Haryana News: कला अध्यापक भर्ती का संशोधित परिणाम जारी, 16 साल से अटकी थी भर्ती
संशोधित परिणाम में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कोर्स करने वाले पहली सूची में चयनित 613 शिक्षक भी बाहर हो गए हैं। जबकि आईटीआई डिप्लोमा धारक 178 और अभ्यर्थियों को चयन होने का मौका मिला है। भर्ती में कुल 331 में से अप्रैल माह में 153 डिप्लोमा धारकों को सरकार पहले ही नियुक्ति दे चुकी है।
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पिछले 16 साल से अटकी कला अध्यापकों की भर्ती तमाम विवादों से गुजरते हुए आखिरकार सोमवार को सिरे चढ़ गई। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने भर्ती का संशोधित परिणाम जारी कर दिया। इसमें कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पत्राचार से डिप्लोमा करने वालों को चयन सूची से बाहर कर दिया गया है, जबकि आईटीआई डिप्लोमा धारकों का इसमें चयन हुआ है। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव बीबी भारती ने चयनित अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया है कि मंगलवार से ही उनकी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
हाईकोर्ट के आदेश के डेढ़ माह बाद भी संशोधित परिणाम जारी नहीं किए जाने के मामले को अमर उजाला ने 19 दिसंबर के संस्करण में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। हरियाणा में 2006 से लंबित चल रही 816 आर्ट एंड क्राफ्ट टीचर की भर्ती पर कानूनी राय लेने के बाद हरियाणा सरकार ने मार्च 2022 में मुहर लगाई थी कि इस भर्ती में केवल आईटीआई डिप्लोमा धारकों को ही मौका दिया जाएगा, जबकि कुरुक्षेत्र विवि से डिप्लोमा करने वालों को चयन सूची से बाहर किया जाएगा। इसके लिए आयोग को संशोधित परिणाम जारी करना था।
संशोधित परिणाम में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कोर्स करने वाले पहली सूची में चयनित 613 शिक्षक भी बाहर हो गए हैं। जबकि आईटीआई डिप्लोमा धारक 178 और अभ्यर्थियों को चयन होने का मौका मिला है। भर्ती में कुल 331 में से अप्रैल माह में 153 डिप्लोमा धारकों को सरकार पहले ही नियुक्ति दे चुकी है। अब 485 पद खाली रह गए हैं। इन पदों के लिए कोई योग्य उम्मीदवार नहीं मिला। इसके बाद से अभ्यर्थी लगातार परिणाम को संशोधित करने की मांग उठा रहे थे और आयोग के बाहर धरना भी शूरू कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट तक गया मामला
इस मामले को लेकर 24 नवंबर, 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से पत्राचार से कोर्स करने वालों को इस भर्ती के लिए अयोग्य करार दिया था और आईटीआई से डिप्लोमा वालों को योग्य करार दिया था। 14 नवंबर को आयोग ने संशोधित परिमाम जारी किया लेकिन इसमें केयू से पत्राचार से डिप्लोमा करने वालों का भी चयन हो गया। इस पर आईटीआई डिप्लोमा धारकों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और संशोधित परिणाम जारी करने की मांग की। 9 नवंबर, 2022 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने आयोग को आदेश दिया था कि आईटीआई से दो वर्ष का डिप्लोमा करने वालों को मौका देते हुए इस भर्ती को दो माह में पूरा किया जाए।