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रॉक गार्डन की भूल-भूलैयों में खो जाएंगे आप
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 29 Oct 2013 07:38 PM IST
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सिटी ब्यूटीफुल आने वाले पर्यटकों के लिए रॉक गार्डन मुख्य आकर्षण का केंद्र है। हर साल इस गार्डन को देखने हजारों पर्यटक आते हैं।
चंडीगढ़ के सेक्टर एक में सुखना लेक और कैपिटल कांप्लेक्स के बीच में स्थित रॉक गार्डन को दुनिया भर में बहुत सराहा गया है।
रॉक गार्डन की चर्चा के दौरान यदि नेकचंद की बात न हो ऐसा हो ही नहीं सकता। दरअसल चंडीगढ़ प्रशासन के ही एक कर्मचारी नेकचंद के एकल प्रयासों का बेहतरीन, अनुपम और उत्कृष्ट नमूना है रॉक गार्डन।
चंद ने लगभग चार दशक पहले शहर और उद्योग के कचरों से यहां कई कलाकृतियां बनाई हैं।
40 एकड़ में फैले इस गार्डन में मूर्तियां घर के बेकार सामानों जैसे टूटी हुई चूड़ी, चीनी मिट्टी के बर्तन, तार, ऑटो पार्ट्स और ट्यूब लाइट से बनी हैं।
गार्डन में झरनों और जलकुंड के अलावा ओपन एयर थियेटर भी है जहां कई प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियां होती हैं। यहां घूमावदार रास्ते सहित 14 लुभावने चैंबर हैं, जो नवीनता और कल्पनाशीलता को दर्शाते हैं।
भवन के कचरे, खाने के कांटे, खेलने की गोलियां और टेराकोटा बर्तन को भी गार्डन में भवन, मानवीय चेहरा और जानवर सहित कई रूपों में प्रदर्शित किया गया है।
नेकचंद दिन भर साइकिल पर बेकार पड़ी ट्यूब लाइट्स, टूटी-फूटी चूडि़यों, प्लेट, चीनी के कप, फ्लश की सीट, बोतल के ढक्कन व किसी भी बेकार फेंकी गई वस्तुओं को एकत्र करते रहते और उन्हें यहां सेक्टर एक में इकट्ठा करते रहते।
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धीरे-धीरे फुर्सत के क्षणों में इन बेकार चीज़ों से ही उन्होंने ऐसी उत्कृष्ट आकृतियों का निर्माण किया कि देखने वाले दंग रह गए।
नेकचंद के रॉक गार्डन की कीर्ति अब देश-विदेश के कलाप्रेमियों के दिलों में घर कर चुकी है।
क्यों देखें: घर के रद्दी और बेकार पड़े सामानों का बेहतरीन प्रयोग, कृत्रिम झड़ना, उत्कृष्ट आर्ट का नमुना देखने।
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चंडीगढ़ के सेक्टर एक में सुखना लेक और कैपिटल कांप्लेक्स के बीच में स्थित रॉक गार्डन को दुनिया भर में बहुत सराहा गया है।
रॉक गार्डन की चर्चा के दौरान यदि नेकचंद की बात न हो ऐसा हो ही नहीं सकता। दरअसल चंडीगढ़ प्रशासन के ही एक कर्मचारी नेकचंद के एकल प्रयासों का बेहतरीन, अनुपम और उत्कृष्ट नमूना है रॉक गार्डन।
चंद ने लगभग चार दशक पहले शहर और उद्योग के कचरों से यहां कई कलाकृतियां बनाई हैं।
40 एकड़ में फैले इस गार्डन में मूर्तियां घर के बेकार सामानों जैसे टूटी हुई चूड़ी, चीनी मिट्टी के बर्तन, तार, ऑटो पार्ट्स और ट्यूब लाइट से बनी हैं।
गार्डन में झरनों और जलकुंड के अलावा ओपन एयर थियेटर भी है जहां कई प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियां होती हैं। यहां घूमावदार रास्ते सहित 14 लुभावने चैंबर हैं, जो नवीनता और कल्पनाशीलता को दर्शाते हैं।
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भवन के कचरे, खाने के कांटे, खेलने की गोलियां और टेराकोटा बर्तन को भी गार्डन में भवन, मानवीय चेहरा और जानवर सहित कई रूपों में प्रदर्शित किया गया है।
नेकचंद दिन भर साइकिल पर बेकार पड़ी ट्यूब लाइट्स, टूटी-फूटी चूडि़यों, प्लेट, चीनी के कप, फ्लश की सीट, बोतल के ढक्कन व किसी भी बेकार फेंकी गई वस्तुओं को एकत्र करते रहते और उन्हें यहां सेक्टर एक में इकट्ठा करते रहते।
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धीरे-धीरे फुर्सत के क्षणों में इन बेकार चीज़ों से ही उन्होंने ऐसी उत्कृष्ट आकृतियों का निर्माण किया कि देखने वाले दंग रह गए।
नेकचंद के रॉक गार्डन की कीर्ति अब देश-विदेश के कलाप्रेमियों के दिलों में घर कर चुकी है।
क्यों देखें: घर के रद्दी और बेकार पड़े सामानों का बेहतरीन प्रयोग, कृत्रिम झड़ना, उत्कृष्ट आर्ट का नमुना देखने।