{"_id":"59a5402c4f1c1bee278b4590","slug":"ram-rahim-sentenced-in-sadhvi-rape-case-panchkula-violence-dead-people-postmartum","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"राम रहीम केसः हिंसा में मारे गए लोगों के पोस्टमार्टम में खुलासा, पीठ पर मारी गोलियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राम रहीम केसः हिंसा में मारे गए लोगों के पोस्टमार्टम में खुलासा, पीठ पर मारी गोलियां
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला(हरियाणा)
Updated Wed, 30 Aug 2017 09:29 AM IST
विज्ञापन
Ram Rahim Verdict
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
25 अगस्त को साध्वी रेप केस में राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद डेराप्रेमियों ने उपद्रव मचाया। इसमें मारे गए लोगों के पोस्टमार्टम में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दरअसल, हिंसा में अधिकतर मौतें गोली लगने से हुईं। पोस्टमार्टम के दौरान शवों से करीब 50 गोलियां निकाली गईं।
इनमें अधिकतर शरीर के ऊपरी हिस्से (सिर, गले, छाती, कंधे, चेहरे) में लगी हैं। गोलियां इंसास और एसएलआर रायफल की हैं। इंसास रायफल अर्धसैनिक बल और एसएलआर हरियाणा पुलिस इस्तेमाल करती है। पंचकूला सिविल अस्पताल बरामद बुलेट को फोरेंसिक जांच के लिए मधुबन लैब भेजेगा।
दंगाइयों की तरफ से हमला किए जाने के बाद सुरक्षा बलों ने ये गोलियां चलाईं थीं, ताकि जान माल का नुकसान रोका जा सके। वहीं उग्र भीड़ ने हैफेड और सेक्टर-तीन में हाथों में हथियार, पेट्रोल बम और केमिकल पाउडर लेकर हिंसा और आगजनी की।
विज्ञापन
इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने हवाई फायरिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। जब सब्र का बांध टूट गया और दंगाइयों ने पुलिस और मीडिया कर्मियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। डेरा समर्थकों में कई ऐसे भी थे, जिनके परिजनों को बस इतना मालूम था कि पंचकूला में संगत जा रही है।
विज्ञापन
इनमें अधिकतर शरीर के ऊपरी हिस्से (सिर, गले, छाती, कंधे, चेहरे) में लगी हैं। गोलियां इंसास और एसएलआर रायफल की हैं। इंसास रायफल अर्धसैनिक बल और एसएलआर हरियाणा पुलिस इस्तेमाल करती है। पंचकूला सिविल अस्पताल बरामद बुलेट को फोरेंसिक जांच के लिए मधुबन लैब भेजेगा।
विज्ञापन
दंगाइयों की तरफ से हमला किए जाने के बाद सुरक्षा बलों ने ये गोलियां चलाईं थीं, ताकि जान माल का नुकसान रोका जा सके। वहीं उग्र भीड़ ने हैफेड और सेक्टर-तीन में हाथों में हथियार, पेट्रोल बम और केमिकल पाउडर लेकर हिंसा और आगजनी की।
विज्ञापन
इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने हवाई फायरिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। जब सब्र का बांध टूट गया और दंगाइयों ने पुलिस और मीडिया कर्मियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। डेरा समर्थकों में कई ऐसे भी थे, जिनके परिजनों को बस इतना मालूम था कि पंचकूला में संगत जा रही है।
हिंसक गतिविधियों के लिए दंगाइयों ने ली थी ट्रेनिंग
Ram Rahim Verdict
दंगाइयों के बीच एक ऐसा गुट था, जिन्हें किसी ऐसे संगठन ने ट्रेनिंग दी थी जो पहले से ही हिंसक गतिविधियों में लिप्त रहा है। केमिकल्स का इस्तेमाल हो या चंद मिनटों पर अधिक से अधिक बर्बादी के लिए प्रशिक्षित उपद्रवियों की पहचान के लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है।
गौरतबल है कि 25 अगस्त दिन शुक्रवार को जैसे ही सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने राम रहीम को साध्वी रेप केस में दोषी करार दिया, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली-एनसीआर और जम्मू के कुछ हिस्सों में हिंसा शुरू हो गई। हरियाणा के पंचकूला, सिरसा, रोहतक, अंबाला, मनसा और पंजाब के संगरुर सहित कई शहरों में हिंसा की आग भड़की।
डेराप्रेमियों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। पंचकूला में तो डेरा समर्थक रिहाइशी इलाकों में घुस गए। उन्हें रोकने के लिए अर्धसैनिक बलों और पुलिस के जवानों ने जवाबी कार्रवाई की। फैसले के बाद डेरा समर्थक इतने भड़क गए कि उन्हें काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
हवाई फायरिंग के साथ साथ पुलिस बल ने उन पर गोलियां भी चलाई। इस हिंसा में करीब 38 डेरा समर्थकों की मौत हो गई। 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए। सबसे ज्यादा मौत पंचकूला में हुई थी।
गौरतबल है कि 25 अगस्त दिन शुक्रवार को जैसे ही सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने राम रहीम को साध्वी रेप केस में दोषी करार दिया, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली-एनसीआर और जम्मू के कुछ हिस्सों में हिंसा शुरू हो गई। हरियाणा के पंचकूला, सिरसा, रोहतक, अंबाला, मनसा और पंजाब के संगरुर सहित कई शहरों में हिंसा की आग भड़की।
डेराप्रेमियों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। पंचकूला में तो डेरा समर्थक रिहाइशी इलाकों में घुस गए। उन्हें रोकने के लिए अर्धसैनिक बलों और पुलिस के जवानों ने जवाबी कार्रवाई की। फैसले के बाद डेरा समर्थक इतने भड़क गए कि उन्हें काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
हवाई फायरिंग के साथ साथ पुलिस बल ने उन पर गोलियां भी चलाई। इस हिंसा में करीब 38 डेरा समर्थकों की मौत हो गई। 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए। सबसे ज्यादा मौत पंचकूला में हुई थी।