फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Raw workers working under Haryana Skill Employment Corporation will not be able to be confirmed 

Haryana: रोजगार निगम के कच्चे कर्मियों के लिए पक्का होने का रास्ता बंद, वित्त विभाग ने कड़े किए नौकरी नियम, कोर्ट भी नहीं जा सकेंगे

Mon, 23 May 2022 05:31 PM IST
निवेदिता वर्मा यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 23 May 2022 05:31 PM IST
सार

वित्त विभाग के मसौदे अनुसार भर्ती की प्रक्रिया, तरीका और योग्यता इस तरह रखी जाएंगी कि कोई पक्की नौकरी से समानता के आधार पर नियमितीकरण, समान वेतनमान या किसी अतिरिक्त भत्ते का दावा नहीं कर सकेगा।

विज्ञापन
Raw workers working under Haryana Skill Employment Corporation will not be able to be confirmed 
मनोहर लाल और दुष्यंत चौटाला - फोटो : PTI (File Photo)

विस्तार

हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत कार्यरत कच्चे कर्मचारी पक्के नहीं हो सकेंगे। वित्त विभाग ने कच्चे कर्मियों के लिए नौकरी नियम बनाने का बेहद कड़ा मसौदा 22 अप्रैल 2022 को मुख्य सचिव को भेज दिया है। मसौदे के अंतिम रूप लेने पर इन कर्मियों के पक्का होने के सारे रास्ते बंद हो जाएंगे। वे नियमित होने के लिए कोर्ट का दरवाजा भी नहीं खटखटा सकेंगे। समान काम-समान वेतन का लाभ भी नहीं मिलेगा। पद भी सरकारी विभागों के कर्मचारियों जैसे नहीं होंगे।  

विज्ञापन


प्रदेश सरकार ने निगम का गठन तो कच्चे कर्मचारियों को ठेकेदारों के शोषण से बचाने, पारदर्शिता लाने, खर्च घटाने और ईपीएफ, ईएसआई आदि जमा करवाने को लेकर किया है, लेकिन नौकरी नियम इतने कड़े बनाए जा रहे हैं कि निगम के कर्मचारियों को वेतन आयोग या अन्य लाभ नहीं मिलेंगे। जिन पदों पर ये कर्मचारी काम करेंगे, उन पक्के पदों को सरकारी विभागों में खत्म करने का प्रावधान है। बाजार के नियमानुसार इन कर्मियों से सरकार काम लेगी। 
विज्ञापन


निगम के पदों के नाम, रोल, ड्यूटी, जिम्मेदारी आदि नियमित कर्मचारियों के पदों से अलग होगी। इन्हें कुशल, अर्धकुशल पदनाम ही दिए जाएंगे, जिससे ये समान काम-समान वेतन की मांग नहीं कर सकेंगे। किसी भी तरह से इन कर्मियों को कर्मचारी की परिभाषा में शामिल नहीं किया जाएगा। वित्त विभाग ने मुख्य सचिव कार्यालय को सुझाया है कि अगर कुछ पद सरकारी विभागों की तर्ज पर बनाए गए हैं, तो उन्हें अभी ठीक कर लें।

विज्ञापन
विज्ञापन

भर्ती प्रक्रिया ऐसी होगी कि पक्का होने का दावा नहीं कर सकेंगे

वित्त विभाग के मसौदे अनुसार भर्ती की प्रक्रिया, तरीका और योग्यता इस तरह रखी जाएंगी कि कोई पक्की नौकरी से समानता के आधार पर नियमितीकरण, समान वेतनमान या किसी अतिरिक्त भत्ते का दावा नहीं कर सकेगा। विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि कच्चे कर्मचारी लगाकर पक्का करने की प्रक्रिया बैकडोर इंट्री है। इसलिए इन कर्मियों की सेवाएं नियमित करने का कोई रास्ता न छोड़ें। राज्य में लगभग तीन लाख पक्के कर्मचारी हैं, जिनका वेतन देने के लिए 3000 करोड़ रुपये मासिक खर्च होता है।

एक लाख को कौशल रोजगार निगम में लाने का लक्ष्य

सरकार का लक्ष्य लगभग एक लाख कर्मियों को को कौशल रोजगार निगम में लाने का है। वित्त विभाग का मानना है कि ये भी पक्के हो गए तो वेतन, भत्ते और रिटायरमेंट लाभों का खर्च काफी बढ़ जाएगा। इस साल से केंद्र सरकार जीएसटी में राज्य का हिस्सा भी नहीं देगी। इसलिए मसौदे के मद्देनजर नौकरी नियम बनाएं। सरकार स्तर पर समिति बनाई जाए, जो यह देखे कि कर्मचारी श्रम कानूनों या औद्योगिक विवाद एक्ट के तहत मुकदमे न कर सकें। नियम बनाने में महाधिवक्ता से कानूनी राय जरूर ली जाए।

लगभग 45 हजार को दिए ऑफर लेटर, 23 हजार ने ज्वाइन किया

कौशल रोजगार निगम के अनुसार अब तक लगभग 45 हजार मौजूदा अनुबंध कर्मचारियों को नौकरी के लिए ऑफर लेटर दिए गए हैं, जिनमें से 23 हजार से अधिक ने ज्वाइन कर लिया है। स्वास्थ्य विभाग से निगम के पोर्टल पर 11,235 उम्मीदवारों को पोस्ट किया है, और निगम के माध्यम से तैनाती की पेशकश की है। इनमें से 7,936 ने ज्वाइन किया है। निगम के माध्यम से 260 विभागों, बोर्ड और निगमों को अनुबंध आधार पर रोजगार सेवाएं प्रदान की जाएंगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed