{"_id":"5905aee14f1c1b504c8b457a","slug":"reality-report-of-govt-to-provide-uniform-to-school-students","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्टूडेंट्स को वर्दी देने का सरकार का दावा निकला हवाई, हकीकत चौंकाने वाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्टूडेंट्स को वर्दी देने का सरकार का दावा निकला हवाई, हकीकत चौंकाने वाली
योगेंद्र त्रिपाठी/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 30 Apr 2017 03:01 PM IST
विज्ञापन
स्कूल स्टूडेंट्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पहली से आठवीं कक्षा के स्टूडेंट्स को वर्दी देने का सरकार का दावा पूरी तरह से हवाई निकला। इसकी हकीकत बेहद चौंकाने वाली है। चंडीगढ़ के सरकारी स्कूल में पहली से आठवीं तक के एक लाख छात्रों को वर्दी का पैसा शिक्षा विभाग ने नहीं दिया है। शिक्षा विभाग इसके लिए हर साल पांच करोड़ का बजट बनाता है, लेकिन समय पर इसका पैसा या वर्दी नहीं मिल पाती है। इस कारण स्टूडेंट्स को परेशानी होती है।
शिक्षा के अधिकार के तहत चंडीगढ़ शिक्षा विभाग की ओर से पहले वर्दी दी जाती थी लेकिन वर्ष 2014 में यह नियम बदला गया। वर्दी का पैसा स्टूडेंट्स के अकाउंट में भेजा जाता था। इसमें पहली से पांचवी के स्टूडेंट्स से 300 रुपये निर्धारित किया गया था। वहीं छठी से आठवीं के स्टूडेंट्स को खाते में 350 रुपये दिया जाता था। इसके लिए स्टूडेंट्स के बैंकों में एक लाख खाते खुलवाए गए हैं।
शिक्षा विभाग के पास बजट नहीं
शिक्षा विभाग के पास इस बार बजट की कमी साफ तौर पर देखी गई है। 1100 एसएसए के तहत शिक्षकों को दो महीने की सैलरी अभी तक नहीं दी गई है। वहीं कंप्यूटर शिक्षकों को भी विभाग सैलरी नहीं दे पा रहा है। इस कारण मई तक ही अभी उनकी एक्सटेंशन की है। एमएचआरडी की ओर से मिलने वाली 65 करोड़ की ग्रांट अभी तक नहीं आई है। इस कारण यह परेशानी बनी हुई है।
विज्ञापन
स्कूलों में नया सत्र शुरू हो गया है। दाखिला प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्टूडेंट्स की संख्या का ब्यौरा स्कूलों से मांगा जाएगा।15 मई तक वर्दी का पैसा सभी के अकाउंट में दिया जाएगा।
- रूबिंदर जीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन, चंडीगढ़ शिक्षा विभाग
विज्ञापन
शिक्षा के अधिकार के तहत चंडीगढ़ शिक्षा विभाग की ओर से पहले वर्दी दी जाती थी लेकिन वर्ष 2014 में यह नियम बदला गया। वर्दी का पैसा स्टूडेंट्स के अकाउंट में भेजा जाता था। इसमें पहली से पांचवी के स्टूडेंट्स से 300 रुपये निर्धारित किया गया था। वहीं छठी से आठवीं के स्टूडेंट्स को खाते में 350 रुपये दिया जाता था। इसके लिए स्टूडेंट्स के बैंकों में एक लाख खाते खुलवाए गए हैं।
विज्ञापन
शिक्षा विभाग के पास बजट नहीं
शिक्षा विभाग के पास इस बार बजट की कमी साफ तौर पर देखी गई है। 1100 एसएसए के तहत शिक्षकों को दो महीने की सैलरी अभी तक नहीं दी गई है। वहीं कंप्यूटर शिक्षकों को भी विभाग सैलरी नहीं दे पा रहा है। इस कारण मई तक ही अभी उनकी एक्सटेंशन की है। एमएचआरडी की ओर से मिलने वाली 65 करोड़ की ग्रांट अभी तक नहीं आई है। इस कारण यह परेशानी बनी हुई है।
विज्ञापन
स्कूलों में नया सत्र शुरू हो गया है। दाखिला प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्टूडेंट्स की संख्या का ब्यौरा स्कूलों से मांगा जाएगा।15 मई तक वर्दी का पैसा सभी के अकाउंट में दिया जाएगा।
- रूबिंदर जीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन, चंडीगढ़ शिक्षा विभाग