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Research: गोमूत्र तो रामबाण है, लेकिन गोमांस में कोई औषधीय गुण नहीं है
यशपाल शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 24 May 2017 09:11 AM IST
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बीफ प्रकरण
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गोमूत्र तो रामबाण है, क्योंकि यह गाय के शरीर के सकारात्मक अंशों से बनता है, लेकिन गोमांस में कोई भी औषधीय गुण नहीं है। हरियाणा की लाला लाजपत राय यूनिविर्सटी ऑफ वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेज हिसार ने अपने शोध में गोमांस में कोई औषधीय गुण न होने का खुलासा किया है।
यूनिवर्सिटी के वेटरिनरी पब्लिक हेल्थ एंड एपिडेमियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. वाई सिंह ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने ही यह शोध किया कि गोमांस में कोई औषधीय गुण है या नहीं, जिसमें पाया गया कि गोमूत्र तो रामबाण है, चूंकि यह गाय के शरीर के सकारात्मक अंशों से बनता है, जबकि गोमांस में इसलिए कोई औषधीय गुण नहीं है, क्योंकि गो मांस गाय के शरीर के नकारात्मक या गंदगी को सोखता है।
एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया के मास्टर ट्रेनर नरेश कादियान ने बीते वर्ष जून महीने में हरियाणा के पशुपालन एवं डेयरी विभाग से भी गोमांस में औषधीय गुण स्पष्ट करने को लेकर पत्र लिखा था, लेकिन विभाग ने इससे पल्ला झाड़ते हुए इसके शोध का जिम्मा सिर्फ हिसार यूनिवर्सिटी के पास बताया था। विभाग के निदेशक ने कादियान को सुझाया था कि वह यूनिवर्सिटी से ही इस मामले में जांच कराकर रिपोर्ट लें।
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यूनिवर्सिटी के वेटरिनरी पब्लिक हेल्थ एंड एपिडेमियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. वाई सिंह ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने ही यह शोध किया कि गोमांस में कोई औषधीय गुण है या नहीं, जिसमें पाया गया कि गोमूत्र तो रामबाण है, चूंकि यह गाय के शरीर के सकारात्मक अंशों से बनता है, जबकि गोमांस में इसलिए कोई औषधीय गुण नहीं है, क्योंकि गो मांस गाय के शरीर के नकारात्मक या गंदगी को सोखता है।
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एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया के मास्टर ट्रेनर नरेश कादियान ने बीते वर्ष जून महीने में हरियाणा के पशुपालन एवं डेयरी विभाग से भी गोमांस में औषधीय गुण स्पष्ट करने को लेकर पत्र लिखा था, लेकिन विभाग ने इससे पल्ला झाड़ते हुए इसके शोध का जिम्मा सिर्फ हिसार यूनिवर्सिटी के पास बताया था। विभाग के निदेशक ने कादियान को सुझाया था कि वह यूनिवर्सिटी से ही इस मामले में जांच कराकर रिपोर्ट लें।
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बिरयानी में गोवंश की पुष्टि होने पर हरकत में आए
बिरयानी के नाम पर बीफ
इसके बाद इस वर्ष यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट में मेवात के फिरोजपुर झिरका की बीफ बिरयानी में गोवंश की पुष्टि होने पर कादियान दोबारा से हरकत में आए और उन्होंने प्रो. वाई सिंह से संपर्क किया। इस पर 16 मई को डॉ. वाई सिंह ने शोध रिपोर्ट नरेश कादियान और सरकार को भेज दी है, जिसमें गोमांस में औषधीय गुण न होने की बात स्पष्ट की गई है। डॉ. वाई सिंह ने बताया कि उन्होंने गोवंश के नमूनों से यह शोध किया है। इसकी जांच रिपोर्ट सरकार को उचित कार्रवाई के लिए भेज दी है।
औषधीय गुण नहीं तो गो हत्या क्यों
एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया के मास्टर ट्रेनर नरेश कादियान ने बताया कि जब गोमांस में कोई औषधीय गुण नहीं है तो मेवात व दूसरे इलाकों में गोवंश को क्यों काटा जा रहा है। हरियाणा सरकार गो संरक्षण एवं संवर्धन कानून 2015 केतहत इस मामले में उचित कार्रवाई करे। उन्होंने राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भी इस मामले में संज्ञान लेकर हरियाणा सहित अन्य राज्यों को कड़े कदम उठाने के आदेश देने के लिए पत्र लिखा है।
औषधीय गुण नहीं तो गो हत्या क्यों
एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया के मास्टर ट्रेनर नरेश कादियान ने बताया कि जब गोमांस में कोई औषधीय गुण नहीं है तो मेवात व दूसरे इलाकों में गोवंश को क्यों काटा जा रहा है। हरियाणा सरकार गो संरक्षण एवं संवर्धन कानून 2015 केतहत इस मामले में उचित कार्रवाई करे। उन्होंने राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भी इस मामले में संज्ञान लेकर हरियाणा सहित अन्य राज्यों को कड़े कदम उठाने के आदेश देने के लिए पत्र लिखा है।