Punjab News: पंजाब में अब सामाजिक आधार पर बनेंगे राशन कार्ड, संदीप जाखड़ के सवाल पर मंत्री का जवाब
मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि कोई भी व्यक्ति जिसका राशन कार्ड गलत तरीके से रद्द किया गया है, वह पंजाब टीपीडीएस कंट्रोल आर्डर 2016 के उपबंध 17 के अनुसार निदेशक खाद्य एवं सिविल सप्लाई विभाग के पास अपील दायर कर सकता है। उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 1.57 करोड़ राशन कार्ड जारी किए गए हैं।
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पंजाब के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा है कि राज्य में अब तक आर्थिक स्थिति के आधार पर ही राशन कार्ड बनते रहे हैं लेकिन अब सामाजिक आधार पर भी राशन कार्ड बनाए जाएंगे। उन्होंने यह जानकारी बुधवार को पंजाब विधानसभा के दो दिवसीय सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल के दौरान उठाए गए सवाल के जवाब में दी।
कांग्रेस विधायक संदीप जाखड़ ने अबोहर में रद्द किए गए राशन कार्डों की संख्या बताने की मांग की थी। इस पर कटारूचक्क ने माना कि राज्य में राशन कार्डों की सत्यापन प्रक्रिया के दौरान दुर्भाग्य से कुछ ऐसे लोगों के राशन कार्ड भी रद्द कर दिए गए हैं, जो नहीं किए जाने चाहिए थे। पिछले एक साल के दौरान अबोहर जिले में 3,971 राशन कार्ड रद्द किए गए हैं और जिनमें से 1,549 राशन कार्ड अबोहर विधानसभा क्षेत्र में हैं। कोई भी व्यक्ति जिसका राशन कार्ड गलत तरीके से रद्द किया गया है, वह पंजाब टीपीडीएस कंट्रोल आर्डर 2016 के उपबंध 17 के अनुसार निदेशक खाद्य एवं सिविल सप्लाई विभाग के पास अपील दायर कर सकता है। उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 1.57 करोड़ राशन कार्ड जारी किए गए हैं।
इलाज के बाद भी नशे की तरफ लौट रहे युवा
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने एक प्रश्न का जवाब देते हुए सदन में खुलासा किया कि ओरल मेडिसिन के बाद डी-एडिक्शन करवाने पर भी 80-90 फीसदी युवा वापस नशा करने लगते हैं। ऐसे युवाओं को रोकने के लिए उनका विभाग मेंटल हेल्थ पॉलिसी को संशोधित करने जा रहा है, जिसके तहत युवाओं को योगा और उनके पुनर्वास का प्रयास किया जाएगा।
कांग्रेस विधायक राजकुमार चब्बेवाल द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब में मानसिक रोगियों के इलाज के लिए विशेषज्ञों की कमी है। पंजाब में सिर्फ 35 डॉक्टर हैं लेकिन अभी मेंटल हेल्थ पॉलिसी को जेलों में शुरू किया गया है, क्योंकि जेलों में बार-बार नशे के कारण वापस आने वालों को इससे जोड़ा गया है। इन्हें ट्रीटमेंट के साथ कामकाज सिखाया जा रहा और बाद में सरकारी स्कीमों के तहत ग्रांट व लोन दिलवाया जाएगा, ताकि वह अपराध और नशे से दूर रहें।
कांग्रेस का वॉकआउट
सदन में जनता से जुड़े मुद्दों पर बहस के लिए अधिक समय देने और इसके लिए विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग कर रहे कांग्रेस सदस्यों ने स्पीकर कुलतार सिंह संधवां द्वारा उनकी मांग नहीं माने जाने पर सदन से वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस सदस्यों का आरोप था कि उन्हें राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति, नशा तस्करी समेत राज्य के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया।
पंजाब विधानसभा के दो दिवसीय सत्र के अंतिम दिन बुधवार को कांग्रेस सदस्यों ने नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के नेतृत्व में स्पीकर से राज्य के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए सत्र की अवधि बढ़ाने का आग्रह किया। पंजाब के मंत्री ब्रह्म शंकर जिम्पा द्वारा संपत्ति हस्तांतरण (पंजाब संशोधन) विधेयक 2023 पेश करने के बाद प्रताप बाजवा ने स्पीकर से उस प्रस्ताव की स्थिति के बारे में पूछा जो उन्होंने किसानों के मुद्दों पर केंद्र के खिलाफ प्रस्तावित किया था।
स्पीकर ने बाजवा से कहा कि उन्होंने प्रस्ताव के लिए उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया है। इसके बाद बाजवा ने स्पीकर से कानून व्यवस्था, नशा तस्करी और बेअदबी जैसे 10 महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाने के बारे में पूछा। स्पीकर ने बाजवा से कहा कि सदन में सभी अहम मुद्दों पर पहले ही चर्चा हो चुकी है।
इस पर बाजवा ने कहा, ‘हमें इन मुद्दों पर चर्चा के लिए समय चाहिए। विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। आप इसे शून्यकाल में दो मिनट के लिए नहीं रख सकते। कानून व्यवस्था पर इस तरह से चर्चा नहीं की जा सकती।’ जब स्पीकर ने उनके अनुरोधों पर ध्यान नहीं दिया तो कांग्रेस सदस्य वेल में आ गए। इस बीच जिंबा ने कार्यवाही में बाधा डालने पर कांग्रेस सदस्यों की आलोचना की और कहा कि वे विधानसभा का समय बर्बाद कर रहे हैं। बाद में कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।