भारी बारिश के कारण पंजाब में रेड अलर्ट घोषित, सरकार ने सेना को भी तैयार रहने को कहा
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पंजाब में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सरकार ने रेड अलर्ट घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने आवास में आपदा प्रबंधन विभाग की बैठक भी बुलाई है। उन्होंने बारिश से हो रहे नुकसान का आंकलन करने को कहा है। वहीं सरकार ने स्कूल प्रबंधकों को छोटे बच्चों को घर तक पहुंचाने के आदेश दिए हैं।
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पंजाब में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सरकार ने रेड अलर्ट घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने आवास में आपदा प्रबंधन विभाग की बैठक भी बुलाई है। उन्होंने बारिश से हो रहे नुकसान का आंकलन करने को कहा है। वहीं सरकार ने स्कूल प्रबंधकों को छोटे बच्चों को घर तक पहुंचाने के आदेश दिए हैं।
कई जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र तत्काल प्रभाव से बंद कर दिए गए हैं। सरकार ने सेना से भी तैयार रहने को कहा है। सीएम अमरिंदर सिंह ने बारिश को देखते हुए लोगों से 24 घंटों तक घर से ना निकलने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जब तक बहुत जरूरी काम ना हो तो तब तक घर से बाहर ना निकलें।
आठ माह की बच्ची डूबी, आधे घंटे बाद मिली लाश
जानकारी के अनुसार राजस्थान से बाबा सोढल मेले में व्यापार करने के लिए पहुंचे एक परिवार ने सोढल रोड पर अपना स्टाल लगाया हुआ था। मोहिंदर और उसकी पत्नी संगीता अपनी माह की बच्ची के साथ ही स्टाल पर थे। बारिश के कारण सड़क पर काफी पानी भर गया था। गटर बंद होने के कारण पानी का स्तर ऊंचा हो गया। रविवार को बच्ची अचानक फिसलकर पानी में जा गिरी। संगीता के मुताबिक, बच्ची सड़क किनारे खड़े गहरे पानी में गिर गई। बच्ची को ढूंढने की कोशिश की तो पता चला कि वह पानी में बह गई थी। करीब एक आधे घंटे बाद बच्ची की लाश मिली।
गन्ने और धान की फसल को भारी नुकसान की संभावना
वहीं फसल में जरूरत से ज्यादा नमी आएगी जिससे ज्यादा नमी वाली फसल को मंडी में बेचने में दिक्कत आ सकती है। गन्ने के नीचे गिरने से गन्ने के झाड़ और क्वालिटी प्रभावित होगी। जब गन्ने की फसल नीचे गिर जाती है तो उस पर चूहे और अन्य जंगली जीव का हमला होता है और यह गन्ने की फसल का और ज्यादा नुकसान कर देते हैं।
पटियाला की अन्य नदियां भी उफनाईं, सैकड़ों एकड़ फसल डूबी
सुबह से ही बारिश के कारण पटियाला शहर में हर तरफ जलभराव हो गया। गली-मोहल्ले व बाजार नदियों का रूप धारण कर चुके हैं। जिले में घग्गर दरिया, मारकंडा, टांगरी नदी, मीरांपुर चौ व पटियाला नदी खतरे के निशान के नजदीक है। सराला खुर्द के नजदीक घग्गर दरिया का जस्तर 14 फुट तक पहुंच गया है। खतरे का निशान 16 फुट पर खतरे का स्तर है। इसी तरह से टांगरी नदी 12 फुट के स्तर पर बह रही है। मीरांपुर चौ भी उफान पर है।
आज स्कूलों में छुट्टी का ऐलान
जिला प्रशासन ने लगातार हो रही बारिश के कारण पैदा हुए हालातों के मद्देनजर स्कूलों में सोमवार को सुबह छुट्टी का ऐलान कर दिया। साथ ही मंगलवार को भी छुट्टी की घोषणा कर दी गई है। मौसम माहिरों की ओर से जारी हाई अलर्ट अनुसार लोगों को अपने घरों में रहने की हिदायत जारी की गई है। खास तौर से बच्चों को घरों में रहने को कहा गया है।
एक परिवार दहशत में
बड़ी नदी सन्नौर रोड पर पुल के नीचे घर बनाकर बैठे गरीब परिवार की प्रशासन ने अभी तक सुध नहीं ली है। रेड अलर्ट जारी होने के बावजूद यह परिवार खबर लिखे जाने तक अपने घर में मौजूद था। घर में रहने वाली बुजुर्ग महिला के मुताबिक वह परिवार के साथ काफी वर्षों से यहां रह रही है। अभी तक प्रशासन के किसी भी नुमाइंदे ने परिवार की सुध नहीं ली है।
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