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सरकारी फरमान: पुराने वाहनों की री-सेल पर देना होगा एकमुश्त टैक्स
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 08 Dec 2016 11:41 PM IST
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RLA Chandigarh
- फोटो : File Photo
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पुराने वाहनों की री-सेल पर आने वाले दिनों में एकमुश्त टैक्स अदा करना होगा। अभी तक वाहन की कीमत का 5 प्रतिशत टैक्स के रूप में चुकाना होता है। लेकिन अब प्रतिशत वाला सिस्टम खत्म कर इसे एकमुश्त में बदलने की तैयारी है। डीसी अजीत बालाजी जोशी के आदेश पर एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग री-सेल वाहनों पर टैक्स का नया प्रस्ताव तैयार कर रहा है। प्रस्ताव तैयार होते ही इस पर यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलते ही नए सिस्टम के हिसाब से टैक्स लिया जाने लगेगा। इस प्रस्ताव के अनुसार 1 हजार सीसी तक के इंजन वाले वाहनों को टैक्स के रूप में एकमुश्त 5 हजार रुपये और इससे अधिक सीसी के क्षमता वाले वाहनों को 8 हजार रुपये का टैक्स चुकाना होगा।
रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) और स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) के तहत यह टैक्स लिया जाएगा। नियम कुछ ऐसे होंगे कि टैक्स चुकाने के बाद ही वाहन एक व्यक्ति से दूसरे के नाम पर ट्रांसफर होगा। यह टैक्स कॉमर्शियल और निजी दोनों तरह के वाहनों पर लगेगा। पंजाब और हरियाणा में वाहनों की री-सेल पर एकमुश्त टैक्स लिया जाता है। दोनों राज्यों की तर्ज पर ही चंडीगढ़ में भी टैक्स में बदलाव किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि एकमुश्त टैक्स वसूली से रेवेन्यू को बढ़ावा मिलेगा। अभी सभी वाहनों से उनकी री-सेल कीमत पर 5 प्रतिशत टैक्स लिया जाता है। वाहन चालक इतना टैक्स अदा करने में कतराते हैं।
कॉमर्शियल वाहनों पर एंट्री टैक्स भी लगेगा
प्रशासन बाहरी वाहनों को चंडीगढ़ में प्रवेश करने पर भी एंट्री टैक्स लगाने की तैयारी कर चुका है। किस वाहन पर कितना टैक्स लगेगा इसकी स्लैब भी बना लिया गया है। ड्राफ्ट पर प्रशासक की मंजूरी मिलते ही सभी एंट्री प्वाइंट्स पर टैक्स लेना शुरू कर दिया जाएगा। कॉमर्शियल वाहनों को टैक्स के हिसाब से तीन कैटेगरी में बांटा गया है। पहली कैटेगरी में टैक्सी को रखा गया है जिसमें प्रत्येक टैक्सी से क्वार्टरली 1000 रुपये टैक्स के रूप में लिए जाएंगे। हल्के कॉमर्शियल वाहनों पर भी 1 हजार रुपये क्वार्टरली टैक्स लगेगा। वहीं ट्रक-बस इत्यादि भारी वाहनों से क्वार्टरली 2 हजार रुपये टैक्स के रूप में वसूल किए जाएंगे। ऑटो को इसमें छूट रहेगी। पहली बार चंडीगढ़ में बाहरी वाहनों पर इस तरह से टैक्स लिया जाएगा।
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रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) और स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) के तहत यह टैक्स लिया जाएगा। नियम कुछ ऐसे होंगे कि टैक्स चुकाने के बाद ही वाहन एक व्यक्ति से दूसरे के नाम पर ट्रांसफर होगा। यह टैक्स कॉमर्शियल और निजी दोनों तरह के वाहनों पर लगेगा। पंजाब और हरियाणा में वाहनों की री-सेल पर एकमुश्त टैक्स लिया जाता है। दोनों राज्यों की तर्ज पर ही चंडीगढ़ में भी टैक्स में बदलाव किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि एकमुश्त टैक्स वसूली से रेवेन्यू को बढ़ावा मिलेगा। अभी सभी वाहनों से उनकी री-सेल कीमत पर 5 प्रतिशत टैक्स लिया जाता है। वाहन चालक इतना टैक्स अदा करने में कतराते हैं।
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कॉमर्शियल वाहनों पर एंट्री टैक्स भी लगेगा
प्रशासन बाहरी वाहनों को चंडीगढ़ में प्रवेश करने पर भी एंट्री टैक्स लगाने की तैयारी कर चुका है। किस वाहन पर कितना टैक्स लगेगा इसकी स्लैब भी बना लिया गया है। ड्राफ्ट पर प्रशासक की मंजूरी मिलते ही सभी एंट्री प्वाइंट्स पर टैक्स लेना शुरू कर दिया जाएगा। कॉमर्शियल वाहनों को टैक्स के हिसाब से तीन कैटेगरी में बांटा गया है। पहली कैटेगरी में टैक्सी को रखा गया है जिसमें प्रत्येक टैक्सी से क्वार्टरली 1000 रुपये टैक्स के रूप में लिए जाएंगे। हल्के कॉमर्शियल वाहनों पर भी 1 हजार रुपये क्वार्टरली टैक्स लगेगा। वहीं ट्रक-बस इत्यादि भारी वाहनों से क्वार्टरली 2 हजार रुपये टैक्स के रूप में वसूल किए जाएंगे। ऑटो को इसमें छूट रहेगी। पहली बार चंडीगढ़ में बाहरी वाहनों पर इस तरह से टैक्स लिया जाएगा।
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