सुप्रीम कोर्ट से नवजोत सिद्धू को बड़ी राहत, याची से सवाल
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एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व क्रिकेटर और भाजपा नेता नवजोत सिद्धू को बड़ी राहत देते हुए याची को जवाब तलब किया है। सर्वोच्च अदालत में उनके चुनाव को चुनौती देने की अपील निरस्त मान ली गई है। अब पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मामले के याची पूर्व कांग्रेसी विधायक ओम प्रकाश सोनी से पूछा है कि वह याचिका आगे चलाना चाहते हैं या नहीं।
हाईकोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने सोनी के वकील एडवोकेट एमएल सग्गड़ को सोनी से हिदायत प्राप्त करने को कहा है। पूछा है कि यह बताया जाए कि याचिका में पैरवी जारी रखनी है या नहीं। दरअसल, ओपी सोनी साल 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदार थे।
अमृतसर से उनके मुकाबले भाजपा प्रत्याशी के तौर पर नवजोत सिंह सिद्धू ने 6858 मतों से विजय दर्ज की। सोनी ने मतगणना में धांधली का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर कर सिद्धू की लोकसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की थी।
सिद्धू का कार्यकाल खत्म तो याचिका का औचित्य नहीं
इधर, सिद्धू की ओर से एडवोकेट सत्यपाल जैन ने हाईकोर्ट में कहा था कि याचिका पर सुनवाई हो ही नहीं सकती। अभी हाईकोर्ट में याचिका विचाराधीन थी। हाईकोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में कहा था कि आरोप बनता है, लेकिन कुछ मुद्दों पर यह आदेश सिद्धू के पक्ष में आया। इस अंतरिम आदेश को सिद्धू ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
एडवोकेट सत्यपाल जैन के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की गई थी कि हाईकोर्ट में इस मामले में गवाहियां भी नहीं हो सकीं। ऊपर से सिद्धू का कार्यकाल भी समाप्त हो चुका है, लिहाजा चुनाव याचिका का औचित्य नहीं रह जाता। ऐसे में याचिका अपने आप में निरस्त मानी जानी चाहिए।
एडवोकेट जैन के मुताबिक सोनी के वकील ने यह माना था कि सिद्धू का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने याचिका निरस्त मान ली थी। और केस दोबारा हाईकोर्ट को भेज दिया।