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ओलंपिक की स्टार पहलवान साक्षी फिर अखाड़े में उतरी, बताईं कमजोरियां
अंकित चौहान/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Sun, 11 Sep 2016 10:04 AM IST
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ओलंपिक मेडल विजेता पहलवान साक्षी मलिक
- फोटो : फाइल फोटो
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रियो ओलंपिक में देश को पहला मेडल जिताने वाली पहलवान साक्षी मलिक पहली बार अखाड़े में उतरीं और जमकर प्रैक्टिस की। अखाड़े में उतरी तो उसने सीधे डबल लेग और लिफ्ट का दांव लगाया।
साक्षी ओलंपिक में मेडल जीतने के बाद पहली बार प्रैक्टिस करने स्टेडियम में पहुंची थी। जहां उसने सबसे पहले उन दांवों में हाथ आजमाया, जिनमें वह ओलंपिक में कमजोर दिखी थी। वह आगे भी प्रैक्टिस में उन पर ही हाथ आजमाएगी, जिससे उन दांव को मजबूत कर सके।
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साक्षी ओलंपिक में मेडल जीतने के बाद पहली बार प्रैक्टिस करने स्टेडियम में पहुंची थी। जहां उसने सबसे पहले उन दांवों में हाथ आजमाया, जिनमें वह ओलंपिक में कमजोर दिखी थी। वह आगे भी प्रैक्टिस में उन पर ही हाथ आजमाएगी, जिससे उन दांव को मजबूत कर सके।
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रियो में कई दांव खेलने में कमजोर दिखी साक्षी
ओलंपिक मेडल विजेता पहलवान साक्षी मलिक
- फोटो : फाइल फोटो
रियो ओलंपिक में साक्षी मलिक ने भले ही देश के लिए कांस्य पदक जीता हो। लेकिन वहां कई दांव में साक्षी कमजोर दिखाई दी। साक्षी खुद मानती है कि डबल लेग, सिंगल लेग, लिफ्ट दांव में कमजोरी की वजह से वह स्वर्ण पदक से दूर रही।
इनमें उसे कामयाबी मिलती तो वह कांस्य को स्वर्ण में बदल सकती थी। यही कारण है कि साक्षी का पूरा फोकस इन दांव को मजबूत करने पर है। साक्षी जब बृहस्पतिवार शाम को पहली बार सर छोटूराम स्टेडियम के कुश्ती हाल में मेट पर उतरी तो उसने सबसे पहले इन तीनों दांव को आजमाया।
इनमें उसे कामयाबी मिलती तो वह कांस्य को स्वर्ण में बदल सकती थी। यही कारण है कि साक्षी का पूरा फोकस इन दांव को मजबूत करने पर है। साक्षी जब बृहस्पतिवार शाम को पहली बार सर छोटूराम स्टेडियम के कुश्ती हाल में मेट पर उतरी तो उसने सबसे पहले इन तीनों दांव को आजमाया।
एक खास दांव को साक्षी ने प्रैक्टिस में शामिल किया
ओलंपिक मेडल विजेता पहलवान साक्षी मलिक
- फोटो : फाइल फोटो
साक्षी ने अपनी साथी पहलवान के साथ सबसे पहले डबल लेग दांव लगाया, जिससे दोनों पैरों को पकड़कर उसे गिरा सके। इस दांव को कुछ देर तक लगाने के बाद उसने ज्यादा समय लिफ्ट पर दिया।
इस दांव में विपक्षी पहलवान को उठाकर पटकना होता है। हालांकि इसमें सबसे ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है, लेकिन इससे प्वाइंट भी सबसे ज्यादा मिलते हैं। इसलिए साक्षी ने इस दांव को अपनी नियमित प्रैक्टिस में शामिल कर लिया है।
वह रोजाना प्रैक्टिस के दौरान इस दांव को जरूर लगाएगी। सिंगल लेग का दांव भी साक्षी ने लगाया, जिसमें पहलवान को एक पैर से अनियंत्रित करके गिराया जाता है। इन तीन दांव के साथ साक्षी की पहले दिन की प्रैक्टिस रही।
इस दांव में विपक्षी पहलवान को उठाकर पटकना होता है। हालांकि इसमें सबसे ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है, लेकिन इससे प्वाइंट भी सबसे ज्यादा मिलते हैं। इसलिए साक्षी ने इस दांव को अपनी नियमित प्रैक्टिस में शामिल कर लिया है।
वह रोजाना प्रैक्टिस के दौरान इस दांव को जरूर लगाएगी। सिंगल लेग का दांव भी साक्षी ने लगाया, जिसमें पहलवान को एक पैर से अनियंत्रित करके गिराया जाता है। इन तीन दांव के साथ साक्षी की पहले दिन की प्रैक्टिस रही।
सीखने के साथ-साथ सिखाएंगी भी साक्षी मलिक
ओलंपिक मेडल विजेता पहलवान साक्षी मलिक
- फोटो : फाइल फोटो
साक्षी मलिक ने कहा कि ओलंपिक के बाद काफी दिन तक वह प्रैक्टिस से दूर रही है। इससे ज्यादा समय प्रैक्टिस से दूर रहने पर उसे परेशानी हो सकती है। इसलिए वह फिर से प्रैक्टिस करने लगी है।
वह उन दांव को प्रैक्टिस में नियमित कर रही है, जिनको ओलंपिक में कमजोर देखा है। ओलंपिक में कई नए दांव भी देखने को मिले हैं, उनको भी प्रैक्टिस में शामिल किया जाएगा और पहलवानों को उनके बारे में बताया भी जाएगा।
वह उन दांव को प्रैक्टिस में नियमित कर रही है, जिनको ओलंपिक में कमजोर देखा है। ओलंपिक में कई नए दांव भी देखने को मिले हैं, उनको भी प्रैक्टिस में शामिल किया जाएगा और पहलवानों को उनके बारे में बताया भी जाएगा।