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अभय चौटाला और इनेलो हरियाणा के सबसे बड़े गद्दार: सुरजेवाला
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
Updated Sat, 24 Jun 2017 09:21 AM IST
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अभय सिंह चौटाला पर बोले रणदीप सुरजेवाला
- फोटो : File Photo
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किसान व मजदूर बचाओ आंदोलन के तहत लघुसचिवालय के बाहर धरने पर पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बीजेपी व इनेलो पर निशाना साधा। उन्होंने एसवाईएल मुद्दे पर इनेलो पार्टी व अभय सिंह चौटाला को हरियाणा का सबसे बड़ा गद्दार बताया। उन्होंने कहा कि एसवाईएल पर राजनीति करने के स्थान पर हरियाणा को अपना हक लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि 1982 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कारण ही त्रिपक्षीय समझौता कर हरियाणा को 35 लाख एकड़ फीट पानी दिया गया। जब पंजाब में उग्रवाद फैला तो लोंगावाल समझौता के तहत इसे ईआईडी कमिश्नर द्वारा फिर 38 लाख फीट कर दिया गया। बाद में कोर्ट में कांग्रेस सरकार ने एसवाईएल पर केस लड़ा और उसका निर्णय हरियाणा के पक्ष में आ गया है, अब केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री को पहल करते हुए हरियाणा को उसके हक का पानी देना है।
किसान विरोधी है भाजपा
रणदीप सिंह सूरजेवाला ने बीजेपी को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व प्रदेश के सीएम मनोहर लाल खट्टर किसानों के लुटेरे हैं। चुनावों के दौरान बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र के पेज नंबर 44 में किसानों को लागत मूल्य का 50 प्रतिशत मुनाफा देने का वादा किया। मगर चुनाव जीतते ही कोर्ट में शपथ पत्र देकर कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। किसानों की फसल मूल्यों की तुलना करते हुए उन्होंने बताया कि कांग्रेस के राज में 1121 व 1509 धान का मूल्य 3 हजार रुपये प्रति क्विंटल का भाव था मगर बीजेपी सरकार में यह धान पिछले वर्ष 2250 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बिका।
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उन्होंने कहा कि 1982 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कारण ही त्रिपक्षीय समझौता कर हरियाणा को 35 लाख एकड़ फीट पानी दिया गया। जब पंजाब में उग्रवाद फैला तो लोंगावाल समझौता के तहत इसे ईआईडी कमिश्नर द्वारा फिर 38 लाख फीट कर दिया गया। बाद में कोर्ट में कांग्रेस सरकार ने एसवाईएल पर केस लड़ा और उसका निर्णय हरियाणा के पक्ष में आ गया है, अब केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री को पहल करते हुए हरियाणा को उसके हक का पानी देना है।
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किसान विरोधी है भाजपा
रणदीप सिंह सूरजेवाला ने बीजेपी को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व प्रदेश के सीएम मनोहर लाल खट्टर किसानों के लुटेरे हैं। चुनावों के दौरान बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र के पेज नंबर 44 में किसानों को लागत मूल्य का 50 प्रतिशत मुनाफा देने का वादा किया। मगर चुनाव जीतते ही कोर्ट में शपथ पत्र देकर कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। किसानों की फसल मूल्यों की तुलना करते हुए उन्होंने बताया कि कांग्रेस के राज में 1121 व 1509 धान का मूल्य 3 हजार रुपये प्रति क्विंटल का भाव था मगर बीजेपी सरकार में यह धान पिछले वर्ष 2250 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बिका।
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मगरमच्छों को फायदा पहुंचाने के लिए किया गेहूं का आयात
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला
- फोटो : अमर उजाला
मगरमच्छों को फायदा पहुंचाने के लिए किया गेहूं का आयात
उन्होंने कहा कि मोदी ने अप्रैल में तीन-चार बड़े मगरमच्छों को फायदा पहुंचाने के लिए आष्ट्रेलिया से 70 लाख टन गेहूं मंगवा लिया। कांग्रेस के समय जिस देश में 9 हजार करोड़ गेहूं का निर्यात होता था वर्तमान में अब यहां 4 हजार करोड़ का आयात किया जा रहा है। क्योंकि इन्हें दलाली का पैसा चाहिए।
किसानों के नहीं उद्योगपतियों के कर्जे किए जा रहे हैं माफ
सुरजेवाला ने आरोप लगाते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार 7 बड़े और कुछ और उद्योगपतियों के 4 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर सकती है तो 70 करोड़ किसानों का कर्ज माफ क्यों नहीं कर सकती? केंद्र सरकार और वित्तमंत्री अरुण जेटली कह रहे हैं कि किसानों के कर्ज माफ करना केंद्र का नहीं प्रदेश सरकारों का काम है तो उन्हें याद रखना चाहिए सरदार मनमोहन सिंह सराकर ने पिछले शासनकाल में 72 हजार करोड़ रुपये का किसान कर्ज माफ किया था।
बीमा कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए शुरू की थी फसल बीमा योजना
सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री बीमा योजना को कटघरे में खड़े करते हुए कहा कि वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 12 कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए शुरू की गई। इन कंपनियों ने किसानों से 17 हजार करोड़ रुपये प्रीमियम के लिए, लेकिन मुआवजे के रुप में महज 6 हजार करोड़ रुपए किसानों को दिए।
उन्होंने कहा कि मोदी ने अप्रैल में तीन-चार बड़े मगरमच्छों को फायदा पहुंचाने के लिए आष्ट्रेलिया से 70 लाख टन गेहूं मंगवा लिया। कांग्रेस के समय जिस देश में 9 हजार करोड़ गेहूं का निर्यात होता था वर्तमान में अब यहां 4 हजार करोड़ का आयात किया जा रहा है। क्योंकि इन्हें दलाली का पैसा चाहिए।
किसानों के नहीं उद्योगपतियों के कर्जे किए जा रहे हैं माफ
सुरजेवाला ने आरोप लगाते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार 7 बड़े और कुछ और उद्योगपतियों के 4 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर सकती है तो 70 करोड़ किसानों का कर्ज माफ क्यों नहीं कर सकती? केंद्र सरकार और वित्तमंत्री अरुण जेटली कह रहे हैं कि किसानों के कर्ज माफ करना केंद्र का नहीं प्रदेश सरकारों का काम है तो उन्हें याद रखना चाहिए सरदार मनमोहन सिंह सराकर ने पिछले शासनकाल में 72 हजार करोड़ रुपये का किसान कर्ज माफ किया था।
बीमा कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए शुरू की थी फसल बीमा योजना
सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री बीमा योजना को कटघरे में खड़े करते हुए कहा कि वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 12 कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए शुरू की गई। इन कंपनियों ने किसानों से 17 हजार करोड़ रुपये प्रीमियम के लिए, लेकिन मुआवजे के रुप में महज 6 हजार करोड़ रुपए किसानों को दिए।