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अब सीएलयू मामले में जमानत लेने हाईकोर्ट पहुंचे रोशनलाल आर्य
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Sat, 25 Jun 2016 06:32 PM IST
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पुलिस हिरासत में पूर्व विधायक रोशन लाल आर्य
- फोटो : फाइल फोटो
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हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान भड़काऊ भाषण देने के आरोपों और अब धोखाधड़ी के मामले में फंसे पूर्व विधायक रोशन लाल आर्य ने शुक्रवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में नियमित जमानत की मांग करते हुए याचिका दायर की। जस्टिस गुरमीत राम ने इस याचिका पर सुनवाई की तारीख 5 जुलाई तय की है।
रोशनलाल आर्य ने अपनी याचिका में कहा है कि उन्हें राजनीतिक कारणों से फंसाया जा रहा है और सीएलयू के मामले में उन पर पैसे लेने का जो आरोप लगाया गया है, वह पूरी तरह गलत है। आर्य ने याचिका में कहा है कि वे कभी भी इतने सक्षम नहीं थे कि कांग्रेस सरकार के दौरान वे किसी व्यक्ति को सीएलयू दिला पाते।
याचिका में उन्होंने आगे कहा है कि इस मामले से पहले भी राज्य पुलिस ने उन पर जाट आंदोलन के दौरान भड़काऊ भाषण देने के आरोप में विभिन्न स्थानों पर मामले दर्ज किए हैं और हाईकोर्ट उन मामलों में उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा चुका है।
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रोशनलाल ने याचिका में कहा है कि भड़काऊ भाषण मामले में गिरफ्तारी पर रोक लग जाने के कारण अब उन्हें गिरफ्तार करने के उद्देश्य से ही सीएलयू का नया मामला रचा गया है। शुक्रवार को जस्टिस गुरमीत राम ने उनकी याचिका को सुनते हुए तुरंत राहत तो नहीं दी और मामले की सुनवाई 5 जुलाई तक स्थगित कर दी।
यह है मामला
यमुनानगर पुलिस ने गत 26 अप्रैल को दिल्ली निवासी विशाल अग्रवाल की शिकायत पर रोशन लाल आर्य के खिलाफ धोखाधड़ी, संपत्ति हड़पने व आय से अधिक संपत्ति के मामले में धारा 420, 406 व 180 के तहत मामला दर्ज किया था। विशाल अग्रवाल ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि रोशनलाल आर्य ने वर्ष 2013 में उन्हें जमीन की सीएलयू दिलाने के एवज में 30 लाख रुपये लिए थे। शिकायत में कहा गया है कि आर्य ने उन्हें कहा था कि उनके मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से अच्छे संबंध हैं और वे उन्हें सीएलयू दिला देंगे। इस मामले में यमुनानगर पुलिस ने रोशनलाल आर्य को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच के दौरान पैसों की रिकवरी के लिए पुलिस उन्हें जम्मू भी लेकर गई थी।
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रोशनलाल आर्य ने अपनी याचिका में कहा है कि उन्हें राजनीतिक कारणों से फंसाया जा रहा है और सीएलयू के मामले में उन पर पैसे लेने का जो आरोप लगाया गया है, वह पूरी तरह गलत है। आर्य ने याचिका में कहा है कि वे कभी भी इतने सक्षम नहीं थे कि कांग्रेस सरकार के दौरान वे किसी व्यक्ति को सीएलयू दिला पाते।
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याचिका में उन्होंने आगे कहा है कि इस मामले से पहले भी राज्य पुलिस ने उन पर जाट आंदोलन के दौरान भड़काऊ भाषण देने के आरोप में विभिन्न स्थानों पर मामले दर्ज किए हैं और हाईकोर्ट उन मामलों में उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा चुका है।
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रोशनलाल ने याचिका में कहा है कि भड़काऊ भाषण मामले में गिरफ्तारी पर रोक लग जाने के कारण अब उन्हें गिरफ्तार करने के उद्देश्य से ही सीएलयू का नया मामला रचा गया है। शुक्रवार को जस्टिस गुरमीत राम ने उनकी याचिका को सुनते हुए तुरंत राहत तो नहीं दी और मामले की सुनवाई 5 जुलाई तक स्थगित कर दी।
यह है मामला
यमुनानगर पुलिस ने गत 26 अप्रैल को दिल्ली निवासी विशाल अग्रवाल की शिकायत पर रोशन लाल आर्य के खिलाफ धोखाधड़ी, संपत्ति हड़पने व आय से अधिक संपत्ति के मामले में धारा 420, 406 व 180 के तहत मामला दर्ज किया था। विशाल अग्रवाल ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि रोशनलाल आर्य ने वर्ष 2013 में उन्हें जमीन की सीएलयू दिलाने के एवज में 30 लाख रुपये लिए थे। शिकायत में कहा गया है कि आर्य ने उन्हें कहा था कि उनके मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से अच्छे संबंध हैं और वे उन्हें सीएलयू दिला देंगे। इस मामले में यमुनानगर पुलिस ने रोशनलाल आर्य को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच के दौरान पैसों की रिकवरी के लिए पुलिस उन्हें जम्मू भी लेकर गई थी।