लेकर चर्चा करें।

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