जल्द ही जब्त हो सकती है राबर्ट वाड्रा की संपत्ति!
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हरियाणा की नई भाजपा सरकार ने कहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा से जुड़े जमीन सौदों की आपराधिक जांच कराएगी।
फर्जीवाड़ा साबित होने पर वाड्रा की न केवल संपत्ति जब्त होगी, बल्कि जमीन सौदे में शामिल अन्य कंपनियों और सौदे को गलत तरीके से मंजूरी देने वाले अधिकारियों पर भी गाज गिरेगी।
ऐसे में वाड्रा के साथ-साथ रियल एस्टेट कंपनी डीलएफ पर भी कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा सरकार इन सौदों की सीबीआई से जांच कराने पर भी विचार कर रही है।
भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों ने शनिवार को बताया कि प्रथमदृष्टया ही कई सौदे में अनियमितता बरता जाना साफ तौर पर दिखता है। खासतौर से वाड्रा को लाभ पहुंचाने के लिए कृषि भूमि के बेचे जाने के बाद उसका लैंड यूज बदलना और आचार संहिता लागू होने से पहले वाड्रा-डीएलएफ जमीन सौदे को आनन फानन मंजूरी देना ऐसे ही मामले हैं।
ऐसे सौदे जांच के क्रम में न केवल रद्द होंगे, बल्कि वाड्रा समेत ऐसी अनियमितता में शामिल अन्य रियल एस्टेट कंपनियों की सौदे से जुड़ी संपत्ति जब्त की जाएगी।
सीबीआई से जांच करा सकती है सरकार
सूत्र के मुताबिक इस मिलीभगत में शामिल अधिकारियों पर भी गाज गिरनी तय थी। अगर आपराधिक जांच के क्रम में जरूरी हुआ तो नई सरकार इन सौदों की सीबीआई से जांच कराने से भी नहीं चूकेगी। महज लैंड यूज बदले जाने के कारण इन सौदों से हरियाणा सरकार को 3.9 लाख करोड़ रुपये का घाटा होने का अनुमान है।
मालूम हो राजस्थान में सत्ता परिवर्तन के बाद वाड्रा से जुड़े जमीन सौदे की जांच शुरू की गई थी। भाजपा का दावा है कि इस जांच में जमीन सौदे में कई अनियमितताएं पाई गई हैं। अब जबकि हरियाणा में भी सत्ता परिवर्तन हो गया है और नई सरकार रविवार को कार्यभार संभाल रही है, तब कार्यभार संभालने से पहले ही जमीन सौदों की आपराधिक जांच पर सहमति बन गई है।
हरियाणा में वाड्रा सहित कई अन्य रियल एस्टेट कंपनी पर 21 हजार एकड़ कृषि भूमि खरीदने के बाद सरकार से मिलीभगत कर इनका लैंड यूज बदलवाने का आरोप है। लोकसभा चुनाव के दौरान खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सौदे को चुनावी मुद्दा बनाया था।