{"_id":"64d247999630d05d7c08caa1","slug":"roads-will-not-be-built-without-drain-and-rain-water-drainage-point-chandigarh-news-c-16-1-pkl1082-210008-2023-08-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: बिना ड्रेन व बरसाती पानी की निकासी प्वाइंट के नहीं बनेंगी सड़कें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: बिना ड्रेन व बरसाती पानी की निकासी प्वाइंट के नहीं बनेंगी सड़कें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सड़कों के डिवाइडर, रेलवे ऊपरगामी पुल, रेलवे लाइन के नीचे के पुलों पर लोक निर्माण विभाग लगवाएगा स्ट्रीट लाइटें
तीनों विभागों को आपसी तालमेल से सड़क किनारे पानी की निकासी के लिए ड्रेन व उसकी निकासी प्वाइंट के लिए बनाना होगा तालमेल
मुख्यमंत्री की अनुमति से निकाय विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी
नसीब सैनी
चंडीगढ़। शहरों व गांवों में पानी निकासी न होने के कारण खराब होने वाली सड़कों व देखरेख के अभाव में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को लेकर सरकार ने सख्त संज्ञान लिया है। इसके लिए नगर निकाय, ग्रामीण विकास एवं लोक निर्माण विभाग को आपसी तालमेल बनाने के निर्देश जारी किए हैं। ताकि एक विभाग यदि सड़क बनाए तो दूसरा उसे ड्रेन बनाने के लिए न उखाड़े और यदि ड्रेन या पानी निकासी का नाला बना भी दिया है तो उसके पानी की निकासी का प्वाइंट जरूर जोड़ा जाए। इसी प्रकार के निर्देश स्ट्रीट लाइटों के लिए जारी किए हैं। टेंडर में तय समय अनुसार स्ट्रीट लाइटों की देखरेख संबंधित एजेंसी करेगी। इसके बाद इन्हें चालू हालत में नगर निकाय विभाग को सौंप दिया जाएगा।
सड़क किनारे बनाए गए नालों या ड्रेन के डिस्पोजल प्वाइंट ही नहीं
सरकार के संज्ञान में आया था कि प्रदेश में कई जगहों पर सड़कों के किनारे बनाए गए नालों या ड्रेन के डिस्पोजल प्वाइंट ही नहीं हैं। ऐसे में इनके बनाने का उद्देश्य ही पूरा नहीं हो पा रहा है। कई जगह सड़कों के किनारे नाले ही नहीं बने हैं। इससे भी सड़कों को नुकसान पहुंचता है। इसके अलावा सड़क के डिवाइडर, रेलवे ऊपरगामी पुलों व रेलवे लाइन के नीचे के पुलों पर लगाई जाने वाली लाइटें खराब हालत में पड़ी रहती हैं। इतना ही नहीं कई बार नई सड़क बनाने के बाद नाला बनाने के लिए उसे उखाड़ दिया जाता है। इससे वित्तीय नुकसान भी होता है और जनता को असुविधा भी होती है। ऐसे में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अनुमति से नगर निकाय विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
डिस्पोजल प्वाइंट नगर निकाय विभाग मुहैया करवाएगा
अधिकारियों को दिए निर्देशों में सीएम ने कहा कि जहां भी सड़क को चौड़ा किया जाए, नया बनाया जाए या मरम्मत की जाए, वहां पर बनने वाले ड्रेन या नाले के पानी निकासी का डिस्पोजल प्वाइंट जरूर तय किया जाए। डिस्पोजल प्वाइंट नगर निकाय विभाग मुहैया करवाएगा। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी इसके लिए समन्वय करेंगे। जहां डिस्पोजल प्वाइंट या आगे पानी निकासी का रास्ता नहीं है, यह रास्ता बनाने की जिम्मेवारी नगर निकाय विभाग या ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत विकास विभाग की होगी। टेंडर में एजेंसी की देखरेख अवधि खत्म होने के बाद इसे नगर निकाय या पंचायत को सौंप दिया जाएगा। जहां पर पहले से सड़कें बनी हुई हैं और वहां पानी निकासी के लिए नाले या ड्रेन नहीं हैं। वहां इनके निर्माण की जिम्मेवारी नगर निकाय विभाग को लोक निर्माण विभाग से समन्वय करते हुए सौंपी गई है।
विज्ञापन
स्ट्रीट लाइट लगाने की जिम्मेवारी लोक निर्माण व नगर निकाय विभाग की होगी
स्ट्रीट लाइट के मामले में सड़कों को चारमार्गीय बनाते समय, रेलवे ऊपरगामी व रेलवे लाइन के नीचे के पुलों पर स्ट्रीट लाइटें लगाने का जिम्मेवार लोक निर्माण विभाग का होगा। इसके अलावा अन्य सभी जगह स्ट्रीट लाइट नगर निकाय विभाग की जिम्मेवारी होंगी। टेंडर अवधि समाप्त होने के बाद चालू हालत में स्ट्रीट लाइट नगर निकाय विभाग को सौंपेगे। बिजली संबंधी खर्च नगर निकाय विभाग को ही वहन करना होगा।
विज्ञापन
तीनों विभागों को आपसी तालमेल से सड़क किनारे पानी की निकासी के लिए ड्रेन व उसकी निकासी प्वाइंट के लिए बनाना होगा तालमेल
मुख्यमंत्री की अनुमति से निकाय विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी
नसीब सैनी
चंडीगढ़। शहरों व गांवों में पानी निकासी न होने के कारण खराब होने वाली सड़कों व देखरेख के अभाव में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को लेकर सरकार ने सख्त संज्ञान लिया है। इसके लिए नगर निकाय, ग्रामीण विकास एवं लोक निर्माण विभाग को आपसी तालमेल बनाने के निर्देश जारी किए हैं। ताकि एक विभाग यदि सड़क बनाए तो दूसरा उसे ड्रेन बनाने के लिए न उखाड़े और यदि ड्रेन या पानी निकासी का नाला बना भी दिया है तो उसके पानी की निकासी का प्वाइंट जरूर जोड़ा जाए। इसी प्रकार के निर्देश स्ट्रीट लाइटों के लिए जारी किए हैं। टेंडर में तय समय अनुसार स्ट्रीट लाइटों की देखरेख संबंधित एजेंसी करेगी। इसके बाद इन्हें चालू हालत में नगर निकाय विभाग को सौंप दिया जाएगा।
सड़क किनारे बनाए गए नालों या ड्रेन के डिस्पोजल प्वाइंट ही नहीं
सरकार के संज्ञान में आया था कि प्रदेश में कई जगहों पर सड़कों के किनारे बनाए गए नालों या ड्रेन के डिस्पोजल प्वाइंट ही नहीं हैं। ऐसे में इनके बनाने का उद्देश्य ही पूरा नहीं हो पा रहा है। कई जगह सड़कों के किनारे नाले ही नहीं बने हैं। इससे भी सड़कों को नुकसान पहुंचता है। इसके अलावा सड़क के डिवाइडर, रेलवे ऊपरगामी पुलों व रेलवे लाइन के नीचे के पुलों पर लगाई जाने वाली लाइटें खराब हालत में पड़ी रहती हैं। इतना ही नहीं कई बार नई सड़क बनाने के बाद नाला बनाने के लिए उसे उखाड़ दिया जाता है। इससे वित्तीय नुकसान भी होता है और जनता को असुविधा भी होती है। ऐसे में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अनुमति से नगर निकाय विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन
डिस्पोजल प्वाइंट नगर निकाय विभाग मुहैया करवाएगा
अधिकारियों को दिए निर्देशों में सीएम ने कहा कि जहां भी सड़क को चौड़ा किया जाए, नया बनाया जाए या मरम्मत की जाए, वहां पर बनने वाले ड्रेन या नाले के पानी निकासी का डिस्पोजल प्वाइंट जरूर तय किया जाए। डिस्पोजल प्वाइंट नगर निकाय विभाग मुहैया करवाएगा। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी इसके लिए समन्वय करेंगे। जहां डिस्पोजल प्वाइंट या आगे पानी निकासी का रास्ता नहीं है, यह रास्ता बनाने की जिम्मेवारी नगर निकाय विभाग या ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत विकास विभाग की होगी। टेंडर में एजेंसी की देखरेख अवधि खत्म होने के बाद इसे नगर निकाय या पंचायत को सौंप दिया जाएगा। जहां पर पहले से सड़कें बनी हुई हैं और वहां पानी निकासी के लिए नाले या ड्रेन नहीं हैं। वहां इनके निर्माण की जिम्मेवारी नगर निकाय विभाग को लोक निर्माण विभाग से समन्वय करते हुए सौंपी गई है।
विज्ञापन
स्ट्रीट लाइट लगाने की जिम्मेवारी लोक निर्माण व नगर निकाय विभाग की होगी
स्ट्रीट लाइट के मामले में सड़कों को चारमार्गीय बनाते समय, रेलवे ऊपरगामी व रेलवे लाइन के नीचे के पुलों पर स्ट्रीट लाइटें लगाने का जिम्मेवार लोक निर्माण विभाग का होगा। इसके अलावा अन्य सभी जगह स्ट्रीट लाइट नगर निकाय विभाग की जिम्मेवारी होंगी। टेंडर अवधि समाप्त होने के बाद चालू हालत में स्ट्रीट लाइट नगर निकाय विभाग को सौंपेगे। बिजली संबंधी खर्च नगर निकाय विभाग को ही वहन करना होगा।