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Doctors Strike: PGI चंडीगढ़ में नहीं मिलेगा इलाज; रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल, सिर्फ पुराने मरीजों का पंजीकरण
Mon, 12 Aug 2024 11:05 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Mon, 12 Aug 2024 11:05 PM IST
सार
पीजीआई चंडीगढ़ में मंगलवार को भी रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल रहेगी। इस वजह से पीजीआई में आने वाले नए मरीजों को इलाज नहीं मिलेगा। सिर्फ उन्हें मरीजों का पंजीकरण होगा जिनका पहले से ही पीजीआई में इलाज चल रहा है।
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पीजीआई में परेशान मरीज।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पीजीआई चंडीगढ़ में मंगलवार से नए मरीजों का पंजीकरण नहीं होगा। सिर्फ पुराने फॉलोअप मरीजों का सुबह 8 से 9:30 बजे तक पंजीकरण कर ओपीडी में परामर्श दिया जाएगा। पीजीआई प्रशासन ने रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को देखते हुए यह निर्णय लिया है। जब तक रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल चलेगी, तब तक फैकल्टी अकेले ही ओपीडी संभालेंगे।
पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल का कहना है कि हम स्थिति की गंभीरता और रेजिडेंट डॉक्टरों की चिंताओं को समझते हैं। पश्चिम बंगाल की घटना स्वास्थ्य पेशेवरों के सामने आने वाली कमजोरियों की एक कड़ी की याद दिलाती है जबकि हम राष्ट्रव्यापी आंदोलन में एकजुटता से खड़े हैं। हम यह सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं कि रोगी देखभाल हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे इसलिए कुछ बदलाव किए गए हैं। रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ भी मरीज हित को ध्यान में रखकर लगातार वार्ता की जा रही है।
केवल इमरजेंसी से भर्ती होंगे मरीज
पीजीआई के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विपिन कौशल ने कहा कि हड़ताल के मद्देनजर हमने यह सुनिश्चित करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों को जुटाया है कि मरीज़ों की सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। आपातकालीन ऑपरेशन थियेटर सेवाओं और गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) सेवाओं सहित आपातकालीन सेवाएं हमेशा की तरह चलती रहेंगी। गंभीर मामलों को संभालने के लिए रेजिडेंट डॉक्टर मौजूद रहेंगे। आउट पेशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) सेवाओं में कटौती की जाएगी। नए मरीजों का पंजीकरण नहीं किया जाएगा। इनडोर प्रवेश केवल आपातकालीन मामलों के लिए ही सीमित रहेंगे।
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पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल का कहना है कि हम स्थिति की गंभीरता और रेजिडेंट डॉक्टरों की चिंताओं को समझते हैं। पश्चिम बंगाल की घटना स्वास्थ्य पेशेवरों के सामने आने वाली कमजोरियों की एक कड़ी की याद दिलाती है जबकि हम राष्ट्रव्यापी आंदोलन में एकजुटता से खड़े हैं। हम यह सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं कि रोगी देखभाल हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे इसलिए कुछ बदलाव किए गए हैं। रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ भी मरीज हित को ध्यान में रखकर लगातार वार्ता की जा रही है।
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केवल इमरजेंसी से भर्ती होंगे मरीज
पीजीआई के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विपिन कौशल ने कहा कि हड़ताल के मद्देनजर हमने यह सुनिश्चित करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों को जुटाया है कि मरीज़ों की सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। आपातकालीन ऑपरेशन थियेटर सेवाओं और गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) सेवाओं सहित आपातकालीन सेवाएं हमेशा की तरह चलती रहेंगी। गंभीर मामलों को संभालने के लिए रेजिडेंट डॉक्टर मौजूद रहेंगे। आउट पेशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) सेवाओं में कटौती की जाएगी। नए मरीजों का पंजीकरण नहीं किया जाएगा। इनडोर प्रवेश केवल आपातकालीन मामलों के लिए ही सीमित रहेंगे।
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