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पीजीआई के स्टूडेंट डॉ. रणदीप गुलेरिया बने एम्स के डायरेक्टर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 25 Mar 2017 11:45 AM IST
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Randeep Guleria newly appointed AIIMS director. (File)
- फोटो : File Photo
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पीजीआई के मेडिसिन विभाग में एमडी और पल्मनरी इन मेडिसिन में डीएम के स्टूडेंट रहे डॅा. रणदीप गुलेरिया को शुक्रवार को एम्स का डायरेक्टर चुना गया। पीजीआई में उनके टीचर रहे व पल्मनरी मेडिसिन के एचओडी डॉ. डी बेहरा ने बताया कि डॉ. गुलेरिया बहुत ही मेहनती व काबिल डॉक्टर हैं।
वर्ष 1989 में उन्होंने पल्मनरी इन मेडिसिन के कोर्स में दाखिला लिया था। वर्ष 1991 में जब पासआउट हुए तो वे देश के पहले डीएम (डाक्टोरेट आफ मेडिसिन) डिग्री हासिल करने वाले स्टूडेंट बन गए। उसके बाद उनकी नियुक्ति एम्स के मेडिसिन डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर हुई।
डॉ. बेहरा के मुताबिक उनकी देखरेख में एम्स में पल्मनरी डिपार्टमेंट की स्थापना हुई और वे उस डिपार्टमेंट के हेड आफ डिपार्टमेंट बने। उसके बाद उन्होंने एम्स में भी डीएम का कोर्स शुरू करवाया। डॉ. गुलेरिया देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के पर्सलन फिजीशियन रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और वित्त मंत्री अरुण जेटली की बीमारी का भी इलाज किया है।
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वर्ष 1989 में उन्होंने पल्मनरी इन मेडिसिन के कोर्स में दाखिला लिया था। वर्ष 1991 में जब पासआउट हुए तो वे देश के पहले डीएम (डाक्टोरेट आफ मेडिसिन) डिग्री हासिल करने वाले स्टूडेंट बन गए। उसके बाद उनकी नियुक्ति एम्स के मेडिसिन डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर हुई।
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डॉ. बेहरा के मुताबिक उनकी देखरेख में एम्स में पल्मनरी डिपार्टमेंट की स्थापना हुई और वे उस डिपार्टमेंट के हेड आफ डिपार्टमेंट बने। उसके बाद उन्होंने एम्स में भी डीएम का कोर्स शुरू करवाया। डॉ. गुलेरिया देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के पर्सलन फिजीशियन रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और वित्त मंत्री अरुण जेटली की बीमारी का भी इलाज किया है।
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हिमाचल से रखते हैं ताल्लुक
रणदीप गुलेरिया
- फोटो : File Photo
डॉ. बेहरा का कहना है कि पीजीआई में डॉ. जगतराम और एम्स में डॉ. गुलेरिया के डायरेक्टर बनने से देश में रिसर्च और पेशेंट केयर के क्षेत्र में एक नई ऊर्जा देखने को मिलेगी। दोनों ही अपने पेशे के प्रति बहुत ही समर्पित हैं।
हिमाचल से रखते हैं ताल्लुक
डॉ. रणदीप गुलेरिया भी हिमाचल के रहने वाले हैं। इससे पहले पीजीआई के डायरेक्टर बने डॉ. जगतराम भी हिमाचल के सिरमौर जिले के रहने वाले हैं। इससे हिमाचल के लोग काफी खुश हैं। चंडीगढ़ में ट्रांसपोर्ट का काम करने वाले अजय ठाकुर ने बताया कि दोनों की नियुक्ति से हिमाचल का नाम रोशन हुआ है। दोनों की उपलब्धि से प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
हिमाचल से रखते हैं ताल्लुक
डॉ. रणदीप गुलेरिया भी हिमाचल के रहने वाले हैं। इससे पहले पीजीआई के डायरेक्टर बने डॉ. जगतराम भी हिमाचल के सिरमौर जिले के रहने वाले हैं। इससे हिमाचल के लोग काफी खुश हैं। चंडीगढ़ में ट्रांसपोर्ट का काम करने वाले अजय ठाकुर ने बताया कि दोनों की नियुक्ति से हिमाचल का नाम रोशन हुआ है। दोनों की उपलब्धि से प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।