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राहत : नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर पर 75 फीसदी तक घटी शिकायतें

Mon, 24 May 2021 07:06 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 24 May 2021 07:06 PM IST
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Relief: Complaints reduced by up to 75 percent on the helpline number of the chandigarh Municipal Corporation
चंडीगढ़। नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर से राहत भरी खबर है। एक माह में कोरोना से जुड़ी शिकायतों की संख्या घटकर लगभग 25 प्रतिशत रह गई है। कोविड से संबंधित समस्याओं के लिए नियुक्त प्रभारी जेई गौरव पाल ने बताया कि बीते 25 अप्रैल को हेल्पलाइन नंबर पर लगभग 200 शिकायतें आई थीं, जो अब घटकर औसत 50 रह गई हैं। हालांकि यह आंकड़ा और नीचे जा रहा है। 22 व 23 मई को हेल्पलाइन पर कुल 70 से 75 शिकायतें ही आईं हैं। अप्रैल माह में दबाव काफी ज्यादा था। वहीं पार्षदों व अधिकारियों की बनाई गई हेल्पलाइन नंबर पर भी पिछले 48 घंटे में मात्र 10 शिकायतें आई हैं।
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जेई गौरव पाल ने बताया कि अप्रैल माह की शुरुआत से ही शिकायतों की संख्या बढ़ गई थी। इसके बाद निगम ने कोविड महामारी के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया था। इसमें सैनेटाइजेशन, एकांतवास में रहने वाले लोगों व कंटेंमेंट जोन का कचरा न उठने से जुड़ी समस्याओं की जानकारी दी जा सकती थी। निगम ने कचरा उठाने के लिए 20 अतिरिक्त गाड़ियां भी चला दीं थीं। लगातार बढ़ते संक्रमित मरीजों व कंटेंमेंट जोन की संख्या से प्रतिदिन औसतन शिकायतों की संख्या 200 से 250 तक पहुंच गई थी। 15 मई के बाद संक्रमण की दर घटी तो शिकायतें भी कम हो गईं हैं। अब पिछले पांच दिन की बात करें तो कुल करीब 250 से 300 शिकायतें ही आईं हैं।
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एक दिन में 8 हजार घरों में करते थे संपर्क गौरव ने बताया कि अप्रैल से लेकर मई के दूसरे सप्ताह तक कोविड-19 के लिए गठित की गईं टीमें शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में प्रतिदिन 8 हजार घरों से कचरा उठा रहीं थीं। सभी घरों से कचरा उठाना संभव नहीं था इसलिए कुछ घरों में एक से दो दिन छोड़कर कचरा उठाया जाता है। अब शिकायतें कम हो गईं हैं तो सभी घरों से प्रतिदिन कचरा उठ रहा है।
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पिछले साल प्रतिदिन आती थीं औसतन 5 शिकायतें
निगम के अनुसार पिछले साल की बात करें तो अप्रैल-मई माह में औसतन 5 से 10 शिकायत ही प्रतिदिन आती थीं, इसलिए उनका निस्तारण भी प्राथमिकता के तौर पर आसानी से हो जाता था। इस साल जिस तरह केस बड़े, उसी तरह हेल्पलाइन नंबर पर शिकायतों की संख्या भी कम होती गई।
स्वास्थ्य विभाग के संपर्क कर समस्याओं को किया हल
कुछ घर न मिलने के कारण सभी एकांतवास में पहुंचना संभव नहीं हो पा रहा था। इससे शिकायत का निस्तारण भी समय से नहीं हो पा रहा था। स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मिलकर काम को बेहतर किया।
-गौरव पाल, जेई
किसी घर से शिकायत के बाद उसका कचरा समय से उठा या नहीं, निगम की व्यवस्था से लोग खुश हैं या नहीं इन सभी बातों का भी हम रिकॉर्ड रखते हैं ताकि उन्हें फोन लगाकर फीडबैक से अपने कार्य को बेहतर कर सकें।
-चेष्ठा ठाकुर, डीईओ
हेल्पलाइन नंबर जारी होने के बाद सुबह और शाम कॉल आने लगे। इस दौरान कुछ ऐसे भी लोग थे जो एकांतवास में नहीं थे, उसके बावजूद उनका कॉल आता था। बस इसी समय धैर्य की जरूरत होती है।

-रिक्की, सुपरवाइजर
यह वह समय था जब हमें अपनी काबिलियत दिखानी थी। हमें निगम ने चुना तो हमने भी अपना शत प्रतिशत देने का प्रयास किया है। कई बार लोगों का गुस्सा भी बस सहजता से सुनना पड़ता है।
-अतुल राणा, सुपरवाइजर
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