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Hindi News ›   Chandigarh ›   Relief for Heart Patients, Cardiologist Posting in GMCH-32 Chandigarh

जीएमसीएच-32 में दिल के मरीजों को बड़ी राहत

Tue, 01 Jul 2014 12:04 PM IST
आशीष वर्मा /अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा /अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 01 Jul 2014 12:04 PM IST
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Relief for Heart Patients, Cardiologist Posting in GMCH-32 Chandigarh

सिटी के हार्ट पेशंट्स के लिए राहत भरी खबर है। जीएमसीएच-32 के कार्डियोलाजिस्ट जीतराम तीन साल बाद मंगलवार को संस्थान ज्वाइन कर रहे हैं। वे कार्डियो में स्पेलाइजेशन की डिग्री के लिए तीन साल से दिल्ली के एम्स में थे। अब वे एक जुलाई से जीएमसीएच के कार्डियोलॉजी विभाग को संभालेंगे।

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पीजीआई को यदि छोड़ दिया जाए तो शहर के सरकारी हॉस्पिटल में कोई भी कार्डियोलाजिस्ट नहीं था। जीएमसीएच-32 का पूरा डिपार्टमेंट खाली है। यहां पर दो पद मंजूर हैं, लेकिन पिछले तीन साल से कोई भी डॉक्टर नहीं था। यह अलग बात है कि कांट्रैक्ट के आधार पर कुछ दिन तक डॉक्टर को नियुक्त किया गया, लेकिन कुछ दिन ठहरने के बाद उन्होंने बाहर का रास्ता पकड़ लिया।
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जीएमसीएच-32 में कार्डियोलॉजी विभाग के लिए एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के दो पद स्वीकृत हैं। हॉस्पिटल में कार्डियोलाजिस्ट नहीं होने से मरीजों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
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जब वे हास्पिटल में दाखिल होते थे तो मेडिसिन के डॉक्टर उनका प्राथमिक उपचार करते और उन्हें पीजीआई के लिए रेफर कर देते थे। पीजीआई में भीड़ होने के कारण वे वहां भटकते रहते थे। आखिर में वे प्राइवेट हॉस्पिटल की ओर रुख करते थे।

दूसरी तरफ सेक्टर-16 स्थित हास्पिटल में भी कोई कार्डियोलाजिस्ट नहीं है। यहां पर मेडिसिन के डॉक्टर ही ऐसे मरीजों को देखते हैं। 32 की तरह यहां से भी मरीजों को पीजीआई रेफर कर दिया जाता था।

हालांकि पीजीआई के कार्डियोलाजिस्ट एस रेड्डी को जीएमसीएच-32 का एचओडी नियुक्त करने पर हरी झंडी मिल चुकी है, लेकिन जब तक कैथ लैब तैयार नहीं होती तब तक वे पीजीआई में ही रहेंगे।

कैथ लैब का काम धीमी गति से
जीएमसीएच 32 में कैथ लैब का निर्माण होना है, लेकिन इसका काम काफी धीमी गति से हो रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जीएमसीएच 32 के प्रस्ताव पर बार-बार आब्जेक्शन लगाए जा रहे हैं। हालांकि संस्थान की ओर से हर बार जवाब दिया जा रहा है।


संस्थान के डायरेक्टर ने दावा किया है कि इस पर काम उच्च स्तर पर चल रहा है। कैथ लैब की फाइल कई पड़ाव को पार कर चुकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस साल के आखिरी तक लैब को मंजूरी मिल जाएगी। उसके बाद इसे जल्द स्थापित कर दिया जाएगा। कैथ लैब स्थापित होने के बाद मरीजों को काफी राहत मिलेगी।

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