हाईकोर्ट की बड़ी खबरें: क्रीमी लेयर की अधिसूचना पर हरियाणा से जवाब तलब, ईटीटी शिक्षकों की भर्ती में स्नातक के 5 अंक देने को चुनौती
पंजाब सरकार द्वारा ईटीटी के 6635 पदों के लिए जारी नियुक्ति प्रक्रिया में स्नातक को उच्च योग्यता मानते हुए इसके लिए अतिरिक्त 5 अंक देने के प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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क्रीमी लेयर की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से जवाब तलब कर लिया है। याचिकाकर्ता ने बताया कि केंद्र सरकार के तय नियम अनुसार 8 लाख रुपये से कम आय वालों को पिछड़ा वर्ग आरक्षण का लाभ मिलेगा। इससे अधिक आय वाले लोगों को क्रीमी लेकर मानकर आरक्षण का लाभ नहीं देने का प्रावधान है।
याची ने बताया कि हरियाणा सरकार ने 17 नवंबर 2021 को नोटिफिकेशन जारी करते हुए 6 लाख से अधिक आय वालों को क्रीमी लेयर में शामिल कर दिया। इससे हजारों किसान, तृतीय श्रेणी व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के परिवार इस लाभ से वंचित हो गए हैं। नौकरियों में भी इन्हें आरक्षण के लाभ से वंचित कर दिया गया है और शिक्षण संस्थानों में प्रवेश की स्थिति में भी वंचित हो गए हैं।
याची ने बताया कि उसने इससे पहले भी अधिसूचना को चुनौती दी थी तब हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए याची को हरियाणा सरकार को मांगपत्र सौंपने का आदेश दिया था। याची ने उसने मांगपत्र दिया था लेकिन उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। उसने एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए आवेदन किया था और उसके पिता तृतीय श्रेणी कर्मचारी हैं ऐसे में याची को आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया। अधिसूचना के अनुसार किसी भी सांविधानिक पद पर रह चुके व्यक्ति के आश्रितों को भी आरक्षण के लाभ से वंचित किया गया है।
6635 ईटीटी शिक्षकों की भर्ती में स्नातक के 5 अंक देने के प्रावधान को हाईकोर्ट में चुनौती
पंजाब सरकार द्वारा ईटीटी के 6635 पदों के लिए जारी नियुक्ति प्रक्रिया में स्नातक को उच्च योग्यता मानते हुए इसके लिए अतिरिक्त 5 अंक देने के प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। प्रीति प्रभात सहित 57 आवेदकों ने एडवोकेट विकास चतरथ के जरिये याचिका दाखिल करते हुए बताया कि पंजाब सरकार ने गत वर्ष जुलाई में ईटीटी के 6635 पदों के लिए आवेदन मांगे थे।
ईटीटी की योग्यता के साथ यह भी तय कर दिया गया कि जिन आवेदकों ने स्नातक की है उन्हें उच्च शिक्षा के अतिरिक्त पांच अंक दिए जाएंगे। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि इस तरह से स्नातक के लिए अलग से अतिरिक्त अंक देना तय नियमों का उल्लंघन है। इस तरह समानता के अधिकार का उल्लंघन किया जा रहा है। ऐसे में इस प्रावधान को रद्द करने की याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट से मांग की है। हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार से जवाब मांगा है।
कर्मचारी का पक्ष सुने बगैर आदेश पारित करने पर एसीएस तलब
हरियाणा के एक अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा कर्मचारी का पक्ष सुने बगैर उसके खिलाफ आदेश पारित करने के मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि अगर अफसरशाही अपना काम ईमानदारी से करे तो कोर्ट पर केसों का दवाब कम होगा। टिप्पणी के साथ ही हाईकोर्ट ने एसीएस को अगली सुनवाई पर कोर्ट में हाजिर रहने का आदेश भी दिया है।
फिरोजपुर झिरका निवासी हिम्मत खान ने याचिका में हाईकोर्ट को बताया कि वह हरियाणा राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक में क्लर्क के तौर पर कार्यरत था। दिसंबर 2010 में बैंक के पूर्व प्रबंधकों द्वारा किए गए घोटाले के आरोप में उनकी सेवाओं को समाप्त कर दिया था। इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने नौ के अतिरिक्त याची को बरी करते हुए कहा था कि उसे इस मामले में फंसाया गया है। इसके बावजूद याची को बैंक ने सेवा में बहाल नहीं किया।
इस मामले में याचिकाकर्ता को रजिस्ट्रार सहकारी समितियों ने बहाल करने का आदेश दिया था, जिसके खिलाफ अपील पर याचिकाकर्ता का पक्ष सुने बगैर उसके खिलाफ आदेश जारी कर दिया। हाईकोर्ट ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा कि कैसे प्रभावित व्यक्ति का पक्ष सुने बगैर उसके खिलाफ आदेश जारी किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने संबंधित विभाग के एसीएस को अगली सुनवाई पर हाजिर रहने का आदेश दिया है।