भगवंत मान ने सुखबीर बादल को कहे आपत्तिजनक शब्द, फिर मीडियाकर्मियों से उलझे, बोले...
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अपनी अजीबोगरीब हरकतों के लिए हमेशा चर्चा में रहने वाले आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान मंगलवार को मीडियाकर्मियों से ही उलझ गए। पार्टी के मोहाली स्थित प्रदेश कार्यालय में बैठक थी। इसके बाद वह पत्रकारों से बात कर रहे थे। इसी दौरान उनसे पूछा गया कि शिरोमणि अकाली दल विभिन्न मुद्दों पर धरने दे रहा है, आम आदमी पार्टी क्या कर रही है।
इस सवाल पर मान अचानक आपा खो बैठे। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल के लिए आपत्तिजनक शब्द कहे और खड़े होकर पत्रकार से तू-तड़ाक करने लगे। उन्होंने कहा कि क्या सारे सवाल पूछने का ठेका तुमने ही ले रखा है। इससे पत्रकार भी भड़क गए और मान के रवैये का विरोध करने लगे। आप नेताओं ने भी मान को शांत करने की कोशिश की। उसके बाद मान वहां से चले गए।
शिअद बोली- मान से मांगें डोप टेस्ट की रिपोर्ट
शिरोमणि अकाली दल ने भगवंत मान के बर्ताव की निंदा की है। पार्टी प्रवक्ता डॉ. दलजीत चीमा ने पत्रकारों से अनुरोध किया कि हर बार बातचीत शुरू करने से पहले वे मान से डोप टेस्ट की रिपोर्ट जरूर मांगें। पत्रकार अपने साथ एल्कोमीटर लेकर जाएं ताकि पता चल सके कि मान बात करने की स्थिति में हैं या नहीं। मान संसद में पंजाब का नाम बदनाम कर चुके हैं। अब ऐसी स्थितियां पैदा कर रहे हैं कि पंजाब में भी लोग उनसे बात करने से पहले नशे की मात्रा चेक करेंगे।
आधे विद्यार्थियों को वर्दियां न मिलना शर्मनाक : आप
आम आदमी पार्टी ने कहा है कि पारा दस डिग्री से नीचे पहुंच गया है लेकिन राज्य सरकार अब तक आधे जरूरतमंद विद्यार्थियों को वर्दियां नहीं दे सकी। कोर कमेटी चेयरमैन प्रिंसिपल बुद्धराम और उप नेता सरबजीत कौर माणुके ने कहा कि कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले एससी और बीपीएल परिवारों के 43 फीसदी बच्चों को सर्दी की वर्दी नहीं बांटी जा सकी है।
इसके लिए शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और वित्त मंत्रियों के अलावा सीएम सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। औसतन 57 प्रतिशत बच्चों को वर्दियां मिली हैं। कई जिलों में यह दर बहुत कम है। फाजिल्का में कुल 78367 लाभर्थियों में से सिर्फ 17 फीसदी को ही वर्दी मिली है। सरकार ने पिछले साल विधानसभा में हुई किरकिरी से कोई सबक नहीं लिया। पिछले साल वर्दियों की क्वालिटी इतनी घटिया थी कि अभिभावकों ने लेने से इनकार कर दिया था। इस बार फिर वर्दियां न देकर सरकार ने साबित कर दिया है कि उसका गरीब बच्चों से कोई सरोकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रति विद्यार्थी छह सौ रुपये वर्दी के लिए निर्धारित किए गए हैं, जो गरीबों के साथ भद्दा मजाक है। महंगाई के मुताबिक इसमें बढ़ोतरी होनी चाहिए। आप नेताओ ने मांग की कि राज्य के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में एक ही ड्रेस कोड लागू किया जाए ताकि बच्चों में हीनभावना न पैदा हो। यह मुद्दा सदन में उठाया जा चुका है, सीएम को पत्र भी लिखा गया, पर कुछ नहीं हुआ।
कांग्रेस के मुंडी आप में शामिल
समराला हलके के कांग्रेस नेता रूपिंदर सिंह मुंडी आप में शामिल हो गए। हरपाल चीमा समेत कई आप नेताओं ने उनका स्वागत किया। मुंडी कांग्रेस विधायक अमरीक सिंह ढिल्लों के करीबी थे। लंबे समय से समाजसेवा और राजनीति में सक्रिय है। आप ने उन्हें प्रवक्ता नियुक्त किया है।