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परमिशन का पेच, सेक्टर-7 में जलने से बच गए लंकापति रावण
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 01 Oct 2017 09:09 AM IST
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- फोटो : File Photo
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सेक्टर-7 के नवयुग रामलीला एवं दशहरा कमेटी की ओर से आयोजित दशहरा मेला परमिशन के पेच फंस गया और लंकेश जलने से बच गया। दर्शक बिना दशहरा देखे ही लौट गए। ऐसा पहली बार हुआ है कि रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद का पुतला नहीं जलाया गया। पुतलों में से एक पीस निकालकर प्रतीकात्मक दहन किया। कांग्रेसी नेता एचएस लक्की ने पुतलों का प्रतीकात्मक दहन किया।
नवयुग रामलीला एवं दशहरा कमेटी के महासचिव विकास सूद ने बताया कि समिति पिछले 38 वर्ष से रामलीला एवं दशहरा मनाती रही है। पहले जिस ग्राउंड में दशहरा का आयोजन होता था, उसे ग्रीन बेल्ट में तब्दील कर दिया गया। इस कारण उन्हें उस ग्राउंड में अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद कमेटी अदालत चली गई। अदालत ने नियमानुसार दशहरा मनाने का आदेश दिया।
जानकारी के अनुसार ग्राउंड की बुकिंग तो हो गई लेकिन दशहरा मनाने की अनुमति प्रशासन से नहीं मिली। जिस ग्राउंड में पहले रावण दहन होता था उसके साइज से पुतला बनाया गया। अब रामलीला ग्राउंड में दशहरा करने का फैसला लिया तो पुतले को छोटा किया। फिर भी बात नहीं बनी। क्योंकि परमिशन नहीं थी। काफी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
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विकास सूद ने बताया कि बाद में कमेटी के लोगों ने पुतलों में लगे पटाखे भी निकाल दिए कि बिना आतिशबाजी के पुतले दहन कर दिया जाएगा। लेकिन किसी तरह बात नहीं बनी। आयोजक परेशान दिखे। आयोजकों ने बताया कि शाम में परमिशन मिली। लेकिन तब तब काफी देर हो चुकी थी।
लक्की रहे कमेटी के लोगों के साथ...
विकास सूद ने बताया कि कांग्रेसी नेता एचएस लक्की सुबह से ही साथ रहे। कमेटी ने उनका धन्यवाद किया। लक्की ने बताया कि लोग काफी दुखी हैं। इतनी विपरीत परिस्थितियों में धैर्य से काम लिया है। इसके लिए धन्यवाद के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि आगे के लिए प्रशासन में बैठे लोग और बड़ पदों पर बैठे लोगों को भी पता चलेगा। इसे सब लोग को मिलकर सहारा दिया जाना चाहिए था। रावण का दहन न होना बहुत ही दुख की बात है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष भव्य रूप से रामलीला और दशहरा आयोजित किया जाएगा।
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नवयुग रामलीला एवं दशहरा कमेटी के महासचिव विकास सूद ने बताया कि समिति पिछले 38 वर्ष से रामलीला एवं दशहरा मनाती रही है। पहले जिस ग्राउंड में दशहरा का आयोजन होता था, उसे ग्रीन बेल्ट में तब्दील कर दिया गया। इस कारण उन्हें उस ग्राउंड में अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद कमेटी अदालत चली गई। अदालत ने नियमानुसार दशहरा मनाने का आदेश दिया।
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जानकारी के अनुसार ग्राउंड की बुकिंग तो हो गई लेकिन दशहरा मनाने की अनुमति प्रशासन से नहीं मिली। जिस ग्राउंड में पहले रावण दहन होता था उसके साइज से पुतला बनाया गया। अब रामलीला ग्राउंड में दशहरा करने का फैसला लिया तो पुतले को छोटा किया। फिर भी बात नहीं बनी। क्योंकि परमिशन नहीं थी। काफी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
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विकास सूद ने बताया कि बाद में कमेटी के लोगों ने पुतलों में लगे पटाखे भी निकाल दिए कि बिना आतिशबाजी के पुतले दहन कर दिया जाएगा। लेकिन किसी तरह बात नहीं बनी। आयोजक परेशान दिखे। आयोजकों ने बताया कि शाम में परमिशन मिली। लेकिन तब तब काफी देर हो चुकी थी।
लक्की रहे कमेटी के लोगों के साथ...
विकास सूद ने बताया कि कांग्रेसी नेता एचएस लक्की सुबह से ही साथ रहे। कमेटी ने उनका धन्यवाद किया। लक्की ने बताया कि लोग काफी दुखी हैं। इतनी विपरीत परिस्थितियों में धैर्य से काम लिया है। इसके लिए धन्यवाद के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि आगे के लिए प्रशासन में बैठे लोग और बड़ पदों पर बैठे लोगों को भी पता चलेगा। इसे सब लोग को मिलकर सहारा दिया जाना चाहिए था। रावण का दहन न होना बहुत ही दुख की बात है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष भव्य रूप से रामलीला और दशहरा आयोजित किया जाएगा।